
Griha Pravesh Muhurat 2026: नए साल में करने वाले हैं गृह प्रवेश? यहां जान लें 2026 के शुभ मुहूर्त
अगर आप नए साल पर अपने नए घर में एंट्री लेने वाले हैं तो शुभ मुहूर्त के बारे में जानना जरूरी है। कोशिश करें कि 2026 के शुभ मुहूर्त पर ही आप नए घर की पूजा करवाएं। इसी के साथ कुछ और बातों का ध्यान रखना जरूरी है। इन्हें नीचे जानें विस्तार से…
Griha Pravesh Shubh Muhurat: अपना खुद का घर लेना किसी भी इंसान के लिए सपने के पूरे होने जैसा है। अपना घर बनाने में लोग किसी भी तरह की कमी नहीं होने देना चाहते हैं। ठीक इसी तरह नए घर में हर एक चीज को विधि विधान के साथ करना भी जरूरी है। अगर आप नए साल पर गृह प्रवेश करवाने वाले हैं तो इसके लिए सही मुहूर्त का चुनना जरूरी है। बता दें कि साल 2026 के कुछ महीनों को छोड़कर बाकी सबमें कई ऐसे शुभ दिन हैं, जब आप अपने नए घर की पूजा करवा सकते हैं। नए साल में कई शुभ योग और ग्रह स्थितियां साथ आ रही हैं। बता दें कि पंचांग, नक्षत्र, वार, तिथि और लग्न को ध्यान में रखकर ही ग्रह प्रवेश के लिए शुभ मुहूर्त का चुनाव होता है।
गृह प्रवेश 2026 के शुभ मुहूर्त की लिस्ट
जनवरी: गृह प्रवेश के लिए कोई शुभ मुहूर्त नहीं है।
फरवरी: 6, 11, 19, 20, 21, 25, 26
मार्च: 4, 5, 6, 9, 13, 14
अप्रैल: 20
मई: 4, 8, 13
जून: 24, 26, 27
जुलाई: 1, 2, 6
नवंबर: 11, 14, 20, 21, 25, 26
दिसंबर: 2, 3, 4, 11, 12, 18, 19, 30
इन तीन दिनों में ना करवाएं गृह प्रवेश
बता दें कि तारीख के साथ-साथ सही दिन का चुनाव भी जरूरी है। कई बार ऐसा होता है कि तारीख तो सही है लेकिन दिन गड़बड़ हो जाता है। गृह प्रवेश के लिए तारीख से ज्यादा दिन को तवज्जो देंगे तो आपको कई लाभ मिल सकते हैं और ये वास्तु के लिहाज से भी काफी सही होते हैं। वास्तु शास्त्र की मानें तो हफ्ते के तीन दिन ऐसे होते हैं, जिस दिन गृह प्रवेश नहीं करना चाहिए। शास्त्र के अनुसार मंगलवार, शनिवार और रविवार के दिन गृह प्रवेश ना ही करें तो बेहतर होता है।
इस दिन करें गृह प्रवेश पूजा
सोमवार, बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार के दिन गृह प्रवेश करना सही होता है। इसी के साथ सुबह के समय में ही पूजा करवा लेना शुभ होगा। इस बात का भी विशेष ध्यान रखें कि राहुकाल के वक्त गृह प्रवेश ना किया जाए। दरअसल राहुकाल किसी भी नए काम के लिए सही नहीं माना जाता है।
डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए वास्तुशास्त्र विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)





