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Goverdhan Puja 2024:गोवर्धन पूजा के दिन भगवान गिरिराज की कितनी बार परिक्रमा लगाना चाहिए?

Goverdhan Puja 2024:गोवर्धन पूजा के दिन भगवान गिरिराज की कितनी बार परिक्रमा लगाना चाहिए?

संक्षेप:

  • Goverdhan Puja 2024 : हर साल कार्तिक माह शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को गोवर्धन पूजा की जाती है। इस दिन गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा करना बेहद शुभ होता है। मान्यता है कि इससे जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं।

Nov 01, 2024 02:58 pm ISTArti Tripathi लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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Goverdhan Puja 2024 : इस साल 2 नवंबर को गोवर्धन पूजा है। इस शुभ दिन पर गोवर्धन पर्वत,गाय और प्रभु श्रीकृष्णजी की पूजा की जाती है। गोवर्धन पूजा के दिन गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा करना भी बेहद शुभ माना जाता है। दिवाली के अगले दिन गोवर्धन पूजा मनाया जाता है, लेकिन इस साल पंचांग में तिथियों के घटने और बढ़ने के कारण दो दिन 31 अक्टूबर और 1 नवंबर को दिवाली मनाया जा रहा। वहीं, 2 नवंबर को गोवर्धन पूजा की जाएगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवावन कृष्ण, गोवर्धन पर्वत और गाय की पूजा-अर्चना करना अच्छा माना जाता है। कृष्णजी की पूजा के साथ उन्हें 56 भोग लगाया जाता है और गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा भी की जाती है। आइए जानते हैं गोवर्धन पर्वत के दिन गिरिराज कितनी परिक्रमा करनी चाहिए, महत्व और लाभ...

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गोवर्धन पूजा के दिन गोवर्धन पर्वत कितनी परिक्रमा करनी चाहिए?

गोवर्धन पूजा के गोबर से बने गिरिराज जी की या 11 बार परिक्रमा करनी चाहिए। यह परिक्रमा पूरे परिवार के साथ लगाएं। मान्यता है कि इससे घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है। गृह-क्लेश से मुक्ति मिलती है और जीवन सुखमय रहता है। गोवर्धन पूजा सुख-सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। गिरिराज पर्वत को भगवान कृष्ण का स्वरूप माना गया है। इस दिन गिरिराज जी की परिक्रमा लगाने से व्यक्ति को मनोवाछित फलों की प्राप्ति होती है।

गोवर्धन पर्वत परिक्रमा का महत्व : उत्तर प्रदेश के वृंदावन से 22 किलोमीटर दूर गोवर्धन पर्वत स्थित है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, गोवर्धन पर्वत को श्रीकृष्ण का स्वरूप माना जाता है। इसे गिरिराज भी कहा जाता है। मान्यता है कि गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा करने से साधक के सभी दुख-कष्ट दूर होते हैं, लेकिन गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा करना बेहद मुश्किल है। परिक्रमा के दौरान 21 किलोमीटर तक नंगे पैर चलता होता है, जिसमें करी 10 से 12 घंटे लगते हैं।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य है और सटीक है। इन्हें अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Arti Tripathi

लेखक के बारे में

Arti Tripathi
आरती त्रिपाठी लाइव हिन्दुस्तान की कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। यहां वह धर्म और करियर से जुड़ी खबरें देखती हैं। आरती उत्तर प्रदेश राज्य के गोण्डा शहर की रहने वाली हैं। आरती ने भारतीय जनसंचार संस्थान से हिन्दी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है और उन्हें इस संस्थान में आई.आई.एम.सी. पुरस्कार भी सम्मानित किया गया है। वह दिल्ली यूनिवर्सिटी की भी छात्रा रही हैं। अपने करियर की शुरुआत लाइव हिन्दुस्तान से की है और पिछले 2 वर्षों से इसी संस्थान से जुड़ी हुई हैं। लाइव हिन्दुस्तान में धर्म-करियर के अलावा मनोरंजन, लाइफस्टाइल,फैशन, ट्रेंडिंग टीम का हिस्सा रहीं हैं। और पढ़ें
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