


भगवान श्री कृष्ण विष्णु जी केअवतार माने जाते हैं। भगवान कृष्ण का जन्म मथुरा में हुआ, वे देवकी और वसुदेव के पुत्र थे। भगवान कृष्ण द्वापर युग में बुधवार के दिन रोहिणी नक्षत्र में भाद्रपद मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को जन्मे थे। भागवत पुराण में भगवान कृष्ण की लीलाओं का वर्णन किया गया है। भगवान श्री कृष्ण की महाभारत के युद्ध में बहुत बड़ी भूमिका थी, उन्होंने अर्जुन का सारथी बनकर इस युद्ध में गीता का उपदेश दिया।


गणेश जी के ये 4 शक्तिशाली उपाय काम में आ रही रुकावट, बाधा और विघ्नों को दूर करते हैं। मोदक, दूर्वा, सिंदूर और गणेश मंत्र जाप से भगवान गणेश प्रसन्न होकर सफलता, करियर और व्यापार में उन्नति देते हैं। जानें आसान उपाय।

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भगवान कृष्ण का जन्म भाद्रपद मास की अष्टमी तिथि को मथुरा में हुआ था।
बांसुरी उनके प्रेम, आनंद और संगीत के प्रतीक के रूप में जानी जाती है, जो भक्तों को अपनी ओर आकर्षित करती है।
जन्माष्टमी पर भक्त उपवास रखते हैं, मध्यरात्रि में भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव मनाते हैं और मक्खन-मिश्री का भोग लगाते हैं।