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बजरंगबली हैं भगवान शिव के ग्यारहवें रुद्र अवतार, अष्ट सिद्धि और नव निधि के दाता, चिरंजीवी हनुमान बल, बुद्धि, साहस और निस्वार्थ भक्ति का हैं प्रतीक

Shri Hanuman Chalisa (श्री हनुमान चालीसा गुरु चरन सरोज रज )

आज मंगलवार, 18 अगस्त है। Hanuman Chalisa Lyrics: मंगलवार के दिन हनुमान चालीसा का श्रद्धापूर्वक जप करना शुभ माना जाता है साथ ही हनुमान जी को सिंदूर, चमेली का तेल, लाल फूल, गुड़-चना और बूंदी के लड्डू भी अर्पित करते हैं। मंगलवार का दिन भगवान हनुमान की की पूजा-अर्चना, व्रत और आराधना के लिए समर्पित होता है।

हनुमान चालीसा

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  • हनुमान चालीसा

  • श्रीगुरु चरन सरोज रज, निजमन मुकुरु सुधारि।
    बरनउं रघुबर बिमल जसु, जो दायक फल चारि।।
    बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन-कुमार।
    बल बुधि बिद्या देहु मोहिं, हरहु कलेस बिकार।।

  • चौपाई
  • जय हनुमान ज्ञान गुन सागर। जय कपीस तिहुं लोक उजागर।।
    राम दूत अतुलित बल धामा। अंजनि-पुत्र पवनसुत नामा।।


  • महाबीर बिक्रम बजरंगी। कुमति निवार सुमति के संगी।।
    कंचन बरन बिराज सुबेसा। कानन कुण्डल कुँचित केसा।।


  • हाथ बज्र औ ध्वजा बिराजे। कांधे मूंज जनेउ साजे।।
    शंकर सुवन केसरी नंदन। तेज प्रताप महा जग वंदन।।


  • बिद्यावान गुनी अति चातुर। राम काज करिबे को आतुर।।
    प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया। राम लखन सीता मन बसिया।।


  • सूक्ष्म रूप धरि सियहिं दिखावा। बिकट रूप धरि लंक जरावा।।
    भीम रूप धरि असुर संहारे। रामचन्द्र के काज संवारे।।


  • लाय सजीवन लखन जियाये। श्री रघुबीर हरषि उर लाये।।
    रघुपति कीन्ही बहुत बड़ाई। तुम मम प्रिय भरतहि सम भाई।।


  • सहस बदन तुम्हरो जस गावैं। अस कहि श्रीपति कण्ठ लगावैं।।
    सनकादिक ब्रह्मादि मुनीसा। नारद सारद सहित अहीसा।।


  • जम कुबेर दिगपाल जहां ते। कबि कोबिद कहि सके कहां ते।।
    तुम उपकार सुग्रीवहिं कीन्हा। राम मिलाय राज पद दीन्हा।।


  • तुम्हरो मंत्र बिभीषन माना। लंकेश्वर भए सब जग जाना।।
    जुग सहस्र जोजन पर भानु। लील्यो ताहि मधुर फल जानू।।


  • प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माहीं। जलधि लांघि गये अचरज नाहीं।।
    दुर्गम काज जगत के जेते। सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते।।


  • राम दुआरे तुम रखवारे। होत न आज्ञा बिनु पैसारे।।
    सब सुख लहै तुम्हारी सरना। तुम रच्छक काहू को डर ना।।


  • आपन तेज सम्हारो आपै। तीनों लोक हांक तें कांपै।।
    भूत पिसाच निकट नहिं आवै। महाबीर जब नाम सुनावै।।


  • नासै रोग हरे सब पीरा। जपत निरन्तर हनुमत बीरा।।
    संकट तें हनुमान छुड़ावै। मन क्रम बचन ध्यान जो लावै।।


  • सब पर राम तपस्वी राजा। तिन के काज सकल तुम साजा।।
    और मनोरथ जो कोई लावै। सोई अमित जीवन फल पावै।।


  • चारों जुग परताप तुम्हारा। है परसिद्ध जगत उजियारा।।
    साधु संत के तुम रखवारे।। असुर निकन्दन राम दुलारे।।


  • अष्टसिद्धि नौ निधि के दाता। अस बर दीन जानकी माता।।
    राम रसायन तुम्हरे पासा। सदा रहो रघुपति के दासा।।


  • तुम्हरे भजन राम को पावै। जनम जनम के दुख बिसरावै।।
    अंत काल रघुबर पुर जाई। जहां जन्म हरिभक्त कहाई।।


  • और देवता चित्त न धरई। हनुमत सेइ सर्ब सुख करई।।
    सङ्कट कटै मिटै सब पीरा। जो सुमिरै हनुमत बलबीरा।।


  • जय जय जय हनुमान गोसाईं। कृपा करहु गुरुदेव की नाईं।।
    जो सत बार पाठ कर कोई। छूटहि बन्दि महा सुख होई।।


  • जो यह पढ़ै हनुमान चालीसा। होय सिद्धि साखी गौरीसा।।
    तुलसीदास सदा हरि चेरा। कीजै नाथ हृदय महं डेरा।।


  • दोहा
  • पवनतनय संकट हरन, मंगल मूरति रूप।
    राम लखन सीता सहित, हृदय बसहु सुर भूप।।

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भगवान हनुमान के त्यौहार एवं तिथियाँ

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  • उपवास और त्यौहार तिथि
  • राम नवमीगुरुवार, 26 मार्च, 2026
  • हनुमान जयंतीगुरुवार, 02 अप्रैल, 2026
  • हनुमान विजय उत्सवशुक्रवार, 3 अप्रैल, 2026
  • हनुमान प्राकट्य दिवसशनिवार, 7 नवंबर, 2026
  • दीपावली (हनुमान पूजन)रविवार, 8 नवंबर, 2026

हनुमान जी के प्रमुख मंदिर

  • मंदिर स्थान
  • संकट मोचन हनुमान मंदिरवाराणसी, उत्तर प्रदेश
  • बालाजी हनुमान मंदिरसलेम, तमिलनाडु
  • श्री पंचमुखी हनुमान मंदिरकराची, सिंध, पाकिस्तान
  • सालासर बालाजी मंदिरसालासर, राजस्थान
  • महावीर मंदिरपटना, बिहार
  • कलेश्वरनाथ हनुमान मंदिरसासाराम, बिहार
  • दिगंबर जयंती हनुमान मंदिरदिल्ली, दिल्ली
  • श्री हनुमान मंदिर, कनॉट प्लेसकनॉट प्लेस, दिल्ली
  • यन्त्राधारक हनुमान मंदिरउज्जैन, मध्य प्रदेश
  • आंजनेय मंदिरमुंबई, महाराष्ट्र
  • मणकुला विनयगर हनुमान मंदिरपुडुचेरी, पुडुचेरी
  • कूथंडावर हनुमान मंदिरचिदंबरम, तमिलनाडु
  • श्री भूतनाथ हनुमान मंदिरहम्पी, कर्नाटक
  • डोड्डा अंजनेय मंदिरबंगलुरु, कर्नाटक
  • परिताला अंजनेय मंदिरपरिताला, आंध्र प्रदेश

हनुमान चालीसा का महत्व

हिंदू धर्म में हनुमान चालीसा का पाठ अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है। यह सिर्फ पाठ का जाप नहीं बल्कि भय, तनाव और नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति पाने का आध्यात्मिक उपाय भी है। हनुमान जी को 'संकट मोचन' (संकट को हरने वाला) कहा जाता है। मान्यता है कि हनुमान चालीसा का प्रतिदिन जाप करने से आत्मविश्वास में वृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। मंगल ग्रह की स्थिति मजबूत होती है।

हनुमान चालीसा पढ़ने के लाभ

हनुमान चालीसा का नियमित और निरंतर पाठ करने से नकारात्मक ऊर्जाओं का नाश होता है। यह सुरक्षा कवच की तरह काम करता है। इससे हर प्रकार के नजर दोष और भय के साथ शारीरिक कष्टों से मुक्ति मिलती है। चिंता-मानसिक तनाव से राहत मिलती है। इसका नियमित पाठ करने से हनुमान जी का आशीर्वाद मिलता है और शनि की साढ़ेसाती-ढैय्या के साथ राहु-केतु के अशुभ प्रभाव कम होते हैं।

हनुमान चालीसा का पाठ कब करना चाहिए?

हनुमान चालीसा पढ़ने के लिए किसी एक समय की कोई पाबंदी नहीं है। जब भी मन करे और समय मिले, श्रद्धा के साथ इसका पाठ किया जा सकता है। फिर भी धर्म ग्रंथों में कुछ समय ऐसे बताए गए हैं, जिन्हें पूजा-पाठ के लिए अच्छा माना जाता है। सुबह ब्रह्म मुहूर्त में हनुमान चालीसा का पाठ करना विशेष फलदायी माना जाता है। यह समय सुबह करीब 4 बजे से 6 बजे के बीच का होता है। शाम को सूर्यास्त के बाद भी हनुमान चालीसा का पाठ करना शुभ माना जाता है। मंगलवार और शनिवार को हनुमान जी का दिन माना जाता है। इसलिए इन दोनों दिनों में चालीसा का पाठ करने का खास महत्व बताया गया है। मान्यता है कि इन दिनों पूरे मन से हनुमान जी का स्मरण करने और चालीसा पढ़ने से उनकी कृपा बनी रहती है।

हनुमान चालीसा का अर्थ

प्रारंभिक दोहा:
श्रीगुरु चरन सरोज रज, निज मन मुकुर सुधारि। बरनउँ रघुवर बिमल जसु, जो दायक फल चारि॥ अर्थ:श्री गुरु महाराज के चरण कमलों की धूलि से अपने मन रूपी दर्पण को पवित्र करके श्री रघुवीर के निर्मल यश का वर्णन करता हूं, जो चारों फल धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष को देने वाला है।
समापन दोहा:
पवन तनय संकट हरन, मंगल मूरति रूप। राम लखन सीता सहित, हृदय बसहु सूरभूप॥ अर्थ- हे संकट मोचन पवन कुमार! आप आनंद मंगलों के स्वरूप हैं। हे देवराज! आप श्री राम, सीता जी और लक्ष्मण सहित मेरे हृदय में निवास कीजिए।

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हनुमान चालीसा से जुड़े FAQs

  • हनुमान चालीसा कितनी बार पढ़नी चाहिए?

    शास्त्रों के अनुसार, हनुमान चालीसा पढ़ने की कोई संख्या तय नहीं है, इसके भक्ति भाव से सामर्थ्यनुसार पढ़ा जा सकता है। हनुमान चालीसा को दिन में एक बार भी पढ़ा जा सकता है। जबकि कई हनुमान जी के भक्त इसे अपनी श्रद्धानुसार 7, 11, 21, 40 या 108 बार भी पाठ करते हैं। मान्यता है कि नियमित रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करने से अक्षय फल की प्राप्ति होती है।

  • क्या महिलाएं हनुमान चालीसा पढ़ सकती हैं?

    हां, हनुमान जी की महिला भक्त भी श्रद्धा और भक्ति के साथ हनुमान चालीसा का पाठ कर सकती हैं। धार्मिक ग्रंथों में ऐसा कोई सार्वभौमिक निषेध नहीं है। हालांकि कुछ परिवार या स्थानों पर हनुमान जी की पूजा से जुड़े कई नियम हैं, जिनका पालन करके उनकी उपासना या भक्ति की जा सकती है।

  • हनुमान चालीसा का सबसे शक्तिशाली दोहा कौन सा है?

    हिंदू धर्म ग्रंथों में हनुमान चालीसा की सभी चौपाइयां और दोहे समान रूप से महत्वपूर्ण माने गए हैं। संकट और कष्टों के निवारण के लिए अंतिम दोहा सबसे प्रभावी माना जाता है, जो कि इस प्रकार है: "संकट कटै मिटै सब पीरा। जो सुमिरै हनुमत बलबीरा।।"

  • हनुमान चालीसा में कितनी चौपाइयां और दोहे हैं?

    हनुमान चालीसा में कुल 40 चौपाइयां और शुरुआत तथा अंत में एक-एक दोहा है। इसी कारण इसे "चालीसा" कहा जाता है, क्योंकि 'चालीसा' शब्द का अर्थ चालीस होता है।

  • हनुमान चालीसा कैसे पढ़ें

    हनुमान चालीसा का पाठ करने से पहले स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनना, पूजा स्थान को साफ रखना और भगवान श्रीराम व भगवान हनुमान का ध्यान करना शुभ माना जाता है। पाठ के दौरान एकाग्र मन, स्पष्ट उच्चारण और श्रद्धा का विशेष महत्व बताया गया है। पूजा के बाद प्रसाद अर्पित कर आरती करना भी शुभ माना जाता है।

  • हनुमान चालीसा के लाभ क्या हैं?

    भय, नकारात्मक ऊर्जा, मानसिक तनाव और बाधाओं से राहत मिलती है।