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बजरंगबली हैं भगवान शिव के ग्यारहवें रुद्र अवतार, अष्ट सिद्धि और नव निधि के दाता, चिरंजीवी हनुमान बल, बुद्धि, साहस और निस्वार्थ भक्ति का हैं प्रतीक

हनुमान चालीसा श्रीगुरु चरन सरोज रज ( Hanuman chalisa Lyrics)

हनुमान चालीसा

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    हनुमान चालीसा


  • श्रीगुरु चरन सरोज रज, निजमन मुकुरु सुधारि।
    बरनउं रघुबर बिमल जसु, जो दायक फल चारि।।
    बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन-कुमार।
    बल बुधि बिद्या देहु मोहिं, हरहु कलेस बिकार।।

  • चौपाई
  • जय हनुमान ज्ञान गुन सागर। जय कपीस तिहुं लोक उजागर।।
    राम दूत अतुलित बल धामा। अंजनि-पुत्र पवनसुत नामा।।


  • महाबीर बिक्रम बजरंगी। कुमति निवार सुमति के संगी।।
    कंचन बरन बिराज सुबेसा। कानन कुण्डल कुँचित केसा।।


  • हाथ बज्र औ ध्वजा बिराजे। कांधे मूंज जनेउ साजे।।
    शंकर सुवन केसरी नंदन। तेज प्रताप महा जग वंदन।।


  • बिद्यावान गुनी अति चातुर। राम काज करिबे को आतुर।।
    प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया। राम लखन सीता मन बसिया।।


  • सूक्ष्म रूप धरि सियहिं दिखावा। बिकट रूप धरि लंक जरावा।।
    भीम रूप धरि असुर संहारे। रामचन्द्र के काज संवारे।।


  • लाय सजीवन लखन जियाये। श्री रघुबीर हरषि उर लाये।।
    रघुपति कीन्ही बहुत बड़ाई। तुम मम प्रिय भरतहि सम भाई।।


  • सहस बदन तुम्हरो जस गावैं। अस कहि श्रीपति कण्ठ लगावैं।।
    सनकादिक ब्रह्मादि मुनीसा। नारद सारद सहित अहीसा।।


  • जम कुबेर दिगपाल जहां ते। कबि कोबिद कहि सके कहां ते।।
    तुम उपकार सुग्रीवहिं कीन्हा। राम मिलाय राज पद दीन्हा।।


  • तुम्हरो मंत्र बिभीषन माना। लंकेश्वर भए सब जग जाना।।
    जुग सहस्र जोजन पर भानु। लील्यो ताहि मधुर फल जानू।।


  • प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माहीं। जलधि लांघि गये अचरज नाहीं।।
    दुर्गम काज जगत के जेते। सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते।।


  • राम दुआरे तुम रखवारे। होत न आज्ञा बिनु पैसारे।।
    सब सुख लहै तुम्हारी सरना। तुम रच्छक काहू को डर ना।।


  • आपन तेज सम्हारो आपै। तीनों लोक हांक तें कांपै।।
    भूत पिसाच निकट नहिं आवै। महाबीर जब नाम सुनावै।।


  • नासै रोग हरे सब पीरा। जपत निरन्तर हनुमत बीरा।।
    संकट तें हनुमान छुड़ावै। मन क्रम बचन ध्यान जो लावै।।


  • सब पर राम तपस्वी राजा। तिन के काज सकल तुम साजा।।
    और मनोरथ जो कोई लावै। सोई अमित जीवन फल पावै।।


  • चारों जुग परताप तुम्हारा। है परसिद्ध जगत उजियारा।।
    साधु संत के तुम रखवारे।। असुर निकन्दन राम दुलारे।।


  • अष्टसिद्धि नौ निधि के दाता। अस बर दीन जानकी माता।।
    राम रसायन तुम्हरे पासा। सदा रहो रघुपति के दासा।।


  • तुम्हरे भजन राम को पावै। जनम जनम के दुख बिसरावै।।
    अंत काल रघुबर पुर जाई। जहां जन्म हरिभक्त कहाई।।


  • और देवता चित्त न धरई। हनुमत सेइ सर्ब सुख करई।।
    सङ्कट कटै मिटै सब पीरा। जो सुमिरै हनुमत बलबीरा।।


  • जय जय जय हनुमान गोसाईं। कृपा करहु गुरुदेव की नाईं।।
    जो सत बार पाठ कर कोई। छूटहि बन्दि महा सुख होई।।


  • जो यह पढ़ै हनुमान चालीसा। होय सिद्धि साखी गौरीसा।।
    तुलसीदास सदा हरि चेरा। कीजै नाथ हृदय महं डेरा।।


  • दोहा
  • पवनतनय संकट हरन, मंगल मूरति रूप।
    राम लखन सीता सहित, हृदय बसहु सुर भूप।।

हनुमान चालीसा

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  • उपवास और त्यौहार तिथि
  • राम नवमीगुरुवार, 26 मार्च, 2026
  • हनुमान जयंतीगुरुवार, 02 अप्रैल, 2026
  • हनुमान विजय उत्सवशुक्रवार, 3 अप्रैल, 2026
  • हनुमान प्राकट्य दिवसशनिवार, 7 नवंबर, 2026
  • दीपावली (हनुमान पूजन)रविवार, 8 नवंबर, 2026

हनुमान जी के प्रमुख मंदिर

  • मंदिर स्थान
  • संकट मोचन हनुमान मंदिरवाराणसी, उत्तर प्रदेश
  • बालाजी हनुमान मंदिरसलेम, तमिलनाडु
  • श्री पंचमुखी हनुमान मंदिरकराची, सिंध, पाकिस्तान
  • सालासर बालाजी मंदिरसालासर, राजस्थान
  • महावीर मंदिरपटना, बिहार
  • कलेश्वरनाथ हनुमान मंदिरसासाराम, बिहार
  • दिगंबर जयंती हनुमान मंदिरदिल्ली, दिल्ली
  • श्री हनुमान मंदिर, कनॉट प्लेसकनॉट प्लेस, दिल्ली
  • यन्त्राधारक हनुमान मंदिरउज्जैन, मध्य प्रदेश
  • आंजनेय मंदिरमुंबई, महाराष्ट्र
  • मणकुला विनयगर हनुमान मंदिरपुडुचेरी, पुडुचेरी
  • कूथंडावर हनुमान मंदिरचिदंबरम, तमिलनाडु
  • श्री भूतनाथ हनुमान मंदिरहम्पी, कर्नाटक
  • डोड्डा अंजनेय मंदिरबंगलुरु, कर्नाटक
  • परिताला अंजनेय मंदिरपरिताला, आंध्र प्रदेश

हनुमान चालीसा कब और कैसे पढ़ें?

हनुमान चालीसा का पाठ प्रतिदिन किया जा सकता है, लेकिन मंगलवार और शनिवार को इसका विशेष महत्व माना गया है। ब्रह्म मुहूर्त या सुबह स्नान के बाद शांत मन से पढ़ना श्रेष्ठ होता है। सामने हनुमान जी का चित्र रखें, दीपक जलाएं और श्री राम का स्मरण करके श्रद्धा से पाठ करें।

हनुमान चालीसा पढ़ने के लाभ

हनुमान चालीसा के नियमित पाठ से भय, नकारात्मक ऊर्जा और मानसिक तनाव दूर होता है। यह साहस, आत्मविश्वास और बल प्रदान करती है। माना जाता है कि इससे शत्रु बाधा, रोग और संकट समाप्त होते हैं तथा भक्त को हनुमान जी की विशेष कृपा और संरक्षण प्राप्त होता है।

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हनुमान चालीसा से जुड़े FAQs

  • हनुमान चालीसा क्या है और किसने लिखी?

    हनुमान चालीसा 40 चौपाइयों का स्तोत्र है, जिसकी रचना गोस्वामी तुलसीदास जी ने की।

  • हनुमान चालीसा कितनी बार पढ़नी चाहिए?

    सामान्य रूप से 1 या 7 बार, जबकि संकट के समय 11 या 108 बार पाठ किया जाता है।

  • हनुमान चालीसा कब पढ़ना सबसे शुभ है?

    मंगलवार और शनिवार को, विशेषकर सुबह या संध्या समय।

  • क्या महिलाएं हनुमान चालीसा पढ़ सकती हैं?

    हाँ, महिलाएं भी श्रद्धा से इसका पाठ कर सकती हैं।

  • हनुमान चालीसा किस दिशा में बैठकर पढ़नी चाहिए?

    पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके पढ़ना शुभ माना जाता है।

  • हनुमान चालीसा के लाभ क्या हैं?

    भय, नकारात्मक ऊर्जा, मानसिक तनाव और बाधाओं से राहत मिलती है।

  • क्या हनुमान चालीसा English में पढ़ना सही है?

    हाँ, English transliteration या अर्थ के साथ पढ़ना भी फलदायी है।