aarti
aarti
aarti

बजरंगबली हैं भगवान शिव के ग्यारहवें रुद्र अवतार, अष्ट सिद्धि और नव निधि के दाता, चिरंजीवी हनुमान बल, बुद्धि, साहस और निस्वार्थ भक्ति का हैं प्रतीक

Shri Bajran Baan (बजरंग बाण )

आज 18 अगस्त, मंगलवार का दिन है। Bajrang Baan lyrics :सनातन धर्म में बजरंग बाण को भगवान हनुमान की विशेष कृपा प्राप्त करने वाला अत्यंत प्रभावशाली स्तोत्र माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, जो भक्त जीवन की कठिनाइयों, मानसिक तनाव, भय और बाधाओं से मुक्ति की कामना करते हैं, वे श्रद्धा और विश्वास के साथ बजरंग बाण का पाठ करते हैं।

बजरंग बाण

शेयर करेंशेयर करें
  • बजरंग बाण
  • दोहा
    निश्चय प्रेम प्रतीति ते, विनय करैं सनमान ।
    तेहि के कारज सकल शुभ, सिद्ध करें हनुमान ॥

  • जय हनुमन्त संत हितकारी । सुन लीजै प्रभु अरज हमारी ।।
    जन के काज बिलम्ब न कीजै । आतुर दौरि महासुख दीजै ।।
    जैसे कूदी सिन्धु महि पारा । सुरसा बदन पैठी विस्तारा ।।
    आगे जाय लंकिनी रोका । मारेहु लात गई सुर लोका ।।

  • जाय विभीषण को सुख दीन्हा । सीता निरखि परम-पद लीना ।।
    बाग उजारि सिन्धु मह बोरा । अति आतुर जमकातर तोरा ।।
    अक्षय कुमार मारि संहारा । लूम लपेटि लंक को जारा ।।
    लाह समान लंक जरि गई । जय-जय धुनि सुरपुर में भई ।।

  • अब बिलम्ब केहि कारन स्वामी । कृपा करहु उर अन्तर्यामी ।।
    जय जय लखन प्रान के दाता । आतुर होई दु:ख करहु निपाता ।।
    जै गिरिधर जै जै सुख सागर । सुर-समूह-समरथ भट-नागर॥
    ओम हनु हनु हनु हनुमंत हठीले । बैरिहि मारु बज्र की कीले॥

  • गदा बज्र लै बैरिहि मारो । महाराज प्रभु दास उबारो ।।
    ओंकार हुंकार महाप्रभु धाओ । बज्र गदा हनु विलम्ब न लाओ ।।
    ओम ह्नीं ह्नीं ह्नीं हनुमंत कपीसा । ओम हुं हुं हुं हनु अरि उर-सीसा॥
    सत्य होहु हरी शपथ पायके । राम दूत धरु मारू जायके

  • जय जय जय हनुमन्त अगाधा । दुःख पावत जन केहि अपराधा ।।
    पूजा जप-तप नेम अचारा । नहिं जानत हो दास तुम्हारा ।।
    वन उपवन मग गिरि गृह मांहीं । तुम्हरे बल हम डरपत नाहीं ।।
    पायं परौं कर जोरी मनावौं । येहि अवसर अब केहि गोहरावौं ।।

  • जय अंजनी कुमार बलवंता । शंकर सुवन वीर हनुमंता ।।
    बदन कराल काल कुलघालक। राम सहाय सदा प्रतिपालक ।।
    भूत प्रेत पिसाच निसाचर। अगिन वैताल काल मारी मर ।।
    इन्हें मारु, तोहि शपथ राम की । राखउ नाथ मरजाद नाम की ।।

  • जनकसुता हरि दास कहावो । ताकी शपथ विलम्ब न लावो ।।
    जै जै जै धुनि होत अकासा । सुमिरत होत दुसह दुःख नासा ।।
    चरण शरण कर जोरि मनावौं । यहि अवसर अब केहि गोहरावौं ।।
    उठु उठु चलु तोहि राम-दोहाई । पायँ परौं, कर जोरि मनाई ।।

  • ओम चं चं चं चं चपल चलंता । ओम हनु हनु हनु हनु हनुमन्ता ।।
    ओम हं हं हाँक देत कपि चंचल । ओम सं सं सहमि पराने खल-दल ।।
    अपने जन को तुरत उबारौ । सुमिरत होय आनंद हमारौ ।।
    यह बजरंग बाण जेहि मारै। ताहि कहो फिर कोन उबारै ।।

  • पाठ करै बजरंग बाण की । हनुमत रक्षा करैं प्रान की ।।
    यह बजरंग बाण जो जापैं । ताते भूत-प्रेत सब कापैं ।।
    धूप देय अरु जपै हमेशा । ताके तन नहिं रहै कलेसा ।।

  • दोहा
    प्रेम प्रतीतिहि कपि भजै, सदा धरै उर ध्यान ।
    तेहि के कारज सकल सुभ, सिद्ध करैं हनुमान ।।

यह भी पढ़ें

भगवान हनुमान के त्यौहार एवं तिथियाँ

और पढ़ें
  • उपवास और त्यौहार तिथि
  • राम नवमीगुरुवार, 26 मार्च, 2026
  • हनुमान जयंतीगुरुवार, 02 अप्रैल, 2026
  • हनुमान विजय उत्सवशुक्रवार, 3 अप्रैल, 2026
  • हनुमान प्राकट्य दिवसशनिवार, 7 नवंबर, 2026
  • दीपावली (हनुमान पूजन)रविवार, 8 नवंबर, 2026

धर्म खबरें

और पढ़ें

हनुमान जी के प्रमुख मंदिर

  • मंदिर स्थान
  • संकट मोचन हनुमान मंदिरवाराणसी, उत्तर प्रदेश
  • बालाजी हनुमान मंदिरसलेम, तमिलनाडु
  • श्री पंचमुखी हनुमान मंदिरकराची, सिंध, पाकिस्तान
  • सालासर बालाजी मंदिरसालासर, राजस्थान
  • महावीर मंदिरपटना, बिहार
  • कलेश्वरनाथ हनुमान मंदिरसासाराम, बिहार
  • दिगंबर जयंती हनुमान मंदिरदिल्ली, दिल्ली
  • श्री हनुमान मंदिर, कनॉट प्लेसकनॉट प्लेस, दिल्ली
  • यन्त्राधारक हनुमान मंदिरउज्जैन, मध्य प्रदेश
  • आंजनेय मंदिरमुंबई, महाराष्ट्र
  • मणकुला विनयगर हनुमान मंदिरपुडुचेरी, पुडुचेरी
  • कूथंडावर हनुमान मंदिरचिदंबरम, तमिलनाडु
  • श्री भूतनाथ हनुमान मंदिरहम्पी, कर्नाटक
  • डोड्डा अंजनेय मंदिरबंगलुरु, कर्नाटक
  • परिताला अंजनेय मंदिरपरिताला, आंध्र प्रदेश

बजरंग बाण क्या है?

हनुमान जी की पूजा में बजरंग बाण का विशेष महत्व है। इसकी रचना गोस्वामी तुलसीदास ने की थी। धार्मिक परंपरा में इसे तुलसीदास की प्रमुख रचनाओं में गिना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सच्चे मन से बजरंग बाण का पाठ करने पर हनुमान जी की कृपा मिलती है और जीवन की मुश्किलों से लड़ने की ताकत मिलती है। इस स्तोत्र में हनुमान जी के बल, पराक्रम और अपने भक्तों की रक्षा करने वाले स्वरूप का वर्णन मिलता है। यही वजह है कि इसे हनुमान जी के सबसे प्रभावशाली स्तोत्रों में गिना जाता है। ‘बजरंग’ शब्द भगवान हनुमान का एक नाम है। इसका मतलब होता है वज्र के समान मजबूत शरीर वाला। वहीं ‘बाण’ का अर्थ तीर होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बजरंग बाण का पाठ करने से हनुमान जी की विशेष कृपा मिलती है। शत्रुओं से मुक्ति के लिए भी इस स्तोत्र का पाठ किया जाता है। धार्मिक मान्यता है कि बजरंग बाण को खास परिस्थितियों में पढ़ना चाहिए। मान्यता है कि जब किसी व्यक्ति के जीवन में लगातार परेशानी आ रही हो, मन में डर बना रहता हो या किसी काम में बार-बार रुकावट आ रही हो, तब श्रद्धा के साथ इसका पाठ किया जा सकता है। बजरंग बाण का पाठ हमेशा अच्छे भाव और सच्ची श्रद्धा से करना चाहिए। किसी का बुरा सोचकर या गलत इरादे से इसका पाठ नहीं करना चाहिए। मंगलवार और शनिवार को इसका पाठ करना शुभ माना जाता है।

बजरंग बाण का धार्मिक महत्व

बजरंग बाण हनुमान जी को समर्पित एक प्रसिद्ध पाठ है। इसका विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यता है कि जब कोई व्यक्ति जीवन में बड़ी परेशानी, डर या बार-बार आ रही रुकावटों का सामना करता है, तब श्रद्धा के साथ बजरंग बाण का पाठ किया जाता है। ‘बाण’ का मतलब तीर होता है। इसी वजह से इसे ऐसा पाठ माना जाता है, जो भगवान हनुमान से जल्दी कृपा की प्रार्थना करता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बजरंग बाण का पाठ करने से मन का डर कम होता है और व्यक्ति को मुश्किल समय का सामना करने की हिम्मत मिलती है। कई लोग मानते हैं कि इससे नकारात्मक सोच दूर होती है और मन में भरोसा बढ़ता है। यही कारण है कि मंगलवार और शनिवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु इसका पाठ करते हैं। बजरंग बाण को लेकर यह भी मान्यता है कि इसका पाठ करने से रुके हुए काम पूरे होने लगते हैं और जीवन में आ रही परेशानियां भी कम होने लगती हैं। धार्मिक मान्यता यह भी कहती है कि बजरंग बाण का पाठ रोज करने के बजाय जरूरत के समय करना ज्यादा उचित माना जाता है। जब व्यक्ति किसी बड़े संकट, डर, मानसिक तनाव या बार-बार आ रही दिक्कतों से परेशान हो, तब हनुमान जी का स्मरण करते हुए इसका पाठ किया जाता है।

बजरंग बाण के लाभ

हनुमान जी की पूजा में बजरंग बाण का विशेष महत्व है। मान्यता है कि सच्चे मन से बजरंग बाण पढ़ने पर मन को हिम्मत मिलती है और मुश्किल वक्त में सहारा मिलता है। यही वजह है कि आज भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपनी पूजा में बजरंग बाण को शामिल करते हैं।
इसके पाठ से जुड़े कुछ प्रमुख फायदे-
दुश्मनों और रुकावटों से बचाव: धार्मिक मान्यता है कि बजरंग बाण का पाठ करने से दुश्मनों का डर कम होता है। काम में आ रही रुकावटें भी धीरे-धीरे दूर होने लगती हैं।
हिम्मत और भरोसा बढ़ता है: इंटरव्यू, परीक्षा या किसी बड़े काम से पहले कई लोग बजरंग बाण का पाठ करते हैं। मान्यता है कि इससे मन का डर कम होता है और खुद पर भरोसा बढ़ता है।
मुश्किल समय में सहारा मिलता है: ऐसा माना जाता है कि नियमित पाठ करने से मुश्किल समय का सामना करने की ताकत मिलती है। मन भी पहले से शांत रहता है।
घर का माहौल अच्छा रहता है: धार्मिक मान्यता के अनुसार, बजरंग बाण का पाठ करने से घर की नकारात्मकता दूर होती है। बुरी नजर और तंत्र-मंत्र के असर से भी बचाव माना जाता है।
ग्रह दोष का असर कम होने की मान्यता: ज्योतिष के मुताबिक, नियमित पाठ करने से शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या, राहु-केतु और मांगलिक दोष के बुरे असर कुछ कम हो सकते हैं।

बजरंग बाण से जुड़े FAQs

  • बजरंग बाण क्या है?

    बजरंग बाण भगवान हनुमान की स्तुति में रचित एक अत्यंत शक्तिशाली और प्रभावशाली स्रोत है। जिसका शाब्दिक अर्थ है 'हनुमान जी का बाण।' माना जाता है कि इसका नियमित रूप से पाठ करने से संकट और शत्रुओं का अतिशीघ्र नाश होता है।

  • बजरंग बाण का पाठ कब करना चाहिए?

    बजरंग बाण का पाठ किसी भी दिन भक्ति-भाव के साथ किया जा सकता है। लेकिन मंगलवार और शनिवार का दिन हनुमान जी को समर्पित है, इसलिए इस दिन इस पाठ को करना अत्यंत शुभ और लाभकारी माना जाता है। ज्योतिषाचार्यों का मत है कि इसे नियमित पूजा में शामिल नहीं करना चाहिए, इसका पाठ विकट और विषम परिस्थितियों में ही करना चाहिए।

  • क्या बजरंग बाण का पाठ रोज किया जा सकता है?

    बजरंग बाण का पाठ रोजाना विधिपूर्वक और संकल्प के साथ करना उत्तम माना जाता है, खासतौर पर जब आप किसी बड़े संकट या विपरीत स्थिति से गुजर रहे हों। नियमित पूजा में हनुमान चालीसा का पाठ शामिल करना चाहिए।

  • बजरंग बाण का पाठ करने से पहले क्या करना चाहिए?

    पाठ से पहले स्नान आदि करके स्वच्छ वस्त्र धारण करना चाहिए। इसके बाद पूजा स्थल की साफ-सफाई करनी चाहिए। मन ही मन में हनुमान जी का ध्यान लगाना चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से हनुमान जी का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

  • बजरंग बाण के साथ कौन-सा मंत्र जपना चाहिए?

    बजरंग बाण के पाठ से पहले या बाद में "ॐ हं हनुमते नमः" मंत्र का जप करना अति लाभकारी माना जाता है। इसके अलावा आप हनुमान जी के मंत्र और उनके नामों का भी जाप कर सकते हैं।

  • बजरंग बाण और हनुमान चालीसा में क्या अंतर है?

    हनुमान चालीसा और बजरंग बाण दोनों ही भगवान हनुमान को प्रसन्न करने और उनकी कृपा पाने के लिए परम शक्तिशाली माध्यम हैं। दोनों की रचना गोस्वामी तुलसीदास जी ने की है, लेकिन इनके महत्व, उद्देश्य और पाठ करने के नियमों में काफी बड़ा अंतर है।