Vastu Tips: घर में लगा है मकड़ी का जाला? इन 3 जगहों को ना करें नजरअंदाज, पैसों का होगा नुकसान

Garima Singh लाइव हिन्दुस्तान
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अगर आपके घर में मकड़ी का जाला लगा है तो इसे अब नजरअंदाज ना करें। घर में तीन जगहों पर तो इसका गलती से भी होना बहुत ही नुकसान पहुंचा सकता है। तो चलिए जानते हैं कि आखिर मकड़ी का जाला कहां-कहां नहीं होना चाहिए?

Vastu Tips: घर में लगा है मकड़ी का जाला? इन 3 जगहों को ना करें नजरअंदाज, पैसों का होगा नुकसान

अगर घर में कभी भी मकड़ी का जाला दिख जाता तो हम अक्सर उसे ये सोचकर छोड़ देते हैं कि इसे बाद में साफ कर लेंगे। वास्सु शास्त्र के अनुसार ऐसा करके हम अपने ही पैर पर कुल्हाड़ी मार लेते हैं। दरअसल जैसे ही मकड़ी का जाला दिखे उसे तुरंत साफ कर लेना ही बेहतर होता है। शास्त्र के अनुसार घर की कुछ जगहों पर मकड़ी का जाला होना तो बहुत ही खराब माना जाता है। दरअसल कुछ जगहों पर इनका होना बहुत ही खराब माना जाता है। इससे ना सिर्फ घर में नकारात्मकता आती है बल्कि हमारे कामों में भी बाधा आने लगती है। तो आइए जानते हैं कि वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में किन तीन जगहों पर भूलकर भी जाला नहीं होना चाहिए।

घर में इन 3 जगहों पर नहीं होना चाहिए मकड़ी का जाला-

किचन में नहीं होना चाहिए मकड़ी का जाला

वास्तु शास्त्र के अनुसार किचन में लगा हुआ मकड़ी का जाला भी हमारे लिए सही नहीं है। यहां पर खाना बनता है तो ऐसे में इसकी साफ-सफाई जो हर दिन करनी जरूरी है। वास्तु के अनुसार अगर इस जगह पर मकड़ी का जाला होता है तो इसका यही मतलब है कि आने वाले समय में आर्थिक स्थिति सही नहीं रहने वाली है। यहां पर जाले को ऐसे ही छोड़ देने का साफ-साफ मतलब है कि घर में बरकत नहीं आएगी।

बेडरूम में ना हो मकड़ी का जाला

अगर आपके बेडरूम में मकड़ी का जाला है और आप यही सोचकर उसे इग्नोर कर रहे हैं कि किसी दिन फुर्सत में इसे साफ करेंगे तो अब आप सतर्क हो जाएं। मकड़ी के जाले का यहां होना सबसे खराब माना जाता है। बेडरूम वो जगह है जहां हम सुकून से रहते हैं और कुछ पल के लिए आराम करते हैं। ऐसे में यहां की एनर्जी सबसे अच्छी होनी जरूरी है। वास्तु शास्त्र के अनुसार अगर यहां जाला होगा तो माहौल धीरे-धीरे भारी और नेगेटिव बनता जाएगा। इसका असर आपके रिश्तों पर भी पड़ेगा और मन में एक अलग तरह की बैचेनी होगी। ऐसे में बेडरूम के जाले को समय-समय पर साफ कर लेना चाहिए।

पूजा घर में ना हो मकड़ी का जाला

वास्तु शास्त्र के अनुसार पूजा घर में भी मकड़ी का जाला नहीं होना चाहिए। घर में ये सबसे पवित्र जगह होती है। यहां पर मकड़ी का जाला तो किसी भी हाल में नहीं होना चाहिए। शास्त्र में इसे अशुभ माना जाता है। यहां जाला होने से घर में सकारात्मक ऊर्जा कम होने लगती है। इससे मन भी पूजा से ठीक से नहीं लगेगा। तो ऐसे में मंदिर की साफ-साफ जरूरी है और कोशिश करनी चाहिए कि यहां पर जाला तो ना ही हो।

ध्यान में रखें ये बात

मकड़ी का जाला ना सिर्फ कमरे या किसी भी जगह की शोभा बिगाड़ता है बल्कि इसके होने से नकारात्मकता आती है और इसे रुकी हुई ऊर्जा के रूप में देखा जाता है। बेडरूम, किचन और पूजा घर में इसके रहने से असर गहरा पड़ता है। कोशिश करें कि ये घर के किसी भी कोने में ना हो।

डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)

Garima Singh

लेखक के बारे में

Garima Singh

शॉर्ट बायो: गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, अंक शास्त्र, रत्न शास्त्र, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।

परिचय और अनुभव
गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। इस समय वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।

करियर
गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।

एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच
गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।

व्यक्तिगत रुचियां
काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।

विशेषज्ञता (Areas of Expertise)
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