
अगर किसी जातक की कुंडली में सूर्य की स्थिति कमजोर होती है तो उसे करियर संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में सूर्य को मजबूत करने के लिए लोग कई सारे उपाय करते हैं। इन्हीं में से एक उपाय है रत्न पहनना। चलिए जानते हैं कि सूर्य देव को प्रसन्न करने के लिए कौन सा रत्न पहनना चाहिए?

जिन लोगों पर शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या या महादशा चल रही हो, उन्हें नीलम पहनने से लाभ हो सकता है। लेकिन अगर इसे सही नियम और विधि के साथ पहना जाए, तो कई गुना लाभ प्राप्त होता है। मगर इसे गलत तरीके से पहना जाए, तो इसके अशुभ परिणाम मिलते हैं।

किसी भी रत्न को धारण करने से पहले और बाद में कुछ ऐसे नियम हैं, जिनका पालन करना बेहद जरूरी होता है। इससे रत्न का शुभ प्रभाव पड़ता है। लेकिन किसी भी प्रकार का रत्न या धातु धारण करने के पहले किसी ज्योतिष से सलाह जरूर लेना चाहिए। चलिए जानते हैं कि रत्न धारण करने के बाद क्या नहीं करना चाहिए।

रत्न शास्त्र के मुताबिनक कुल 9 मुख्य रत्न और 84 उपरत्न होते हैं। इसमें से कुछ रत्न ऐसे होते हैं यदि उन्हें नियम और सही तरीके से धारण किया जाए तो करियर, व्यापार, धन और आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होती है। हालांकि कोई भी रत्न बिना ज्योतिषीय सलाह के नहीं पहनना चाहिए।

रत्नशास्त्र की दुनिया में मूंगा का विशेष महत्व होता है। हालांकि ये इतना पावरफुल है कि अगर इसे कोई ऐसा इंसान पहन लें जिसे नहीं पहनना चाहिए तो ये बहुत नुकसान करता है। जानते हैं कि आखिर मूंगा किसे पहनना चाहिए और इससे होने वाले नुकसान क्या है?

पुखराज की गिनती कीमती रत्नों में होती है और इसे काफी पावरफुल भी माना जाता है। हालांकि इसे पहनने के कई नियम हैं जिसे नजरअंदाज बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए।

ज्योतिष के मुताबिक, मोती रत्न उन लोगों के लिए ज्यादा फायदेमंद माना जाता है, जिनकी कुंडली में चंद्र कमजोर होता है। जिन लोगों को मानसिक तनाव रहता है, या खूब टेंशन लेते हैं, तो उनके लिए मोती अच्छा माना जाता है।

ज्योतिष के मुताबिक हर ग्रह का संबंध किसी न किसी रत्न से होता है और वैसे ही हर रत्न का किसी न किसी ग्रह से जुड़ा होता है। कुछ रत्न ऐसे होते हैं जिन्हें पहनने से पढ़ाई और बुद्धि का विकास होता है। यह रत्न है पन्ना। इसे विद्या, बुद्धि और मानसिक शांति प्रदान करने वाला रत्न माना जाता है।

ज्योतिष गणना के मुताबिक हर एक धातु हर किसी को सूट करे, यह जरूरी नहीं है। कुछ राशि वालों को सोने से बनी चीजें पहनने से बचना चाहिए। क्योंकि यह अशुभ परिणाम दे सकते हैं। ऐसे में आज हम आपको बताएंगें कि सोने से बनी चीजें किन लोगों को नहीं पहननी चाहिए और क्यों?

हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार हाथ की विवाह वाली रेखा देखकर ही समझा जा सकता है कि शादी कैसी चलने वाली है? आज बात करेंगे विवाह की उन 3 रेखाओं की जो किसी भी व्यक्ति के मैरिड लाइफ से जुड़े रोज खोल सकती है।

पुखराज की गिनती कीमती रत्नों में की जाती है लेकिन क्या ये हर किसी को सूट करता है? तमाम लोग पुखराज से जुड़ी कई गलतियां कर बैठते हैं। तो चलिए जानते हैं कि आखिर पुखराज किन लोगों को सूट नहीं करता है?

रत्नशास्त्र में इस बात का साफ तौर पर वर्णन किया गया है कि मोती को कभी भी दिन के समय में नहीं पहनना चाहिए। नीचे विस्तार से जानिए मोती को धारण करने से जुड़े रत्नशास्त्र के नियम को…

आप अपने मूलांक के हिसाब से भी रत्न धारण कर सकते हैं। आज जानेंगे कि आखिर मूंगा किन-किन तारीखों पर जन्मे लोग पहन सकते हैं और साथ ही जानेंगे इसे पहनने का सही तरीका…

रत्न धारण करने की विधि जितनी महत्वपूर्ण है, उससे कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण हैं धारण के बाद की सावधानियां। अगर इनमें से कोई भी गलती की जाए, तो रत्न अपनी शुभता खो देता है और उल्टा नकारात्मक परिणाम देने लगता है। इससे स्वास्थ्य हानि, आर्थिक नुकसान, मानसिक तनाव और ग्रह दोष बढ़ सकता है।

किसी भी रत्न को धारण करने के लिए सिर्फ कुंडली देखने की जरूरत नही हैं। आप अपने मूलांक के आधार पर भी अपने लिए परफेक्ट रत्न को सेलेक्ट कर सकते हैं। आज जानिए कि पुखराज किस मूलांक के लोगों के लिए बेस्ट होता है?

हिंदू धर्म में कछुएका खास महत्व होता है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक भगवान विष्णु ने कूर्म अवतार यानि कछुए के रूप में अवतार लिया था। वहीं भगवान विष्णु की संगिनी देवी लक्ष्मी हैं, जिन्हें धन और समृद्धि की देवी कहा जाता है। ऐसे में कछुए की अंगूठी धारण करने से दोनों का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

पुखराज पीले रंग का होता है और ज्योतिष शास्त्र में इसका विशेष महत्व है। पुखराज को गुरु ग्रह (बृहस्पति) का रत्न माना जाता है और इसे पहनने से शिक्षा, ज्ञान, धन, और सफलता में वृद्धि होती है। इसे सोने या पीतल की अंगूठी में धारण किया जाता है।

नीलम रत्न शनि ग्रह का कारक माना जाता है और इसके बुरे प्रभावों को कम करने के लिए इस रत्न को पहना जाता है। जिन लोगों पर शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या या महादशा चल रही हो, उन्हें नीलम पहनने से लाभ हो सकता है। लेकिन नीलम रत्न को धारण करते हैं, तो कुछ खास नियमों का पालन करना चाहिए।

रत्न शास्त्र के मुताबिक कुछ प्रभावशाली और शक्तिशाली रत्न होते हैं जिन्हें पहनने से कई तरह की परेशानियां खत्म हो जाते हैं। लेकिन किसी भी रत्न को धारण करने से पहले ज्योतिष के जानकारों से सलाह लेनी चाहिए। क्योंकि रत्नों को ग्रहों की ऊर्जा से जोड़ा जाता है।

ज्योतिष के मुताबिक किसी भी रत्न को पहनने से पहले विशेषज्ञ की जरूर सलाह लेनी चाहिए। वरना शुभ परिणाम की जगह अशुभ परिणाम झेलने पड़ सकते हैं। ऐसे में आज हम आपको एक बेहद पावरफुल रत्न के बारे में बताएंगे, जिन्हें पहनने से कई लाभ मिलते हैं। यह रत्न है लहसुनिया।