
Gemstone: क्या पुखराज हर किसी को सूट करता है? 90% लोग कर बैठते हैं ये गलती
पुखराज की गिनती कीमती रत्नों में की जाती है लेकिन क्या ये हर किसी को सूट करता है? तमाम लोग पुखराज से जुड़ी कई गलतियां कर बैठते हैं। तो चलिए जानते हैं कि आखिर पुखराज किन लोगों को सूट नहीं करता है?
रत्न शास्त्र की दुनिया में पुखराज की गिनती कीमती रत्नों में होती है। इसका संबंध गुरु ग्रह से होता है। जो भी व्यक्ति पुखराज रत्न धारण करता है, उसकी जिंदगी 360 डिग्री तक बदल जाती है। यानी पुखराज जिंदगी में कई पॉजिटिव बदलाव लेकर आता है। इसे पहनते ही गुरु ग्रह मजबूत होता है और इसके बाद करियर और शादी में आने वाली बाधाएं कम होने लगती हैं। हालांकि बहुत कम लोगों को पता होता है कि ये रत्न अगर गलत लोगों ने पहन लिया तो ये जिंदगी में मुश्किलें भी ले आता है। रत्नशास्त्र के अनुसार हर किसी के लिए अलग-अलग रत्न बने हैं, जिसका आंकलन कुंडली के आधार पर किया जा सकता है। ऐसे में पुखराज हर किसी को सूट नहीं करता है।
लोग कर बैठते हैं ये गलती
अगर ज्योतिषी सलाह दें तभी पुखराज को धारण करना चाहिए। वहीं राशि के हिसाब से भी समझा जा सकता है कि पुखराज पहन सकते हैं या नहीं। शास्त्र के हिसाब राशिचक्र की कुल 6 राशियां ही पुखराज पहन सकती हैं। इन्हें पुखराज अच्छा रिजल्ट देता है। मेष, कर्क, सिंह, वृश्चिक, धनु और मीन राशि वाले जातक पुखराज को पहन सकते हैं। वहीं वृषभ, मिथुन, तुला, मकर और कुंभ राशि वालों को इसे पहनने से बचना चाहिए। हालांकि राय यही दी जाती है कि राशि के हिसाब से चयन करने के बाद भी एक बार कुंडली ज्योतिष को दिखा देनी चाहिए। कई लोग पुखराज धारण करने के बाद इसे गलत रत्न के साथ पहन लेते हैं। ऐसे में ये जानना भी जरूरी है कि पुखराज के साथ कभी भी हीरा या फिर पन्ना नहीं पहनना चाहिए।
रखें इन बातों का भी ध्यान
सबसे आम गलती की बात की जाए तो लोग पुखराज का सही वजन नहीं चुनते हैं। कुछ लोग इसे गलत धातु में जड़वा लेते हैं तो वहीं कुछ गलत दिन पर इसे धारण कर लेते हैं। शास्त्र के नियमों के अनुसार ज्योतिषी की सलाह पर ही पुखराज के वजन का चयन करना चाहिए। साथ ही इसे हमेशा सोने में ही जड़वाना सही होता है। इसके अलावा इसे गुरुवार के अलावा किसी और दिन नहीं धारण करना चाहिए।
डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए रत्न शास्त्र विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)





