
Gemstone: दिन में धारण नहीं करना चाहिए मोती? जान लें पहनने का सही तरीका
रत्नशास्त्र में इस बात का साफ तौर पर वर्णन किया गया है कि मोती को कभी भी दिन के समय में नहीं पहनना चाहिए। नीचे विस्तार से जानिए मोती को धारण करने से जुड़े रत्नशास्त्र के नियम को…
रत्नशास्त्र में कई ऐसे रत्नों का जिक्र किया गया है जिनके प्रभाव को लोगों और उनसे संबंधित ग्रहों को जोड़कर देखा जाता है। शास्त्र में कई ऐसे रत्नों का जिक्र है, जिनकी एनर्जी हमारी जिंदगी में पॉजिटिविटी ला सकती हैं। बात करें मोती की तो इसे सबसे सौम्य रत्न माना जाता है। साथ ही इसे इमोशनल एनर्जी को कंट्रोल में करने वाला रत्न भी माना जाता है। हालांकि मोती को धारण करने को लेकर कई तरह का कन्फ्यूजन होते है। आम तौर पर लोग इसे दिन में ही धारण कर लेते हैं जोकि शास्त्र के लिहाज से सही नहीं है। आज विस्तार से समझने की कोशिश करते हैं कि आखिर मोती को धारण करने सा सही दिन और तरीका क्या है? साथ ही जानेंगे कि इसे पहनते वक्त क्या-क्या चीजें करनी जरूरी है?
कब धारण करें मोती?
मोती को धारण करने के लिए सबसे सही दिन सोमवार का है। शास्त्र के अनुसार इसे हमेशा शुक्ल पक्ष पर सोमवार के दिन पहनना चाहिए। इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए कि मोती को कभी भी दिन में धारण करने से बचना चाहिए। इसे हमेशा चांद निकलने के बाद ही पहनना चाहिए। बता दें कि मोती का संबंध सीधे तौर पर चंद्रमा ग्रह से होता है और इसी वजह से इसे हमेशा शाम या रात में ही पहनना सही माना जाता है। मोती को हमेशा दाएं हाथ की सबसे छोटी उंगली यानी कनिष्ठा में पहनना शुभ माना जाता है। धारण करने से पहले मोती को गंगाजल और दूध में शुद्ध कर लें। इसके बाद शिव मंत्र का 108 बार जाप करके इसे धारण कर लें।
ना करें गललियां
मोती को कभी भी सुबह या दिन में पहनने से बचना चाहिए। अगर इसे सही समय पर पहना जाए तो ये फलदायी होती है। साथ ही ध्यान रखना चाहिए कि इसे कभी भी नीलम या फिर गोमेद के साथ धारण नहीं करना चाहिए। साथ ही इसे कभी भी सोने में नहीं जड़वाना चाहिए। जब मोती को चांदी में जड़वाते हैं तो इसका प्रभाव और भी ज्यादा बढ़ जाता है। हमेशा ज्योतिषी की सलाह पर ही इसे पहनना चाहिए। अगर गलत तरीके से पहना जाए तो मोती का प्रभाव हम पर उल्टा भी पड़ सकता है।
डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए रत्नशास्त्र विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)





