रत्नशास्त्र: पुखराज पहनने से मिलते हैं ये 4 लाभ, बस इस राशि के लोग ना करें धारण

Apr 03, 2026 04:38 pm ISTGarima Singh लाइव हिन्दुस्तान
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Benefits of Yellow Sapphire: रत्नशास्त्र के अनुसार पुखराज पहनना हर किसी को सूट नहीं करता है। आइए जानते हैं कि इन राशियों को इसे पहनने से बचना चाहिए। साथ ही जानेंगे इसे धारण करने से मिलने वाले लाभ के बारे में। 

रत्नशास्त्र: पुखराज पहनने से मिलते हैं ये 4 लाभ, बस इस राशि के लोग ना करें धारण

Yellow Sapphire Benefits: रत्न शास्त्र में हर एक रत्न का खास महत्व होता है। पुखराज नाम का रत्न काफी शुभ और असरदार माना जाता है। इस रत्न को गुरु ग्रह से जोड़कर देखा जाता है। माना जाता है कि इसे धारण करने से करियर और रिश्ते से जुड़ी चीजें सही होती हैं। वैसे तो पुखराज को पावरफुल रत्न माना जाता है लेकिन अगर गलत लोग इसे धारण करें तो इसका रिजल्ट भी उलटा हरी हो सकता है। ऐसे में पुखराज पहनने से पहले अपनी कुंडली को किसी ज्योतिषी को दिखाना ही सही होता है। आइए जानते हैं कि आखिर पुखराज पहनने से क्या-क्या लाभ मिलते हैं? साथ ही जानेंगे कि आखिर किन-किन राशि के लोगों को इसे धारण नहीं करना चाहिए?

पुखराज से मिलते हैं ये लाभ

1. करियर में सुधार

पुखराज को धारण करने से करियर में अच्छी ग्रोथ देखने को मिलती है। इस रत्न को समृद्धि और तरक्की का प्रतीक माना जाता है। रत्न शास्त्र के अनुसार पुखराज को धारण करने से करियर में अच्छे मौके मिल सकते हैं और धीरे-धीरे सब कुछ सही होता जाता है।

2. मजबूत होती है आर्थिक स्थिति

पुखराज की वजह से ही आर्थिक स्थिति में सुधार देखने को मिलता है। इसी के साथ जो लोग लंबे समय से मेहनत करते आ रहे हैं और उन्हें अच्छा रिजल्ट नहीं मिल रहा है तो उन्हें पुखराज जरूर पहनना चाहिए पुखराज की मदद से पैसों से जुड़ी दिक्कत धीरे-धीरे सही होने लगती है। हालांकि इससे पहले ज्योतिष की सलाह लेना भी जरूरी है।

3. बढ़ता है कॉन्फिडेंस

जो लोग कॉन्फिडेंस की कमी की वजह से कई मौकों से हाथ छोड़ बैठते हैं, उनके लिए भी पुखराज लाभकारी होगा। पुखराज ऐसा रत्न है जो आपके कॉन्फिडेंस लेवल को बढ़ाने में मदद करता है। दरअसल इस रत्न को धारण करने से गुरु ग्रह मजबूत होता है और इससे कॉन्फिडेंस बूस्टअप होता है।

4. रिश्तों में आता है सुधार

पुखराज की मदद से रिश्ते भी अच्छे होते हैं। रिश्तों के लिए इसे काफी अच्छा माना जाता है। मान्यता है कि इसे धारण करने से शादी में आ रही रुकावट कम हो सकती है और वैवाहिक जीवन को सही तरीके से आगे बढ़ाने के लिए समझ बढ़ती है। कई लोग अच्छे पार्टनर को पाने के लिए भी पुखराज पहनते हैं। यह रत्न पॉजिटिव एनर्जी को बढ़ाने वाला माना जाता है जिससे रिश्तों में तालमेल बेहतर होता है।

ये लोग ना धारण करें पुखराज

रत्न शास्त्र के अनुसार कुछ राशियों को पुखराज कभी सूट नहीं करेगा। शास्त्र के हिसाब से वृषभ, मिथुन, कन्या, तुला, मकर और कुंभ राशि वालों को पुखराज पहनने से बचना चाहिए। इन लोगों पर पुखराज के गलत प्रभाव पड़ सकते हैं, जिससे चीजें और भी उलझती जाएंगी।

डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए रत्नशास्त्र विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)

Garima Singh

लेखक के बारे में

Garima Singh

शॉर्ट बायो


गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।


परिचय और अनुभव

गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। वह पिछले 8 महीनों से लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।


करियर

गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि

गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।


एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच

गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।


व्यक्तिगत रुचियां

काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।


विशेषज्ञता

वास्तु शास्त्र, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई, डेली और वीकली राशिफल

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