मोती पहनने से मिलते हैं ये 3 सबसे बड़े लाभ, गलती से भी ना पहनें इन चार राशियों के लोग
रत्नशास्त्र के हिसाब से हर रत्न को नियम के अनुसार ही पहनना चाहिए। तो आइए जानते हैं कि मोती को पहनते वक्त किन चीजों का ध्यान रखना चाहिए? साथ ही इसे पहनने के लाभ भी जानेंगे।

Gemstone Pearl Details: ज्योतिष और रत्नशास्त्र में मोती को सबसे खास और पवित्र रत्न माना जाता है। इस सौम्य से दिखने वाले रत्न का संबंध चंद्र ग्रह से होता है। इस ग्रह को मन, भावनाओं और मानसिक संतुलन से संबंधित माना जाता है। शास्त्र के हिसाब से अगर किसी व्यक्ति का मन शांत नहीं रहता है और वो बस ओवरथिंकिंग ही करता रहता है तो उसके लिए मोती पहनना फायदेमंद साबित हो सकता है। इसके अलावा जो लोग टेंशन बहुत लेते हैं और जिन्हें मूड स्विंग्स की दिक्कत हैं, उनके लिए भी मोती मददगार साबित हो सकता है। हालांकि ये रत्न हर किसी को सूट नहीं करता है।
ऐसे में मोती धारण करने से पहले एक बार कुंडली को किसी अनुभवी ज्योतिष को जरूर दिखाना चाहिए। इसके अलावा आइए जानते हैं कि आखिर किन राशियों को मोती को पहनने से बचना चाहिए? साथ ही जानेंगे कि आखिर मोती पहनने से कौन से 3 बड़े लाभ मिलते हैं?
मोती पहनने से मिलते हैं ये 3 लाभ-
1. मन को मिलती है शांति
मोती पहनने से मन शांत रहने लगता है। जिन लोगों को स्ट्रेस ज्यादा होता है या फिर जिन्हें गुस्सा ज्यादा आता है तो उन लोगों के लिए मोती किसी चमत्कार से कम नहीं है। अगर किसी का मन अक्सर बैचेन रहता है तो उनके लिए भी मोती पहनना फायदेमंद होगा। मोती पहनने से ना सिर्फ मन की अशांति दूर होती है बल्कि इससे नेगेटिव सोच भी कम होती है।
2.नींद की क्वालिटी में सुधार
जिन लोगों को नींद आने में दिक्कत आती है, उनके लिए भी मोती पहनना लाभकारी हो सकता है। कई लोगों को रात में समय पर नींद नहीं आती है और धीरे-धीरे इसका असर हेल्थ पर भी पड़ता है। ज्योतिष शास्त्र के हिसाब से अगर कुंडली में चंद्रमा की स्थिति मजबूत होती है तो इससे नींद भी अच्छी आती है और मेंटल बैलेंस भी सही होता है।
3. बेहतर होते हैं रिश्ते
जब आपका मेंटल बैलेंस सही होगा और गुस्से पर काबू रख पाएंगे तो जिंदगी की बाकी चीजें भी सही होने लगती हैं। रत्नशास्त्र के हिसाब से मोती की मदद से रिश्तों में समझ बढ़ती है और धीरे-धीरे ये बेहतर भी होने लगता है। दरअसल मोती को भावनाओं से जुड़ा हुआ रत्न माना जाता है। ऐसे में मोती को पहनने से रिश्ते सही होने लगते हैं।
इन 4 राशियों को नहीं पहनना चाहिए मोती
ज्योतिष शास्त्र के हिसाब से सारे रत्न हर राशि के लिए सही नहीं होते हैं। हालांकि शौकिया तौर पर कुछ लोग बिना ज्योतिष से सलाह लिए अपने आप ही कोई भी रत्न पहन लेते हैं जोकि सही नहीं है। नीचे दी गई राशियों के व्यक्तियों को मोती नहीं पहनना चाहिए।
- वृषभ राशि
- मकर राशि
- तुला राशि
- कुंभ राशि
मोती पहनते वक्त रखें इन बातों का ध्यान
- मोती को हमेशा चांदी में ही जड़वाना चाहिए। सोने में मोती को जड़वाना सही नहीं माना जाता है।
- इसे हमेशा सबसे छोटी उंगली यानी कनिष्ठा में ही पहनना चाहिए।
- मोती को हमेशा सोमवार के दिन ही पहनें।
- इसे पहनने से पहले किसी अनुभवी ज्योतिष से सलाह जरूर लें।
डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए रत्नशास्त्र विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)
लेखक के बारे में
Garima Singhशॉर्ट बायो
गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।
परिचय और अनुभव
गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। वह पिछले 8 महीनों से लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।
करियर
गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।
एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच
गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।
व्यक्तिगत रुचियां
काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।
विशेषज्ञता
वास्तु शास्त्र, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई, डेली और वीकली राशिफल
और पढ़ें

