
करियर और व्यापार में तरक्की के लिए कौन से रत्न धारण करने चाहिए?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार रत्नों को बिना ज्योतिषीय सलाह के धारण नहीं करना चाहिए। सही रत्न धारण करने से जीवन के सारी समस्याओं का समाधान हो सकता है और सफलता भी प्राप्त कर सकते हैं। चलिए जानते हैं कि करियर और व्यापार में तरक्की के लिए कौन सा रत्न पहनें।
ज्योतिष शास्त्र का एक हिस्सा रत्न शास्त्र है। इसमें रत्नों के उपयोग के महत्व के बारे में बताया गया है। रत्न शास्त्र में 9 रत्न और 84 उपरत्न होते हैं। हर ग्रह का एक रत्न होता है। 9 रत्नों में से कुछ रत्न बेहद पॉवरफुल होते हैं, जो करियर और व्यापार की तरक्की के लिए लोग धारण करते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार रत्नों को बिना ज्योतिषीय सलाह के धारण नहीं करना चाहिए। सही रत्न धारण करने से जीवन के सारी समस्याओं का समाधान हो सकता है और सफलता भी प्राप्त कर सकते हैं। चलिए जानते हैं कि करियर और व्यापार में तरक्की के लिए कौन सा रत्न पहनें।
पन्ना रत्न के फायदे व नियम
रत्न शास्त्र के मुताबिक पन्ना रत्न का संबंध बुध ग्रह से है। बुध ग्रह को बुद्धि, वाणी, शिक्षा, व्यापार और लेखन का कारक ग्रह माना जाता है। ऐसे में इसे धारण करने से करियर में कामयाबी मिल सकती है। इसे धारण करने के लिए सबसे उत्तम दिन बुधवार होता है। पन्ना को सोना या चांदी में जड़वाकर सबसे छोटी उंगली में धारण करना चाहिए।
विधि
किसी भी बुधवार के दिन पन्ना धारण करने से पहले उसे मंगलवार की रात दूध में अंगूठी को रख दें।
इसके बाद बुधवार को सुबह अंगूठी को दूध से निकालकर गंगाजल से अभिषिक्त करें।
इसके बाद धूप-दीप दिखाकर ओम् बुं बुधाय नमः मंत्र का एक माला जाप करने के बाद ही धारण करना चाहिए।
मूंगा रत्न के फायदे व नियम
करियर में अगर आप तरक्की चाहते हैं तो पहनें मूंगा रत्न, मूंगा रत्न पहनने से आत्मविश्वास, साहस और नेतृत्व क्षमता बढ़ती है। यदि किसी का मंगल कमजोर है तो, उसके जीवन में कई तरह की तकलीफें आ सकती हैंष ऐसे समय में उसे मूंगा रत्न पहनना चाहिए। यह रत्न नेतृत्व क्षमता को बढ़ाकर बेहतर निर्णय लेने और करियर में आगे बढ़ने में सहायक होता है। साथ ही यह करियर में आने वाली समस्याओं को दूर करता है।
विधि
मूंगा रत्न को आमतौर पर सोने, चांदी या तांबे की अंगूठी में जड़वाकर पहना जाता है।
इसे धारण करने से पहले अंगूठी को कच्चे दूध और गंगाजल से अच्छे से शुद्ध करना जरूरी माना गया है।
मूंगा पहनने का सबसे शुभ समय मंगलवार की सुबह से दोपहर के बीच का होता है।
पुरुषों को यह रत्न दाएं हाथ की अनामिका में पहनना चाहिए।
महिलाएं इसे बाएं हाथ की अनामिका में धारण कर सकती हैं।
गोमेद पहनने के नियम और फायदे
गोमेद पहनने से व्यापार में सफलता, कार्यक्षमता में वृद्धि, सहकर्मियों के बीच लोकप्रियता और आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होती है। यह रत्न अज्ञात भय को कम करता है, मानसिक तनाव को शांत करता है, और राहु के अशुभ प्रभावों को कम करने में मदद करता है, जो करियर में बाधाएं पैदा कर सकते हैं।
विधि
गोमेद रत्न शनिवार के दिन, सूर्यास्त के बाद पहनना शुभ माना जाता है।
इसे चांदी की अंगूठी में पहनें। दाहिने हाथ की मध्यमा उंगली में धारण करें।
पहनने से पहले गंगाजल या साफ पानी से शुद्ध करें।
108 बार 'ॐ रां राहवे नमः' मंत्र का जाप करें।
नीलम रत्न के फायदे व नियम
नीलम रत्न धारण करने से आत्मविश्वास बढ़ता है, जिससे व्यक्ति अपनी क्षमताओं को बेहतर ढंग से समझ पाता है। इसका संबंध शनि ग्रह से है। यह आय के स्रोतों को बढ़ाकर नुकसान होने से बचाता है। जिससे धन-धान्य की वृद्धि होती है और घर में सुख समृद्धि आती है।
किस विधि से पहनें?
- नीलम रत्न को धारण करने से पहले उसे गंगाजल या पवित्र जल से अच्छी तरह धोकर शुद्ध कर लें।
- नीलम रत्न को सोने, चांदी या पंचधातु में जड़वाकर धारण करना चाहिए। सोने में जड़वाकर धारण करने से नीलम का प्रभाव और अधिक बढ़ जाता है।
- नीलम रत्न को शनि ग्रह की उंगली यानी मध्यमा उंगली में धारण करना चाहिए।
- नीलम रत्न को शनिवार के दिन धारण करना शुभ माना जाता है।
- नीलम रत्न को धारण करते समय अपना मुंह उत्तर दिशा की ओर रखना चाहिए।
जेड रत्न के फायदे व नियम
जेड रत्न पहनने से आत्मविश्वास बढ़ता है और करियर और व्यापार में अच्छी सफलता मिल सकती है। यह रत्न सही और गलत में फर्क करने की क्षमता को बढ़ता है, जिससे सही निर्णय लेने में मदद मिलती है। जेड स्टोन को धारण करने से व्यक्ति की पर्सनैलिटी में निखार आता है और आत्मविश्वास में भी वृद्धि होती है।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।





