
रत्न शास्त्र: भाग्य और तरक्की के लिए पहनें ये 3 रत्न, लेकिन धारण करने से पहले जान लें नियम
रत्न शास्त्र में कुछ रत्नों को बेहद शक्तिशाली माना गया है। जिन्हें धारण करने से भाग्य बदल जाता है और जीवन में खूब तरक्की होने लगती है। चलिए ऐसे 3 रत्नों के बारे में जानते हैं। ये तीन रत्न है पुखराज, माणिक्य और नीलम।
हर इंसान चाहता है कि भाग्य हमेशा साथ दे, मेहनत रंग लाए और जीवन में खूब तरक्की करें। लेकिन कई बार मेहनत और लगन के बावजूद इंसान को सफलता नहीं मिल पाती है। इसकी एक वजह ग्रह दोष हो सकता है। ग्रह दोष को दूर करने के लिए लोग तरह-तरह के उपाय करते हैं। इन्हीं उपायों में से एक है रत्न धारण करना। मान्यतानुसार, हर व्यक्ति की कुंडली में कुछ ग्रह मजबूत होते हैं और कुछ कमजोर। रत्न कमजोर ग्रहों की ऊर्जा को बढ़ाकर व्यक्ति को करियर में स्थिरता, निर्णय क्षमता और आत्मविश्वास प्रदान करते है। लेकिन अगर आप गलत रत्न पहनते हैं, तो इसके परिणाम अशुभ मिलते हैं।
रत्न शास्त्र में कुछ रत्नों को बेहद शक्तिशाली माना गया है। जिन्हें धारण करने से भाग्य बदल जाता है और जीवन में खूब तरक्की होने लगती है। चलिए ऐसे 3 रत्नों के बारे में जानते हैं। ये तीन रत्न है पुखराज, माणिक्य और नीलम। चलिए इन रत्नों के बारे में विस्तार से जानते हैं।
पुखराज पहनने के फायदे व नियम
रत्न शास्त्र के अनुसार पुखराज एक बहुमूल्य रत्न है। इस रत्न का संबंध गुरु ग्रह से होता है। इसे पहनने से शिक्षा, ज्ञान, धन, और सफलता में वृद्धि होती है। साथ ही इसे पहनने से जातक की कुंडली में गुरु ग्रह की स्थिति मजबूत होती है। यह रत्न पीले, सुनहरे और हल्के नारंगी रंगों में उपलब्ध होता है। इसके साथ ही धन कमाने के लिए ये रत्न बहुत लकी माना जाता है।
कैसे और कब करें धारण
-पुखराज को गुरुवार के दिन पहनना सबसे शुभ माना जाता है।
- इसे सोने या पीतल की अंगूठी में धारण किया जाता है।
- पुखराज पहनने से पहले इसे दूध, गंगाजल, शहद और तुलसी के पत्तों के जल में डुबोकर शुद्ध करें।
- इसके बाद बृहस्पति मंत्र “ॐ बृं बृहस्पतये नमः” का जाप करें।
- अंगूठी को दाहिने हाथ की तर्जनी उंगली में सूर्योदय के समय पहनें।
कौन कर सकता है धारण
पुखराज को मुख्य रूप से धनु और मीन राशि के जातकों के लिए शुभ माना गया है। वहीं, वृषभ, कन्या, मिथुन और तुला राशि के जातकों को इसे पहनने से पहले ज्योतिष विशेषज्ञ से परमार्श करना चाहिए।
माणिक्य रत्न
माणिक्य रत्न का संबंध सूर्य ग्रह से है। इस रत्न को पहनने से सूर्य की स्थिति जातक की कुंडली में मजबूत होती है। जो लोग इस खास रत्न को धारण करते हैं वो सूरज की तरह ही चमकते हैं। इस रत्न को पहनने से नौकरी में तरक्की मिलने की संभावना बढ़ जाती है। साथ ही यह रत्न आत्मबल और फैसले लेने की एबिलिटी को स्ट्रॉन्ग करता है। राजनीति, उच्च पदों या सरकारी सेवाओं से जुड़े लोगों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है।
कब और कैसे करें धारण
– माणिक्य को धारण करने के लिए रविवार का दिन सबसे शुभ माना जाता है।
-इसे धारण करने से पहले इसे शुद्धि करना बेहद जरूरी है।
- माणिक्य के रत्न को तांबे, या सोने की अंगूठी में जड़वा कर धारण किया जा सकता है।
- रविवार के दिन गंगाजल, और कच्चे दूध से पहले माणिक्य रत्न की शुद्धि करें।
- अनामिका अंगुली में इस रत्न को धारण करना चाहिए।
- सूर्योदय के समय स्नान कर धारण करना शुभ रहेगा।
माणिक्य किसे पहनना चाहिए और किसे नहीं
ज्योतिष विद्या की मानें तो माणिक्य रत्न को सूर्य ग्रह से जोड़कर देखा जाता है। मेष, सिंह और धनु राशि के जातक यह रत्न धारण कर सकते हैं। इसके साथ ही अगर ग्याहरवां भाव, नवम भाव, धन भाव, दशम भाव, एकादश भाव, व पंचम भाव में सूर्य उच्च के हैं तब भी माणिक्य धारण किया जा सकता है। वहीं, अगर आपकी राशि तुला, कन्या, मिथुन, मकर और कुंभ है तो माणिक्य धारण करने से बचना चाहिए। रत्न विद्या के मुताबिक, कुंडली में सूर्य नीच के हों तो माणिक्य नहीं पहनना चाहिए।
नीलम रत्न
नीलम रत्न को सबसे ज्यादा प्रभावशाली माना जाता है। यह शनिदेव का रत्न है। इसे धारण करने से धन की समस्या दूर होती है और आर्थिक स्थिति मजबूत होती है। यह व्यापार, नौकरी और बिजनेस में फायदा पहुंचाता है। साथ ही स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं खत्म हो जाती है। इसे भाग्य वृद्धि का रत्न भी कहा जाता है।
पहनने की विधि
- नीलम रत्न को सोने या फिर पंच धातु से बनी अंगूठी में जड़वाकर पहनना चाहिए।
- इसे बाएं हाथ में मध्य रात्रि में धारण करना चाहिए।
- नीलम को शनिवार के दिन धारण करना शुभ माना जाता है।
- इसे धारण करने से पहले शुद्धि करना जरूरी माना जाता है।
- यह रत्न कम से कम 7 से सवा 8 रत्ती का धारण करना चाहिए।
-शनिवार के दिन गंगाजल, और कच्चे दूध से पहले नीलम की शुद्धि करें।
-इसे शनि देव को अर्पित कर दें। विधिवत पूजा-अर्चना करें।
-कुछ देर के बाद इस रत्न को मध्यमा उंगली में धारण कर लें।
किसे पहनना चाहिए
नीलम रत्न को शनि देव का रत्न माना जाता है। इसलिए कुंभ राशि और मकर राशि के जातकों के लिए नीलम रत्न धारण करना शुभ साबित हो सकता है। नीलम के साथ मूंगा, माणिक्य और मोती नहीं पहनना चाहिए।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।





