रत्न शास्त्र: बेहद प्रभावशाली हैं ये 4 रत्न, धारण करने बढ़ती है धन-दौलत, जानें पहनने के नियम
लोग जीवन को सुखी और समृद्धि अलग-अलग रत्न धारण करते हैं। ज्योतिष में रत्नों का अपना खास महत्व होता है। मान्यता है कि सही रत्न पहनने से व्यक्ति के स्वभाव, करियर, स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन पर पॉजिटिव असर डालता है।

लोग जीवन को सुखी और समृद्धि अलग-अलग रत्न धारण करते हैं। ज्योतिष में रत्नों का अपना खास महत्व होता है। मान्यता है कि सही रत्न पहनने से व्यक्ति के स्वभाव, करियर, स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन पर पॉजिटिव असर डालता है। वैसे रत्न शास्त्र में 84 उपरत्न और 9 रत्नों का उल्लेख मिलता है, जिसमें से प्रमुखतया 5 ही रत्न माने गए हैं, जो हैं, माणिक्य, पुखराज, पन्ना, हीरा, मूंगा। लेकिन आज हम आपको 4 ऐसे रत्न के बारे में बताएंगे जिन्हें धारण करने से धन में वृद्धि होती है।
टाइगर रत्न
टाइगर रत्न को धारण करने से जीवन की अनेक समस्याओं से छुटकारा मिलता है। इसे धारण करने से करियर में तरक्की मिलती है। आर्थिक संकट दूर होता है। वैवाहिक जीवन में चली आ रही परेशानियां खत्म होती है। तो टाइगर स्टोन पहनने से इन समस्याओं में कमी देखी जा सकती है। यह रत्न न केवल जीवन को संतुलित करता है, बल्कि व्यक्ति के भाग्य को मजबूत बनाकर उसे आगे बढ़ने में मदद करता है।
धारण करने के नियम
टाइगर स्टोन रत्न को सही तरीके से धारण करने के लिए शुभ दिन और विधि का ध्यान रखना जरूरी है। इसे मंगलवार, गुरुवार या शनिवार को धारण करना सबसे शुभ माना जाता है। रत्न को पहनने से पहले इसे गंगाजल, दूध और शहद में डुबोकर शुद्ध करेंष फिर भगवान शिव या अपने इष्ट देव की पूजा करें और “ॐ भौमाय नमः” मंत्र का 108 बार जाप करें। इसे चांदी, तांबे या पंचधातु की अंगूठी में मढ़वाकर अनामिका या मध्यमा अंगुली में पहनें।
नीलम रत्न
नीलम रत्न ही एक ऐसा रत्न है, जो तुरंग असर दिखाने लगता है। इस रत्न का संबंध शनि देव से हैं। अगर नीलम सही विधि और तरीके से धारण किया जाए तो मनुष्य धनवान बन सकता है। नीलम के साथ मूंगा और माणिक्य धारण नहीं करना चाहिए। नीलम दिन-दूनी रात-चौगुनी उन्नति करवाता है।
नीलम अथवा नीलम का उपरत्न या काले घोड़े की नाल का छल्ला धारण करने के उपरान्त किसी भी गरीब व्यक्ति को शनिवार के दिन भोजन अवश्य कराना चाहिए। नीलम रत्न शनि ग्रह का प्रतिनिधित्व करता है। नीलम रत्न सूट करने पर शनि से संबंधित समस्त दोष शांत हो जाते हैं।
पन्ना धारण
पन्ना रत्न का संबंध बुध ग्रह से ही है। इसलिए पन्ना धारण करने से करियर और व्यापार में लाभ होता है। पन्ना को धारण करने में भी विशेष ध्यान रखने की जरूरत होती है। जब आप यह रत्न धारण करें तो मोती, मूंगा, पुखराज जैसे रत्नों को धारण करने से बचें। पन्ना बुद्धि को प्रखर और एकाग्र कर देता है। यह मन की चिंताओं को दूर करता है। इसको धारण करने से वाणी की शक्ति बढ़ जाती है।
जेड स्टोन
जेड स्टोन पहनने से व्यक्ति की एकाग्रता बढ़ती है। नियमित रूप से इसको धारण करने से धन लाभ होता है। अगर आप हर रंग का जेड स्टोन धारण करते हैं तो इससे आप अपने नौकरी और व्यापार के लिए सही फैसले ले पाते हैं। आर्थिक लाभ के लिए आप हरे रंग का जेड स्टोन धारण करें।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

लेखक के बारे में
Dheeraj Palसंक्षिप्त विवरण
धीरज पाल एक डिटिजल पत्रकार है, जिन्हें इस क्षेत्र में 7 से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वो भारत की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान लाइव हिंदुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन का हिस्सा हैं। यहां वह ग्रह गोचर, वास्तु शास्त्र, न्यूमरोलॉजी, रत्न शास्त्र से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
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परिचय और अनुभव
धीरज पाल डिजिटल मीडिया में उभरता एक ऐसा नाम है, जो पाठक को धर्म से जुड़ी खबरों को प्रमाणिक तौर पर और आमबोल चाल की भाषा परोसते हैं। वो ग्रह नक्षत्रों, वास्तु शास्त्र, अंक ज्योतिष,रत्न शास्त्र जैसे विषयों पर लेख लिखकर पाठक को उसकी अहमियत के बारे में बताते हैं। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़े हैं और पिछले 4 सालों से काम कर रहे हैं। अपने करियर के दौरान धीरज ने समाचार, फीचर, और एक्सप्लेनर कंटेंट में काम करते हुए अब ज्योतिषीय विषयों को डिजिटल पाठकों तक पहुंचाने में विशेष पहचान बनाई है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
धीरज ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए इन मीडिया स्टडीज और राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से जनसंचार एवं पत्रकारिता से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।
धीरज पाल ने अपने पत्रकारिता कर की शुरुआत एपीएन न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने लोकमत न्यूज हिंदी और एनडीटीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद वो लाइव हिंदुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा बने। अब इनका एकमात्र उद्देश्य ज्योतिषीय जानकारी को रुचिगत, सरल, प्रमाणिक रूप में प्रस्तुत करना है।
व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के निवासी धीरज पाल को पत्रकारिता और ज्योतिषीय अध्ययन के साथ-साथ घूमने, किताबें पढ़ने और क्रिकेट खेलने का शौक है।
विशेषज्ञता (Areas of Expertise):
ग्रह और नक्षत्रों का असर
वास्तु शास्त्र
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