गरुड़ पुराण: घर में भूलकर भी ना करें ये 6 गलतियां, हो सकता है भूत-प्रेतों का वास

Mar 16, 2026 02:12 pm ISTNavaneet Rathaur लाइव हिन्दुस्तान
share

गरुड़ पुराण के अनुसार घर में ये 6 गलतियां भूलकर भी न करें, वरना भूत-प्रेतों का वास हो सकता है! बासी खाना, थूकना, गंदगी, पूजापाठ न करना, बुजुर्ग अपमान और बिना स्नान भोजन करने से बचें। घर को पवित्र रखने के उपाय पढ़ें।

गरुड़ पुराण: घर में भूलकर भी ना करें ये 6 गलतियां, हो सकता है भूत-प्रेतों का वास

गरुड़ पुराण में भगवान विष्णु ने गरुड़ जी को जीवन के कई रहस्य बताए हैं। इसमें बताया गया है कि जीवित लोगों की तरह ही प्रेत और भूत भी भोजन करते हैं। वे उन घरों की ओर आकर्षित होते हैं जहां गलत कार्य, बुरी आदतें या अशुद्धता होती है। ऐसे घरों में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है, सुख-शांति भंग होती है और मां लक्ष्मी भी दूर रहती हैं। गरुड़ पुराण में कुछ ऐसी गलतियां बताई गई हैं, जिनसे बचना हर गृहस्थ के लिए जरूरी है। इन गलतियों से घर में प्रेतों का वास हो सकता है। आइए जानते हैं उन 6 प्रमुख गलतियों के बारे में।

घर में बासी खाना रखना

गरुड़ पुराण में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि घर में कई दिन का बासी खाना रखने से प्रेत उस घर की ओर आकर्षित होते हैं। बासी भोजन में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ जाती है और प्रेत उसे अपना निवाला मानते हैं। इसलिए हमेशा ताजा भोजन ही करें। यदि कुछ बच जाए, तो उसे किसी जरूरतमंद को दान कर दें या पक्षियों को खिलाएं। बासी खाने को घर में रखना अशुभ माना जाता है और इससे घर का वातावरण दूषित होता है।

घर में थूकना या गंदगी फैलाना

थूकना या घर में गंदगी फैलाना भी प्रेतों को आकर्षित करने वाला कार्य है। गरुड़ पुराण में बताया गया है कि प्रेत गंदी चीजों और अपवित्र स्थानों की ओर शीघ्र आकर्षित होते हैं। घर में थूकने से नकारात्मक शक्तियां सक्रिय हो जाती हैं। इसलिए हमेशा साफ-सफाई रखें और थूकने की आदत घर के बाहर या बाथरूम में ही डालें। घर को स्वच्छ रखने से प्रेत दूर रहते हैं और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।

घर को गंदा और अव्यवस्थित रखना

गरुड़ पुराण में कहा गया है कि गंदा और अव्यवस्थित घर प्रेतों का डेरा बन जाता है। ऐसे घरों में प्रेत आकर भोजन करते हैं और पूरा वातावरण खराब कर देते हैं। मां लक्ष्मी भी ऐसे घरों से दूर रहती हैं। इसलिए घर को हमेशा साफ-सुथरा और व्यवस्थित रखें। रोज झाड़ू लगाएं, सामान अपनी जगह पर रखें और अनावश्यक चीजों को हटाते रहें। साफ घर में देवी-देवताओं का वास होता है और प्रेतों का प्रवेश नहीं होता।

घर में दान, उपवास और पूजा-पाठ नहीं करना

गरुड़ पुराण में बताया गया है कि जिन घरों में दान, उपवास, पूजा-पाठ और धार्मिक कार्य नहीं होते, उन घरों में प्रेत अपना डेरा जमा लेते हैं। नियमित पूजा, भगवान का नाम जप और दान से घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। यदि ये कार्य बंद हो जाएं तो नकारात्मक शक्तियां बढ़ जाती हैं। इसलिए रोज कम से कम दीपक जलाएं, भगवान का नाम लें और गरीबों को दान करें। इससे पितृ प्रसन्न होते हैं और प्रेत दूर रहते हैं।

महिलाओं का देर तक सोना या बुजुर्गों का अपमान

गरुड़ पुराण में उल्लेख है कि जिन घरों में महिलाएं देर तक सोती हैं या बुजुर्गों का अपमान करती हैं, उन घरों की ओर प्रेत आकर्षित होने लगते हैं। इससे दरिद्रता और नकारात्मकता बढ़ती है। सुबह जल्दी उठना, बुजुर्गों का सम्मान करना और घर में सकारात्मक व्यवहार रखना जरूरी है। बुजुर्गों के आशीर्वाद से घर में सुख-शांति बनी रहती है और प्रेतों का प्रभाव कम होता है।

बिना स्नान-पूजा के भोजन करना

गरुड़ पुराण में कहा गया है कि बिना स्नान और पूजा-पाठ किए भोजन करने वाले घरों से देवी-देवता दूर चले जाते हैं और वहां प्रेत रहने लगते हैं। सुबह उठकर स्नान, पूजा और फिर भोजन करना चाहिए। इससे घर में पवित्रता बनी रहती है और नकारात्मक शक्तियां प्रवेश नहीं कर पाती हैं।

गरुड़ पुराण हमें सिखाता है कि छोटी-छोटी आदतों और गलतियों से घर का वातावरण प्रभावित होता है। इन गलतियों से बचकर घर को पवित्र और सकारात्मक बनाए रखें। नियमित पूजा, साफ-सफाई और सात्विक जीवन से प्रेतों का भय दूर रहता है और घर में सुख-शांति बनी रहती है।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Navaneet Rathaur

लेखक के बारे में

Navaneet Rathaur

संक्षिप्त विवरण

नवनीत राठौर नए युग के डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें इस क्षेत्र में करीब 7 साल का अनुभव है। वर्तमान में वो भारत की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान लाइव हिंदुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन के हिस्सा हैं। यहां वह अंक ज्योतिष, हस्तरेखा विज्ञान, वास्तु शास्त्र, वैदिक ज्योतिष से जुड़ी खबरें लिखते हैं।


विस्तृत बायो परिचय और अनुभव

डिजिटल मीडिया में अपनी अलग पहचान बना रहे नवनीत राठौर धर्म से जुड़ी खबरों को प्रमाणिक तौर पर और आमबोल चाल की भाषा में पाठकों के लिए परोसते हैं। वो अंक ज्योतिष, हस्तरेखा विज्ञान, वास्तु शास्त्र, वैदिक ज्योतिष जैसे विषयों पर लेख लिखकर पाठक को उसकी अहमियत के बारे में बताते हैं। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़े हैं और करीब 5 सालों से काम कर रहे हैं। अपने करियर के दौरान नवनीत ने वेबस्टोरी, फीचर, और एक्सप्लेनर कंटेंट में काम करते हुए अब ज्योतिषीय विषयों को डिजिटल पाठकों तक पहुंचाने में विशेष पहचान बनाई है।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि

नवनीत ने शारदा विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा से जनसंचार एवं पत्रकारिता में स्नातक और शुभारती विश्वविद्यालय से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।


नवनीत राठौर ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत जनतंत्र न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने सूर्या समाचार और अमर उजाला जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद नवनीत लाइव हिंदुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा बने। पाठकों को सरल, विश्वसनीय और प्रेरणादायक जानकारी प्रदान करना ही नवनीत राठौर का मुख्य उद्देश्य है।


विशेषज्ञता (Areas of Expertise)

अंक ज्योतिष
हस्तरेखा विज्ञान
वास्तु शास्त्र
वैदिक ज्योतिष

और पढ़ें
जानें लेटेस्ट Dharm News, Aaj ka Rashifal और सटीक Panchang की जानकारी। अपनी डेली पूजा के लिए यहाँ पढ़ें Shiv Chalisa, Hanuman Chalisa और Bajrang Baanहिंदू कैलेंडर 2026 की शुभ तिथियों के साथ अपने हर दिन को खास बनाएं!