गणेश चतुर्थी कब है? बनेंगे ये शुभ योग, जानें भद्रा काल समेत सारी डिटेल्स
इस साल गणेश चतुर्थी पर कई योग बन रहे हैं और इसी वजह से ये और भी खास होने वाला है। जानें भद्राकाल कब तक रहेगी और पूजा का शुभ मुहूर्त क्या रहने वाला है?

फेस्टिव सीजन ने अब दस्तक दे दी है। मार्केट में भी गणेश चतुर्थी की महक अब धीरे-धीरे आने लगी है। हर साल की इस बार भी लोगों के मन में गणेश चतुर्थी की डेट को लेकर कन्फ्यूजन है। इसी दिन हरितालिका तीज भी है और इसी वजह से ये कन्फ्यूजन और भी बढ़ गया है। जानिए आखिर गणेश चतुर्थी की सही डेट क्या है और इस बार पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है? इस दिन भद्रा भी पड़ रही है तो इसका समय क्या रहने वाला है? क्या इस प्रभाव पूजा पर पड़ेगा?
गणेश चतुर्थी की तारीख
पंचांग के हिसाब से इस बार भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि की शुरुआत 14 सितंबर से शुरू हो रही है। तिथि की शुरुआत सुबह में 7:06 बजे होगी। इस तिथि का समापन अगले दिन यानी 15 सितंबर को होगा। समापन की तिथि सुबह 7:44 बजे है। धार्मिक मान्यता है कि भगवान गणेश का जन्म मध्याह्न काल के दौरान हुआ। ऐसे में गणेश चतुर्थी इस साल 14 सितंबर के दिन मनाई जाएगी। इसी सेम दिन ही घरों और पंडालों में इनकी मूर्ति की स्थापना होगी। पंचांग के हिसाब से इस दिन रवि योग, इंद्र योग और ब्रह्म योग का शुभ संयोग बन रहा है।
गणेश भगवान की पूजा का शुभ मुहूर्त
शुभ मुहूर्त में अगर पूजा की जाए तो मान्यता है कि इसका शुभ फल मिलता है। 14 तारीख को गणेश भगवान की पूजा शुभ मुहूर्त में ही करें। सुबह 11:02 मिनट से लेकर आप दोपहर 1:31 बजे के बीच आप गणपति की स्थापना के साथ-साथ उनकी विधि-विधान के साथ पूजा कर सकते हैं। अगर आप इस समय पूजा नहीं कर पाएं तो अभिजीत मुहूर्त में गणपति को पूज सकते हैं। इस दौरान भी आप मूर्ति की स्थापना और पूजा कर सकते हैं। पूजा के लिए ब्रह्म मुहूर्त और निशिता मुहूर्त को भी चुना जा सकता है।
भद्रा काल से जुड़ी डिटेल्स
पंचांग के हिसाब से इस बार गणेश चतुर्थी वाले दिन भद्रा भी रहने वाली है। हालांकि इसे लेकर किसी को भी परेशान होने की जरूरत नहीं है। दरअसल भद्रा का समय गणेश भगवान की पूजा के समय से एकदम अलग है। वहीं मूर्ति स्थापना के शुभ मुहूर्त से भी इसका समय काफी अलग है।
हिंदू पंचांग के अनुसार 14 सितंबर में शाम से भद्रा का समय शुरू हो जाएगा। इसकी टाइमिंग शाम 7:20 बजे है। वहीं भद्रा के खत्म होने का समय अगले दिन यानी 15 सितंबर को है। इसकी टाइमिंग सुबह 6:06 बजे है। गणेश चतुर्थी की पूजा और मूर्ति स्थापना को दिन में ही करना शुभ माना जाता है। ऐसे में भद्रा होने से भी किसी भी चीज पर इसका असर नहीं पड़ेगा।


