कल गणेश चतुर्थी पर भद्रा में ना करें गणपति की स्थापना, सिद्धिविनायक ब्रत में इन 21 नामों का उच्चारण

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Ganesh Chaturthi 2026  kab hai: गणेश चतुर्थी पर गणपति की स्थापना कर रहे हैं तो भद्रा का ध्यान रखना चाहिए। आइए जानें 

 Ganpati Sthapna Shubh Muhurat
गणेश चतुर्थी शुभ मुहूर्त

इस साल गणेश चतुर्थी, का पर्व 14 सितंबर को मनाया जा रहा है। इसे पुराणों में सिद्धिविनायक मंत्र के नाम से भी कहा जाता है। इस दिन भगवान गणपति की स्थापना कर उनके 21 नामों का उच्चारण करना बहुत उत्तम माना जाता है।भाद्रपद में ही इस व्रत का बहुत महत्व बताया गया है, व्रत में पूजा के समय सिद्धिविनायक का ध्यान कर उनके इक्कीस नामों का उच्चारण करें | आपको इस बात का भी ध्यान करना है, उनके हर नाम के उच्चारण के साथ उन्हें एक प्रकार के वृक्ष की पत्ती समर्पित करे । वस्तुतः इक्कीस प्रकार वृक्षों की पत्तियां पहले ही एक कर लेनी चाहिए और क्रमानुसार नाम ले लेकर चढ़ाना चाहिए ।

गणपति के 21 नामों का करें उच्चारण

1.सुमुखाय नमः का उच्चारण करके शमी पत्र चढ़ाएं। 2.'गणाधीशाय नमः' कहकर माकापत्र चढ़ाएं। 3. उमापुत्राय नमः ' कहकर बिल्वपत्र,4. गणमुखाय नमः' कहकर दूर्वादल 5. लम्बोदराय नमः” कहकर बेलपत्र, 6. हरसूनवे नमः कहकर धत्तूरफल, 7. शूर्पकर्णाय नम: ' कहकर तुलसीपत्र, 8. वक्रतुण्डाय नमः ' कहकर वरवटी पत्र, 9. गुहाग्रजाय नमः कहकर आधघाड़ापत्र, 10. एकदन्ताय नमः कहकर रिंगाणीपत्र, 11. हेरम्बाय नमः कहकर पलाश पत्र,13. चतुहोंत्रे नम:' कहकर दालचीनी, 14. सर्वेश्वराय नम: ' कहकर अगत्स्य-पत्र, 15. विकटाय नमः ' कहकर कन्हेरीपत्र, 16. इभतुण्डाय नमः' कहकर पत्थर पुष्प, 17. 'विनायकाय नमः ' कहकर रुई का पत्र, 18. कपिलाय नमः ' कहकर अर्जुनपत्र 19. कटवे नमः” कहकर देवदारुपत्र 20. भालचन्द्राय 'नमः' कहकर मरुवा, 21. सुराग्रजाय नमः कहकर गान्धारी पत्र और सिद्द्धविनायकाय नमः” कहकर केतकी पत्र चढ़ाएं। गणेश्वर के लिए उनके उक्त नामों के साथ पुष्प समर्पित करें, फिर उन्हें 5, दस या अधिक मोदकों का नैवेद्य समर्पित करें ।

भद्रा में ना करें गणपति स्थापित

इस बार गणेश जी की स्थापना करें तो इस बात का ध्यान रखें कि भद्रा का समय नोट कर लें। भद्रा में गणपति की स्थापना ना करें। इससे पहले के मुहूर्त देख लें। आपको बता दें कि चतुर्थी तिथि 14 सितम्बर 07:08 बजे से ब्रह्म, इन्द्र योग, चित्रा, स्वाति नक्षत्र में दिन रात व्यापनी प्रारंभ होकर 15 सितम्बर को प्रातः 7:45 तक रहेगी। इसके अलावा भद्रा 14 सितंबर शाम 07:22 बजे से 15 सितंबर सुबर 7:45 तक रहेगी। इसलिए गणेश मूर्ति की स्थापना 14 सितम्बर को ही शुभ मुहूर्त में करना होगा। चतुर्थी पर देवगुरु बृहस्पति का अपनी उच्च राशि कर्क में स्थित रहना मीन राशि में शनि व अपनी स्वराशि सिंह में सूर्य का होना बहुत शुभ है। कुल मिलाकर सर्वार्थ सिद्धि योग व अमृत योग भी बन रहा है।

कैसे करें गणपति की स्थापना

गणेश चतुर्थी का पर्व भगवान गणेश को समर्पित होता है। इस दिन गणेश भगवान की विधि विधान के साथ पूजा अर्चना करते हुए घरों में, पंडालों में प्रतिमा को स्थापित किया जाता है। इस बार गणेश चतुर्थी 14 सितंबर को है और समापन 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी तिथि पर होगा, ऐसे में इस समय आप 5 दिन, 10 दिन और 1 दिन के लिए, जैसी श्रद्धा हो गणपति को अपने घर विराजमान कर सकते हैं। गणेश की नई मूर्ति का पूजा कक्ष या उत्तर दिशा की शुद्ध स्थल पर हल्दी से स्वास्तिक बनाकर पीले आसन पर इस तरह स्थापित करें कि गणेश विग्रह की पीठ उत्तर दिशा में हो व मुख दक्षिण की दिशा में हो। गणेश भक्त उत्तर की ओर मुख करके गणपति पूजन करें।

Anuradha Pandey

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शार्ट बायो

अनुराधा पांडेय पिछले 16 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में एस्ट्रोलॉजी और करियर टीम का नेतृत्व कर रही हैं।


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