गणेश चतुर्थी: गणपति स्थापना के लिए 2 घंटे 29 मिनट का शुभ मुहूर्त, नोट कर लें पूजा का सही समय
गणेश चतुर्थी 2026 इस बार 14 सितंबर, सोमवार को मनाई जाएगी। गणपति स्थापना और पूजा के लिए सुबह 11:02 बजे से दोपहर 1:31 बजे तक 2 घंटे 29 मिनट का शुभ मुहूर्त रहेगा। जानें पूजा सामग्री, बप्पा को दूर्वा और मोदक चढ़ाने का महत्व और गणपति विसर्जन की तारीख।

गणेश चतुर्थी पर बप्पा को घर लाने की तैयारियां पूरी हो गई हैं। इस बार गणेश चतुर्थी 14 सितंबर को मनाई जाएगी। कई घरों में इसी दिन गणपति की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। ऐसे में अगर आप भी बप्पा को घर में विराजमान करने जा रहे हैं तो पूजा के शुभ समय की जानकारी जरूर रख लें।पंचांग के अनुसार गणेश चतुर्थी की चतुर्थी तिथि 14 सितंबर की सुबह शुरू होगी। भगवान गणेश की पूजा के लिए दिन में मध्याह्न का समय शुभ माना जाता है। इसी समय गणपति स्थापना और पूजा करने की परंपरा है।
गणपति पूजा के लिए 2 घंटे 29 मिनट का समय
गणेश चतुर्थी पर गणपति पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 11:02 बजे से दोपहर 1:31 बजे तक रहेगा। यानी पूजा और स्थापना के लिए कुल 2 घंटे 29 मिनट का समय मिलेगा। बप्पा की स्थापना करने वाले लोग पूजा की तैयारी इससे पहले ही पूरी कर लें। मूर्ति, पूजा की सामग्री और भोग आदि तैयार रहने से शुभ समय में पूजा करने में आसानी रहेगी।
पूजा में क्या-क्या रखें
गणपति की पूजा के लिए चौकी और साफ कपड़े के साथ रोली, अक्षत, चंदन, फूल, दूर्वा, धूप, दीपक और कपूर रख सकते हैं। कलश, नारियल और फल भी पूजा में इस्तेमाल किए जाते हैं। भगवान गणेश को मोदक का भोग लगाने की परंपरा है। इसके अलावा घर में बने पकवान या मिठाई भी भोग में रख सकते हैं।
ऐसे करें गणपति की स्थापना
शुभ समय में गणेश जी की प्रतिमा को चौकी पर स्थापित करें। इसके बाद भगवान को चंदन और रोली लगाएं। अक्षत, फूल और दूर्वा अर्पित करें। गणेश जी को मोदक का भोग लगाकर आरती करें।पूजा के दौरान परिवार के सदस्य साथ बैठकर भगवान गणेश का ध्यान कर सकते हैं। मान्यता है कि गणपति की पूजा करने से घर में सुख-शांति रहती है और शुभ कामों में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं।
गणेश जी को दूर्वा क्यों चढ़ाई जाती है
गणेश पूजा में दूर्वा का विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार दूर्वा भगवान गणेश को प्रिय है। यही वजह है कि गणेश चतुर्थी की पूजा में भक्त बप्पा को दूर्वा जरूर चढ़ाते हैं। मोदक भी गणपति के प्रिय भोग के रूप में जाना जाता है।
कब होगा गणपति विसर्जन
गणेश चतुर्थी से गणेश उत्सव की शुरुआत होती है। घरों में गणपति को रखने की अवधि परिवार की परंपरा पर निर्भर करती है। कुछ लोग डेढ़ दिन बाद विसर्जन करते हैं तो कुछ तीन, पांच या सात दिन तक बप्पा की पूजा करते हैं। कई जगहों पर दस दिनों तक गणेश उत्सव मनाया जाता है। इस साल 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी है। इसी दिन दस दिवसीय गणेश उत्सव का समापन होगा और गणपति विसर्जन किया जाएगा।


