गणेश चतुर्थी 2026: कल घर में विराजेंगे गणपति बप्पा, जानें स्थापना का शुभ मुहूर्त और पूजा का सही समय

लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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गणेश चतुर्थी 2026 इस बार 14 सितंबर, सोमवार को मनाई जाएगी और इसी दिन गणपति की स्थापना की जाएगी। दिल्ली में गणपति स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 11:02 बजे से दोपहर 1:31 बजे तक रहेगा। जानें पूजा सामग्री, दूर्वा और मोदक का महत्व, गणपति कितने दिन घर में रख सकते हैं।

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गणपति बप्पा के स्वागत का समय आ गया है। गणेश चतुर्थी को लेकर घरों में तैयारियां चल रही हैं। कोई गणेश जी की प्रतिमा लेने की तैयारी कर रहा है तो कोई पूजा के लिए सामान जुटा रहा है। इस बार गणेश चतुर्थी 14 सितंबर, सोमवार को मनाई जाएगी। गणेश चतुर्थी के दिन ही घर और पंडालों में गणपति की स्थापना की जाएगी। गणेश चतुर्थी की तारीख को लेकर इस बार भी लोगों के बीच असमंजस है। पंचांग के अनुसार चतुर्थी तिथि 14 सितंबर की सुबह 7 बजकर 6 मिनट से शुरू होगी और 15 सितंबर की सुबह 7 बजकर 44 मिनट तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर गणेश चतुर्थी 14 सितंबर को मनाई जाएगी।

गणपति स्थापना का शुभ मुहूर्त

गणेश जी की स्थापना के लिए मध्याह्न का समय शुभ माना जाता है। दिल्ली के पंचांग के अनुसार 14 सितंबर को गणपति पूजा के लिए सुबह 11:02 बजे से दोपहर 1:31 बजे तक का समय रहेगा। इसी दौरान भक्त गणेश जी की प्रतिमा स्थापित कर पूजा कर सकते हैं।

बप्पा की पूजा में ये चीजें रखें

गणपति स्थापना से पहले पूजा का सामान तैयार कर लें। गणेश जी की प्रतिमा के साथ चौकी, साफ कपड़ा, कलश, नारियल, रोली, अक्षत, चंदन, फूल, दूर्वा, धूप, दीपक और कपूर की जरूरत होगी। भोग के लिए मोदक या अन्य मिठाई रख सकते हैं। फल भी पूजा में अर्पित किए जाते हैं। गणेश जी की प्रतिमा को चौकी पर स्थापित करने के बाद उनका पूजन करें। रोली, चंदन, अक्षत, फूल और दूर्वा अर्पित करें। इसके बाद भोग लगाकर आरती करें।

गणेश जी को दूर्वा और मोदक क्यों चढ़ाते हैं

गणेश पूजा में दूर्वा का खास महत्व बताया गया है। मान्यता है कि दूर्वा भगवान गणेश को प्रिय है। इसी तरह मोदक को भी गणपति का प्रिय भोग माना जाता है। इसलिए गणेश चतुर्थी की पूजा में भक्त बप्पा को दूर्वा और मोदक जरूर चढ़ाते हैं।

कितने दिन रख सकते हैं गणपति

गणेश चतुर्थी पर गणपति को घर लाने के बाद कितने दिन पूजा करनी है, इसकी कोई एक परंपरा नहीं है। कई लोग डेढ़ दिन बाद विसर्जन करते हैं, जबकि कुछ घरों में तीन, पांच या सात दिन तक गणपति विराजते हैं। कई जगहों पर पूरे दस दिन गणेश उत्सव मनाया जाता है। इस साल अनंत चतुर्दशी 25 सितंबर को है। इस दिन दस दिवसीय गणेश उत्सव का समापन होगा और बड़ी संख्या में श्रद्धालु गणपति का विसर्जन करेंगे।

गणेश चतुर्थी पर भगवान गणेश की पूजा को लेकर मान्यता है कि इससे घर में सुख-समृद्धि आती है और विघ्न दूर होते हैं। भक्त बप्पा की स्थापना कर परिवार की खुशहाली और जीवन में सफलता की कामना करते हैं।

Yogesh Joshi

लेखक के बारे में

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योगेश जोशी डिजिटल पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। ज्योतिष और धार्मिक विषयों पर उनका लेखन पाठक-केंद्रित और व्यावहारिक दृष्टिकोण के लिए जाना जाता है। राशिफल, ग्रह-गोचर, दशा-महादशा, अंकज्योतिष, सामुद्रिक शास्त्र, वास्तु, फेंगशुई और पूजा-विधि जैसे विषय उनके काम का प्रमुख हिस्सा हैं।


परिचय और अनुभव


योगेश जोशी ने डिजिटल मीडिया में काम करते हुए खबर और कंटेंट के बदलते स्वरूप को नजदीक से समझा है। पत्रकारिता में 8 वर्षों के अनुभव के साथ वह फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर की भूमिका निभा रहे हैं।


न्यूज़ और फीचर कंटेंट से शुरू हुआ उनका सफर आज ज्योतिष और धार्मिक विषयों तक पहुंच चुका है, जहां वह पारंपरिक ज्ञान को मौजूदा समय और डिजिटल पाठक की जरूरतों के हिसाब से प्रस्तुत करते हैं। उनका फोकस हमेशा इस बात पर रहता है कि कंटेंट जानकारी दे, उलझाए नहीं।


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करियर की शुरुआत और प्रोफेशनल सफर


योगेश ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत अमर उजाला के डिजिटल प्लेटफॉर्म से की। यहां उन्होंने डिजिटल न्यूज़, कंटेंट राइटिंग और एडिटिंग पर काम करते हुए मजबूत आधार तैयार किया। इसके बाद डिजिटल मीडिया में लगातार काम करते हुए उन्होंने एस्ट्रोलॉजी और धार्मिक विषयों से जुड़े कंटेंट में विशेषज्ञता विकसित की।
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व्यक्तिगत रुचियां


काम के अलावा योगेश को सामाजिक विषयों पर पढ़ना, लिखना और भारतीय परंपराओं को समझना पसंद है। उनका मानना है कि एक पत्रकार के लिए सीखना और खुद को अपडेट रखना सबसे जरूरी है।


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