10 दिन तक करें सिर्फ 1 उपाय, गणेश जी की कृपा से खूब बढ़ेगी सुख- समृद्धि

लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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Ganesh Chalisa in Hindi : गणेश चतुर्थी के साथ ही दस दिवसीय गणेश उत्सव की शुरुआत हो गई है। मान्यता है अनंत चतुर्दशी तक श्री गणेश चालीसा का पाठ करने से सुख समृद्धि में वृद्धि होती है। 

Ganesh Chalisa in Hindi ganesh ji ka upay
10 दिन तक करें सिर्फ 1 उपाय

Ganesh Chalisa in Hindi : गणेश चतुर्थी से अनंत चतुर्दशी तक गणेश महोत्सव उत्साह के साथ मनाया जाता है। अगले 10 दिन पूरे विधि- विधान के साथ गणेश जी की विधिवत पूजा की जाएगी। गणेश चतुर्थी के साथ ही दस दिवसीय गणेश उत्सव की शुरुआत हो गई है। समापन 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी के दिन होगा। इस दिन भक्त गणपति की प्रतिमा का विसर्जन करेंगे। मान्यता है अनंत चतुर्दशी तक श्री गणेश चालीसा का पाठ करने से सुख समृद्धि में वृद्धि होती है। आगे पढ़ें श्री गणेश चालीसा -

10 दिन तक करें सिर्फ 1 उपाय, गणेश जी की कृपा से खूब बढ़ेगी सुख- समृद्धि

दोहा

जय गणपति सद्गुण सदन कविवर बदन कृपाल।

विघ्न हरण मंगल करण जय जय गिरिजालाल॥

॥ चौपाई ॥

जय जय जय गणपति राजू।

मंगल भरण करण शुभ काजू॥

जय गजबदन सदन सुखदाता।

विश्व विनायक बुद्धि विधाता॥

वक्र तुण्ड शुचि शुण्ड सुहावन।

तिलक त्रिपुण्ड भाल मन भावन॥

राजित मणि मुक्तन उर माला।

स्वर्ण मुकुट शिर नयन विशाला॥

पुस्तक पाणि कुठार त्रिशूलं।

मोदक भोग सुगन्धित फूलं॥

सुन्दर पीताम्बर तन साजित।

चरण पादुका मुनि मन राजित॥

धनि शिवसुवन षडानन भ्राता।

गौरी ललन विश्व-विधाता॥

ऋद्धि सिद्धि तव चँवर डुलावे।

मूषक वाहन सोहत द्वारे॥

कहौ जन्म शुभ कथा तुम्हारी।

अति शुचि पावन मंगल कारी॥

एक समय गिरिराज कुमारी।

पुत्र हेतु तप कीन्हा भारी॥

भयो यज्ञ जब पूर्ण अनूपा।

तब पहुंच्यो तुम धरि द्विज रूपा।

अतिथि जानि कै गौरी सुखारी।

बहु विधि सेवा करी तुम्हारी॥

अति प्रसन्न ह्वै तुम वर दीन्हा।

मातु पुत्र हित जो तप कीन्हा॥

मिलहि पुत्र तुहि बुद्धि विशाला।

बिना गर्भ धारण यहि काला॥

गणनायक गुण ज्ञान निधाना।

पूजित प्रथम रूप भगवाना॥

अस कहि अन्तर्धान रूप ह्वै।

पलना पर बालक स्वरूप ह्वै॥

बनि शिशु रुदन जबहि तुम ठाना।

लखि मुख सुख नहिं गौरि समाना॥

सकल मगन सुख मंगल गावहिं।

नभ ते सुरन सुमन वर्षावहिं॥

शम्भु उमा बहुदान लुटावहिं।

सुर मुनि जन सुत देखन आवहिं॥

लखि अति आनन्द मंगल साजा।

देखन भी आए शनि राजा॥

निज अवगुण गुनि शनि मन माहीं।

बालक देखन चाहत नाहीं॥

गिरजा कछु मन भेद बढ़ायो।

उत्सव मोर न शनि तुहि भायो॥

कहन लगे शनि मन सकुचाई।

का करिहौ शिशु मोहि दिखाई॥

नहिं विश्वास उमा कर भयऊ।

शनि सों बालक देखन कह्यऊ॥

पड़तहिं शनि दृग कोण प्रकाशा।

बालक शिर उड़ि गयो आकाशा॥

गिरजा गिरीं विकल ह्वै धरणी।

सो दुख दशा गयो नहिं वरणी॥

हाहाकार मच्यो कैलाशा।

शनि कीन्ह्यों लखि सुत को नाशा॥

तुरत गरुड़ चढ़ि विष्णु सिधाए।

काटि चक्र सो गज शिर लाए॥

बालक के धड़ ऊपर धारयो।

प्राण मन्त्र पढ़ शंकर डारयो॥

नाम गणेश शम्भु तब कीन्हे।

प्रथम पूज्य बुद्धि निधि वर दीन्हे॥

बुद्धि परीक्षा जब शिव कीन्हा।

पृथ्वी की प्रदक्षिणा लीन्हा॥

चले षडानन भरमि भुलाई।

रची बैठ तुम बुद्धि उपाई॥

चरण मातु-पितु के धर लीन्हें।

तिनके सात प्रदक्षिण कीन्हें॥

धनि गणेश कहि शिव हिय हरषे।

नभ ते सुरन सुमन बहु बरसे॥

तुम्हरी महिमा बुद्धि बड़ाई।

शेष सहस मुख सकै न गाई॥

मैं मति हीन मलीन दुखारी।

करहुँ कौन बिधि विनय तुम्हारी॥

भजत रामसुन्दर प्रभुदासा।

लख प्रयाग ककरा दुर्वासा॥

अब प्रभु दया दीन पर कीजै।

अपनी शक्ति भक्ति कुछ दीजै॥

दोहा

श्री गणेश यह चालीसा पाठ करें धर ध्यान।

नित नव मंगल गृह बसै लहे जगत सन्मान॥

सम्वत् अपन सहस्र दश ऋषि पंचमी दिनेश।

पूरण चालीसा भयो मंगल मूर्ति गणेश॥

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Shrishti Chaubey

लेखक के बारे में

Shrishti Chaubey

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सृष्टि चौबे पत्रकारिता जगत में 4 वर्षों का अनुभव रखती हैं। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर कार्यरत हैं। वह ज्योतिष, ग्रह गोचर, राशिफल, नक्षत्र परिवर्तन, अंकज्योतिष, रत्न, और वास्तु से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। पाठक-केंद्रित व आसान भाषा में जानकारी पेश करना इनके लेखन की पहचान है। धार्मिक ग्रंथों को पढ़कर लोगों तक सही जानकारी पहुंचाना और उन पर शोध करना इनकी विशेष पसंद है।

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अपने करियर की शुरुआत इन्होंने हिन्दी दैनिक समाचार पत्र से की। इसके बाद इन्होंने डिजिटल मीडिया में कदम रखा। सृष्टि वेब स्टोरी, यूट्यूब शॉर्ट्स व इंस्टाग्राम रील्स जैसे विभिन्न डिजिटल स्टोरीटेलिंग फॉर्मेट का अनुभव रखती हैं। मनोरंजन, खेल व सेहत पर अच्छी पकड़ के साथ अब सृष्टि ज्योतिष और धार्मिक विषयों को कवर कर अपनी पहचान बना रही हैं।

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