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विवाह में आ रही है अड़चनें, तो इस दिन गाय को खिलाएं ये चीज, दूर होंगी बाधाएं

विवाह में आ रही है अड़चनें, तो इस दिन गाय को खिलाएं ये चीज, दूर होंगी बाधाएं

संक्षेप:

गाय को पृथ्वी तत्व का प्रतीक माना जाता है। ये हमें दूध, गोबर और गौमूत्र, जो औषधीय के लिए उपयोगी है, जैसे महत्वपूर्ण चीजें देती है। इसलिए उसकी सेवा को पवित्र कर्तव्य समझा जाता है। मान्यता है कि पितृ पक्ष के समय गाय को भोजन कराने से पूर्वजों को तृप्ति मिलती है। इससे पितृ दोष भी कम होते हैं।

Feb 11, 2026 03:15 pm ISTDheeraj Pal लाइव हिन्दुस्तान
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सनातन धर्म में गाय का स्थान काफी महत्वपूर्ण माना गया है। साथ ही इसकी सेवा करना धर्म का पालन कहलता है। कहते हैं कि गाय की सेवा करना एक पवित्र कार्य है। इससे पुण्य, समृद्धि और जीवन में पॉजिटिव एनर्जी की प्राप्ति होती है। मान्यता है कि गाय में 33 करोड़ देवी-देवताओं का वास है। ऐसे में इसको खिलाने से सभी देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त होता है। वहीं, कुछ खास दिनों में विशेष चीजें खिलाने से कई ग्रहों का अशुभ प्रभाव भी कम होता है। इतना ही नहीं शादी-विवाह में आ रही अड़चने भी दूर होती है। चलिए आज जानते हैं कि गाय को क्या खिलाना चाहिए।

गाय की सेवा का महत्व
गाय को पृथ्वी तत्व का प्रतीक माना जाता है। ये हमें दूध, गोबर और गौमूत्र, जो औषधीय के लिए उपयोगी है, जैसे महत्वपूर्ण चीजें देती है। इसलिए उसकी सेवा को पवित्र कर्तव्य समझा जाता है, जिससे आत्मा की शुद्धि और ईश्वर का आशीर्वाद प्राप्त होता है। मान्यता है कि पितृ पक्ष के समय गाय को भोजन कराने से पूर्वजों को तृप्ति मिलती है। इससे पितृ दोष भी कम होते हैं और पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलती है।

ज्योतिष मान्यताओं के मुताबिक गाय को भोजन कराना ग्रहों के अशुभ प्रभाव को कम करने का उपाय माना जाता है। अलग-अलग दिनों में विशेष वस्तुएं खिलाई जाती हैं, जिसका प्रभाव अलग-अलग ग्रहों पर पड़ता है। जैसे कि शुक्र ग्रह को मजबूत करने के लिए गुड़ खिलाएं या चंद्र ग्रह के लिए हरी घास। नियमित रूप से ऐसा करने से मानसिक शांति, स्वास्थ्य और सकारात्मक कर्म बढ़ते हैं।

विवाह में देरी के लिए उपाय
इतना ही नहीं गाय को भोजन कराना विवाह में आ रही बाधाओं को दूर करने का उपाय भी माना जाता है। लड़कियां यदि हर गुरुवार को भीगी हुई चने की दाल गाय को खिलाएं, तो इससे बृहस्पति ग्रह मजबूत होता है। इस ग्रह के मजूबत होने से विवाह के योग जल्दी बनते हैं। जबकि पुरुष यदि हर बुधवार को पालक या हरी घास गाय को खिलाएं, तो बुध ग्रह मजबूत होता है और विवाह में आ रही रुकावटें कम होती हैं।साथ ही इन उपाय से अन्य रुके हुए कार्य भी पूरे होते है।

रोटी और गुड़ खिलाएं
अगर विवाह में देरी हो रही है, तो किसी लाल गाय को रोटी में थोड़ा सा गुड़ लपेटकर खिलाना चाहिए। इस उपाय को स्त्री और पुरुष दोनों कर सकते हैं। ऐसा करने से विवाह जल्दी होने के योग बनते हैं। अगर आप गाय को रोटी और गुड़ न खिला पाएं तो इसकी जगह गुरुवार के दिन आटे के पेड़े पर थोड़ी सी हल्दी लगाकर गाय को खिला दें। इस उपाय से भी अति शीघ्र विवाह के योग बनते हैं। साथ ही वैवाहिक जीवन भी सुखद रहता है।

डिस्क्लेमरः इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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लेखक के बारे में

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संक्षिप्त विवरण
धीरज पाल एक डिटिजल पत्रकार है, जिन्हें इस क्षेत्र में 7 से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वो भारत की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान लाइव हिंदुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन का हिस्सा हैं। यहां वह ग्रह गोचर, वास्तु शास्त्र, न्यूमरोलॉजी, रत्न शास्त्र से जुड़ी खबरें लिखते हैं।

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परिचय और अनुभव

धीरज पाल डिजिटल मीडिया में उभरता एक ऐसा नाम है, जो पाठक को धर्म से जुड़ी खबरों को प्रमाणिक तौर पर और आमबोल चाल की भाषा परोसते हैं। वो ग्रह नक्षत्रों, वास्तु शास्त्र, अंक ज्योतिष,रत्न शास्त्र जैसे विषयों पर लेख लिखकर पाठक को उसकी अहमियत के बारे में बताते हैं। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़े हैं और पिछले 4 सालों से काम कर रहे हैं। अपने करियर के दौरान धीरज ने समाचार, फीचर, और एक्सप्लेनर कंटेंट में काम करते हुए अब ज्योतिषीय विषयों को डिजिटल पाठकों तक पहुंचाने में विशेष पहचान बनाई है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
धीरज ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए इन मीडिया स्टडीज और राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से जनसंचार एवं पत्रकारिता से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।

धीरज पाल ने अपने पत्रकारिता कर की शुरुआत एपीएन न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने लोकमत न्यूज हिंदी और एनडीटीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद वो लाइव हिंदुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा बने। अब इनका एकमात्र उद्देश्य ज्योतिषीय जानकारी को रुचिगत, सरल, प्रमाणिक रूप में प्रस्तुत करना है।

व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के निवासी धीरज पाल को पत्रकारिता और ज्योतिषीय अध्ययन के साथ-साथ घूमने, किताबें पढ़ने और क्रिकेट खेलने का शौक है।

विशेषज्ञता (Areas of Expertise):
ग्रह और नक्षत्रों का असर
वास्तु शास्त्र
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