29 जून को वट पूर्णिमा पर दिखेगा स्ट्राबरी मून, पढ़ें तिथि और मुहूर्त

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इस साल 29 जून को स्ट्राबरी मून दिखाई देगा। इसके साथ ही इस दिन व पूर्णिमा भी है, जब सुहागन महिलाएं पति की लंबी आयु के लिए व्रत करती हैं।

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इस साल वट पूर्णिमा का व्रत 29 जून को मनाया जाएगा। इस दिन विवाहित महिलाएं अपनी पति की लंबी आयु के लिए व्रत रखती हैं और वट के वृक्ष की पूजा करती हैं। कई जगह वट अमावस्या पर भी वट सावित्री व्रत मनाया जाता है। इस दिन महिलाएं वट वृक्ष की पूजा और परिक्रमा कर अमर सुहाग की कामना करती हैं। आपको बता दें कि इस साल जून की ज्येष्ठ पूर्णिमा पर स्ट्रॉबरी मून दिखाई देगा। जैसा कि स्ट्राबरी नाम े लग रहा है, तो आपको बता दें कि इस दिन चंद्रमा लाल पिंक नहीं दिखाई देगा। नॉर्थ अमेरिता में सीजनल फसल के अनुसार चंद्रमा के नाम रखे गए हैं। इस साल स्ट्राबरी चंद्रमा थोड़ा हल्का दिखेगा। जो लोग नेचर का आनंद लेते हैं, उनगें किए एक अच्छा मौका होगा।

ज्येष्ठ पूर्णिमा कब है?

ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि 29 जून, प्रातः 03:06 मिनट पर शुरू होगी और अगले दिन 30 जून, प्रातः 05:26 मिनट पर समाप्त होगी। ऐसे में ज्येष्ठ पूर्णिमा 29 जून, सोमवार को ही मनाई जाएगी। इस दिन पूजा और गंगा स्नान के लिए 29 जून, प्रातः 04:06 मिनट से प्रातः 04:46 मिनट तक और अभिजीत मुहूर्त: प्रातः 11: 57 से दोपहर 12:52 मिनट तक है। इस दिन चंद्रमा शाम को 07:16 मिनट तक उदय होगा।

कैसा दिखेगा स्ट्रॉबरी मून

29 जून को स्ट्रॉबरी मून अपने पीक पर होगा। यह रात को 7.56 मिनट पर चमकदार होगा। जैसे ही चंद्रमा दिखएगा, तभी आप सबसे अच्छा व्यू देख सकते हैं। इस इस दिन जब चांद निकलता है तो सफेद और पेल गोल्डन लगता है, लेकिन रात तक यह ऑरेंज दिखने लगता है।

जगन्नाथ मंदिर में कराया जाएगा महास्नान

इसी दिन जगन्नाथ मंदिर में भगवान जगन्नाथ को भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा का गंगा जल के 108 घड़ों से महास्नान कराया जाएगा।पुरी की परंपरा के अनुसार, इस रथयात्रा महाउत्सव की शुरुआत स्नान पूर्णिमा से होती है। इस दिन स्नान करने के बाद भगवान बीमार होते हैं और एकांतवास में जाते हैं। 14 दिन उन्हें काढ़े का भोग लगााजाता है।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Anuradha Pandey

लेखक के बारे में

Anuradha Pandey

शार्ट बायो

अनुराधा पांडेय पिछले 16 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में एस्ट्रोलॉजी और करियर टीम का नेतृत्व कर रही हैं।


परिचय और अनुभव

अनुराधा पांडे पत्रकारिता जगत का एक अनुभवी चेहरा हैं, जिन्हें मीडिया में 16 वर्षों का व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में असिस्टेंट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और संस्थान के एस्ट्रोलॉजी और करियर सेक्शन की इंचार्ज हैं। अनुराधा पिछले 10 सालों से लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में लिख रही हैं। डिजिटल पत्रकारिता के दौर में उन्होंने धर्म जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपनी लेखनी से करोड़ों पाठकों का भरोसा जीता है। उनके पास खबरों को न केवल प्रस्तुत करने, बल्कि सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और विश्लेषणात्मक कंटेंट देने का लंबा अनुभव है। वह शिव महापुराण, नारद पुराण, पद्म पुराण और कई अन्य शास्त्रों के जटिल तथ्यों को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं।


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अनुराधा ने अपने करियर की शुरुआत साल 2010 में आज समाज अखबार से की। इसके बाद उन्होंने 'आज तक' (Aaj Tak) में एजुकेशन सेक्शन में तीन साल तक अपनी सेवाएं दीं। साल 2015 से वह लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ी हैं और एस्ट्रोलॉजी सेक्शन का नेतृत्व कर रही हैं। उनका गहरा अनुभव उन्हें जटिल विषयों पर सरल और प्रभावी ढंग से लिखने में सक्षम बनाता है। उन्होंने देश के प्रतिष्ठित संस्थान भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है। इसके साथ ही दिल्ली विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन, सीसीएसयू से एम.कॉम और कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन एवं मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है।


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