फेंगशुई टिप्स: घर से इन 4 चीजों को बाहर करते ही खत्म होंगे कलेश, नेगेटिविटी दूर होते ही बनेंगे सारे काम
फेंगशुई के अनुसार घर में रखी हुई हर एक चीज हमारी जिंदगी पर गहरा असर डालती हैं। ऐसे में ये जान लेना जरूरी है कि आखिर हमें घर के अंदर किन-किन चीजों को नहीं रखना है ताकि सब कुछ सही हो।

वास्तु शास्त्र की तरह ही फेंगशुई में आसपास की एनर्जी को सही करने के उपाय बताए जाते हैं। कई लोग इन दोनों के बीच के अंतर को समझ नहीं पाते हैं लेकिन ये दोनों ही एक-दूसरे से काफी अलग होते हैं। फेंगशुई के अनुसार घर में हमारे आसपास रखी हुई हर एक चीज माहौल पर गहरा असर डालती है। सिर्फ माहौल नहीं बल्कि मन पर भी इसका प्रभाव साफ तौर पर देखा जाता है। इसी वजह से कई बार ऐसा होता है कि जब घर में फालतू का सामान इकट्ठा करने लगे तो मन भारी-भारी सा रहने लगता है। आम तौर पर ऐसा कई लोगों के साथ होता है कि बिना बात के ही चिड़चिड़ापन होने लगता है और घर में हमेशा कलेश भी होते रहते हैं।
फेंगशुई में यही बताया गया है कि समय-समय पर घर में पड़ी हुई कुछ चीजों को हटाते रहना चाहिए जो हमारे काम की बिल्कुल भी नहीं हैं और ऊपर से ये खराब भी हो। ऐसा करते ही हमारे आसपास की एनर्जी में तुरंत बदलाव होता है और चीजें सुधरनी शुरू हो जाती हैं। तो आइए जानते हैं कि आखिर घर में किन चीजों के रहने से कलेश जैसी स्थिति बनती है और इन्हें समय रहते बाहर कर देना चाहिए।
घर में शांति लाने के लिए बाहर कर दें ये 4 चीजें-
टूटी हुई घड़ी को करें बाहर
फेंगशुई के हिसाब से टूटी हुई घड़ी हमारा समय खराब देती है। ऐसी घड़ी को घर में रखना अशुभ माना जाता है। बंद और टूटी हुई घड़ी अच्छे समय का संकेत नहीं देती है। ऐसा माना जाता है कि बंद पड़ी घड़ी हमारे कई काम को रोक देती है। इससे निकलने वाली एनर्जी घर में माहौल भी खराब करती है। यही वजह है कि चलती हुई घड़ी को पॉजिटिविटी के तौर पर देखा जाता है।
घर से हटाएं टूटे हुए बर्तन
कई लोग टूटे हुए बर्तनों को इकट्ठा कर लेते हैं कि आगे कभी ये काम आ सकते हैं लेकिन ऐसा होता नहीं है। ऐसी स्थिति में टूटे हुए बर्तन घर में नेगेटिविटी लाते हैं और इसका असर हमारे रिश्तों पर भी पड़ता है। फेंगशुई में यही बताया जाता है कि घर जितना व्यस्थित होगा, हमारी जिंदगी उतनी ही व्यस्थित होती जाएगी। फेंगशुई के हिसाब से खराब बर्तन अच्छी सोच को खत्म करते जाते हैं। ऐसे में सोच में सिर्फ और सिर्फ नेगेटिविटी आती है।
दूर कर दें टूटा हुई शीशा
टूटे हए शीशे को तो वास्तु शास्त्र में सबसे बड़ा अपशकुन माना जाता है। वहीं फेंगशुई में ही इसे सही नहीं मानते हैं। टूटा हुआ शीशा देखने में तो खराब लगता ही है। साथ ही इसकी एनर्जी इतनी खराब होती है कि इससे घर की खुशियों को भी नजर लग जाती है। टूटा हुआ शीशा हमारे मन पर सीधे तौर पर नेगेटिव असर छोड़ता है। ऐसे में इसे जल्द से जल्द हटा देना चाहिए।
घर से हटाएं टूटे हुए चप्पल
टूटे हुए बर्तन की तरह ही कई लोग टूटे हुए जूते-चप्पल भी ये सोच कर रख देते हैं कि इसकी मरम्मत करवाकर इसका इस्तेमाल कर लिया जाएगा। ऐसे में ये कई बार लंबे समय तक घर में ही रखे रह जाते हैं। टूटे हुए फूटवियर घर के माहौल को भारी बनाते हैं और इससे हर चीज खराब होती हैं। हमारे मन के साथ-साथ घर का माहौल तो खराब होता ही है साथ में घर के लोगों के बीच मनमुटाव की स्थिति बनने लगती है। ऐसे में घर से इन चीजों को तुरंत बाहर करने की जरूरत है। ऐसा करते ही घर में होनी वाली रोज की किचकिच से शांति मिल सकती है।
डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए फेंगशुई विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)
लेखक के बारे में
Garima Singhशॉर्ट बायो
गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।
परिचय और अनुभव
गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। वह पिछले 8 महीनों से लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।
करियर
गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।
एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच
गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।
व्यक्तिगत रुचियां
काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।
विशेषज्ञता
वास्तु शास्त्र, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई, डेली और वीकली राशिफल
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