Feng Shui Tips: कमरे में खुली छोड़ देते हैं अलमारी तो हो जाएं सतर्क, सिर पर मंडरा सकता है ये खतरा
अगर आप भी जल्दबाजी में अपनी अलमानी का दरवाजा खुला छोड़कर कहीं निकल जाते हैं तो ये सही नहीं है। फेंगशुई में इसे काफी अशुभ माना जाता है। जानें इससे होने वाले क्या नुकसान हैं?

वास्तु शास्त्र हो या फिर फेंगशुई हर किसी में हमारे आसपास की एनर्जी को बदलने के उपाय बताए गए हैं। वास्तु शास्त्र को लेकर कई लोगों को मानना है कि इसमें सिर्फ दिशाओं का ही ज्ञान है लेकिन ऐसा नहीं है। वहीं फेंगशुई में भी ऐसा नहीं है। वास्तु शास्त्र और फेंगशुई दोनों में ही बताया गया है कि हमारे द्वारा की गई लगभग कई चीजों का संबंध इनसे हैं। हमारी कुछ आदतों से भी जिंदगी में अच्छे और बुरे प्रभाव पड़ते हैं। आपने अक्सर देखा होगा कि लोग कमरे में अलमारी को खुला छोड़ देते हैं। या हो सकता है कि जल्दी-जल्दी में आपके साथ भी ऐसा हुआ है लेकिन ऐसा करना बिल्कुल भी ठीक नहीं है। फेंगशुई के नियम के अनुसार ऐसा करके हम अपने ही पैर पर कुल्हाड़ी मार लेते हैं।
ना छोड़ें खुली हुई अलमारी
फेंगशुई के अनुसार खुली हुई अलमारी भूलकर भी नहीं छोड़नी चाहिए। ऐसी अलमारी घर में नेगेटिव एनर्जी फैलाती हैं। जिस कमरे में अलमारी खुली रहती है, उसमें रहने वाला इंसान हमेशा बीमारियों से ही घिरा रहता है। ऐसा करना बहुत ही ज्यादा खतरनाक है क्योंकि धीरे-धीरे ये स्थिति जानलेवा तक बन सकती है। खुली अलमारी से निकली नेगेटिविटी के चलते घर के सदस्यों के दिमाग में हमेशा उलझन की स्थिति बनी रहती है। ऐसे में अगर आप ऐसा अब तक जाने-अनजाने में करते आए हैं तो इसे आज से ही बंद कर दें।
बेडरूम में ना रखें ये चीज
फेंगशुई में वास्तु की तर्ज पर ही बेडरूम को लेकर भी खास सलाह दी जाती है। इसके अनुसार बेडरूम में कभी भी शीशा नहीं रखना चाहिए। इसकी एनर्जी से रिश्ते गड़बड़ होते हैं और हमेशा लड़ाई-झगड़े होते रहेंगे। अगर शीशा बेडरूम के ठीक सामने रखा हो तो ये बहुत ही अशुभ है। कई बार तो स्थिति इतनी खराब हो सकती है कि कपल्स में अलगाव जैसी बात भी सामने आ सकती है। ऐसे में शीशा कमरे में नहीं लगाना चाहिए। वहीं वास्तु के हिसाब से इसे लेकर कई नियम बताए जाते हैं कि जैसे अगर शीशा बेडरूम में रखना ही है तो उसके लिए कौन सी दिशा सही है। या फिर शीशा गोल होना चाहिए या फिर किसी दूसरे शेप में। वहीं फेंगशुई के अनुसार बेडरूम में शीशा होने का मतलब सबसे बड़ी गलती है।
डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए फेंगशुई विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)

लेखक के बारे में
Garima Singhशॉर्ट बायो
गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।
परिचय और अनुभव
गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। वह पिछले 8 महीनों से लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।
करियर
गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।
एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच
गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।
व्यक्तिगत रुचियां
काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।
विशेषज्ञता
वास्तु शास्त्र, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई, डेली और वीकली राशिफल
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