
Feng Shui Tips: घर के बाहर ना लगाएं ऐसा नेम प्लेट, जानें कैसा होना चाहिए मेन गेट के रंग?
Feng Shui Tips for Home: फेंगशुई के कुछ नियमों का पालन करने से घर की नेगेटिव एनर्जी को पॉजिटिव किया जा सकता है। नीचे जानिए कि फेंगशुई के अनुसार घर का मेन गेट कैसा होना चाहिए और यहां पर लगाए जाने वाले नेमप्लेट का चुनाव कैसे करना चाहिए?
Easy Feng Shui Tips for Home: वास्तु शास्त्र की तरह ही फेंगशुई भी घर की ऊर्जा को सही करने के लिए मददगार साबित होता है। फेंगशुई के नियमों का ज्यादातर फोकस एनर्जी पर ही बेस्ड होता है। इससे जुड़ी कुछ चीजें होती हैं जिनकों घर में रखने से नेगेटिव एनर्जी को अपने अनुकूल पॉजिटिव में बदला जा सकता है। वास्तु शास्त्र की तर्ज पर ही घर के हर एक कोने से जुड़े फेंगशुई के भी कुछ टिप्स हैं जो कारगर साबित होते हैं। आज बात करेंगे घर के मेन गेट और वहां पर लगी नेम प्लेट के बारे में। अगर फेंगशुई के नियमों का पालन करते हुए नेम प्लेट सही लगाई जाए और मेन गेट के रंग का चुनाव किया जाए तो घर में बरकत आती है। तो चलिए विस्तार से समझते हैं इससे जुड़े नियमों के बारे में...
नेमप्लेट से जुड़ा फेंगशुई टिप्स
फेंगशुई के अनुसार घर के बाहर लगी नेम प्लेट कभी भी टूटी हुई नहीं होनी चाहिए। इसे नियमित रूप से साफ करना बेहद ही जरूरी है। इसके ऊपर कभी भी गंदगी नहीं जमनी चाहिए। साथ ही नेमप्लेट को हमेशा मेनगेट की बाईं ओर लगाना चाहिए। कोशिश यही होनी चाहिए कि इसे उत्तर या फिर पूर्व दिशा की ओर लगाया जाए। इसके अलावा नेम प्लेट खरीदते वक्त इसके आकार को भी ध्यान में रखना चाहिए। फेंगशुई के अनुसार नेमप्लेट हमेशा आयताकार आकार में ही होना चाहिए। इस पर लिखा हुआ नाम क्लियर होना चाहिए। अगर नेमप्लेट पर भगवान गणेश और स्वास्तिक की तस्वीर को शुभ माना जाता है। नेमप्लेट हमेशा लकड़ी और पीतल से ही बना होना चाहिए। इन नियमों का पालन करने से घर में सुख-समृद्धि बनी रही रहती है। साथ ही घर में पॉजिटिव एनर्जी आती है।
ऐसा हो मेन गेट का रंग
अब बाक की जाए मेन गेट की तो फेंगशुई के अनुसार ये हमेशा चमकदार ही होना चाहिए। ऐसे में इसकी नियमित रूप से सफाई जरूरी है। यहां पर कभी भी कूड़ा जमा नहीं होने देना चाहिए। अगर मेन गेट को खोलते और बंद करते वक्त किसी भी तरह की आवाज आती है तो इसे तुरंत साफ कर लेना चाहिए। साथ ही मेन गेट के आसपास अच्छी-खासी रोशनी आनी चाहिए। ऐसा करने से घर को बुरी नजर नहीं लगती है। वहीं मेन गेट के रंग का चुनाव करके वक्त हड़बड़ी नहीं करनी चाहिए। अगर गेट उत्तर दिशा में है तो इसका रंग सफेद या फिर हल्का पीला होना चाहिए। वहीं दक्षिण में लगे हुए गेट का रंग लाल या फिर नारंगी होना चाहिए। आप चाहे तो मैरून रंग भी चुन सकते हैं। पश्चिम में लगे हुए गेट का रंग क्रीम वहीं पश्चिम में लगे गेट का रंग लाल होना चाहिए।
डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए फेंगशुई विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)

लेखक के बारे में
Garima Singhशॉर्ट बायो
गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।
परिचय और अनुभव
गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। वह पिछले 8 महीनों से लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।
करियर
गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।
एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच
गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।
व्यक्तिगत रुचियां
काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।
विशेषज्ञता
वास्तु शास्त्र, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई, डेली और वीकली राशिफल
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