फेंगशुई टिप्स: जूते पहनकर ही घर में मार लेते हैं एंट्री? हो सकते हैं ये बड़े नुकसान

Dec 23, 2025 04:20 pm ISTGarima Singh लाइव हिन्दुस्तान
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आम तौर पर लोग घर के अंदर बाहर वाले जूते-चप्पल पहनकर आ जाते हैं जबकि ऐसा करना गलत है। फेंगशुई के अनुसार ऐसा करने से कई नुकसान होते हैं। इसके बारे में नीचे विस्तार से जानिए और साथ ही में कुछ ऐसा उपाय भी जानिए जिससे इस तरह के नुकसान से बचा जा सके।

फेंगशुई टिप्स: जूते पहनकर ही घर में मार लेते हैं एंट्री? हो सकते हैं ये बड़े नुकसान

Feng Shui Tips for Main Door: फेंगशुई में वास्तु शास्त्र की तर्ज पर ही कुछ ऐसे नियम बताए गए हैं जिससे घर की एनर्जी को कुछ ही समय में बदल सकते हैं। अगर घर में नेगेटिव एनर्जी का एहसास हो रहा हो तो फेंगशुई के नियमों का पालन करके इसे पॉजिटिव में बदला जा सकता है। आम तौर पर देखा गया है कि थकान या फिर जल्दबाजी में लोग बाहर से आने के बाद जूते ये चप्पल पहनकर घर में ही आ जाते हैं। दिखने में छोटी सी लगने वाली ये आदत घर की पॉजिटिव एनर्जी को धीरे-धीरे खत्म करने लगती है। फेंगशुई के अनुसार इससे घर की एनर्जी खराब होती है। तो चलिए जानते हैं कि आखिर इससे जुड़े कौन से नियम हैं? साथ ही जानिए कि जूते-चप्पल को घर में लाने से क्या-क्या नुकसान हो सकते हैं?

होता है आर्थिक नुकसान

दरअसल जब हम जूतों या फिर बाहर पहनी गई चप्पल को घर में ले आते हैं तो बाहर की सारी बुरी एनर्जी इसी के साथ आ जाती है। फेंगशुई के नियमों के अनुसार घर के एंट्रेंस यानी मुख्य द्वार को सबसे पवित्र माना जाता है। अगर यहीं पर जूते-चप्पल बिखरे हो या फिर कोई इन्हें पहनकर अंदर आ जाए तो इसका असर आर्थिक स्थिति पर पड़ता है। ऐसा करने से पैसों के आने में रुकावट होती है। कई बार ऐसा होगा बिना वजह के ही कहीं पर पैसा रुक जाएगा। या फिर अपने आप ही खर्चे बढ़ने लगेंगे। इस वजह से जूते-चप्पल हमेशा घर के बाहर ही रखना चाहिए।

बढ़ने लगता है तनाव

बाहर के जूते-चप्पल को घर में लाने से ना सिर्फ आर्थिक स्थिति बिगड़ती है बल्कि मन भी अशांत रहने लगता है। बेवजह ही घर में कलेश होने लगेंगे और इससे तनाव की स्थति हमेशा घर के अंदर ही रहेगी। वहीं इन जूतों-चप्पल की वजह से ही घर की एनर्जी ऐसी बदलेगी कि सभी सदस्यों में बिना वजह ही चिड़चिड़ापन देखने को मिलेगा। साथ ही कुछ लोग अचानक ही बैचेनी महसूस करने लगेंगे। फेंगशुई में ये साफ तौर पर बताया गया है कि जब भी घर की एनर्जी असंतुलित होती है तो उसका सबसे पहला असर रिश्तों और मन की शांति पर ही पड़ता है। तनाव और कलह की स्थिति में घर में कोई भी काम कभी पूरा हो ही नहीं सकता है।

हेल्थ पर भी दिखता है असर

इसी के साथ घर की एनर्जी खराब होते ही सभी सदस्यों के स्वास्थ्य पर भी इसका असर देखने को मिलता है। थकान और नींद की समस्या जैसी कई चीजें एक साथ परेशान करने लगती है। अगर उपाय की बात की जाए तो कायदे से बाहर पहने जाने वाले जूते-चप्पल घर के अंदर रखने ही नहीं चाहिए। इसे घर के बाहर एक अलमारी में व्यवस्थित तरीके से रखना चाहिए। कहीं बाहर से आते हुए जूते-चप्पल को बाहर ही उतारने की आदत बना लेनी चाहिए। समय-समय पर जूते-चप्पल वाली अलमारी को साफ भी कर लेना चाहिए। उपाय के तौर घर के बाहर कुछ पौधे भी रख सकते हैं जोकि घर में नेगेटिव एनर्जी को आने से रोकते हैं।

डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए फेंगशुई विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)

Garima Singh

लेखक के बारे में

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शॉर्ट बायो


गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।


परिचय और अनुभव

गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। वह पिछले 8 महीनों से लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।


करियर

गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि

गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।


एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच

गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।


व्यक्तिगत रुचियां

काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।


विशेषज्ञता

वास्तु शास्त्र, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई, डेली और वीकली राशिफल

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