Feng Shui Tips: मेनडोर के ठीक सामने सीढ़ियां होना अशुभ होता है? ये है आसान सा समाधान
Stairs Feng Shui Tips: फेंगशुई के हिसाब के किसी के घर के सामने अगर सीढ़ियां बनी है तो वो सही नहीं होता है। अगर ऐसा है तो फिर इसके लिए क्या समाधान हो सकता है?

Feng Shui Tips for Main Door: फेंगशुई को आसान भाषा में चीनी वास्तु शास्त्र भी कहा जाता सकता है। हालांकि कई लोग इसे वास्तु शास्त्र की समझ बैठते हैं लेकिन इसके कुछ नियम काफी अलग हैं। फेंगशुई में चीजों की एनर्जी पर काफी काम किया जाता है। कुछ ऐसी वस्तुएं भी हैं जिन्हें अगर घर में रख लिया जाए तो इससे पॉजिटिव एनर्जी का आगमन होता है। वहीं हमारी जिंदगी में आने वाली कई बाधाएं भी खत्म हो जाती हैं। आज घर के मेनडोर से जुड़ी चीजों को जानेंगे। कई लोगों के घर के मेनडोर के ठीक सामने सीढियां होती है लेकिन क्या शुभ होता है?
मेनडोर के सामने सीढ़ियां
आजकल अपार्टमेंट सिस्टम के चलते कई बार बने बनाए घर मिलते हैं। ऐसे में सही दिशा और हर चीज की प्लेसमेंट अपने हिसाब से मिलना कई बार मुश्किल हो जाता है। हालांकि कुछ चीजों का ध्यान जरूर रखना चाहिए। अगर बात की जाए मेनडोर की तो फेंगशुई के हिसाब से घर के ठीक सामने अगर सीढ़ी बनी हई है तो ये अच्छा नहीं माना जाता है। फेंगशुई के अनुसार अगर ऐसा होता है तो उस घर से सदस्य हमेशा हेल्थ इश्यू को लेकर ही परेशान होते रहेंगे।
हो सकते हैं ये नुकसान
मेनडोर के सामने सीढ़ियां होने से कई और नुकसान भी हो सकते हैं। ऐसे घरों में लोग अक्सर बीमार रहा करते हैं। इसके अलावा ऐसे घर में जो भी रहता है धीरे-धीरे उसका मन किसी भी काम में नहीं लगता है। इसके बाद चीजें अपने आप खराब होती चली जाती हैं।
फेंगशुई का समाधान
अब सवाल ये है कि अगर किसी के घर के सामने सीढ़ियां बनी हुई है तो क्या इसका कोई समाधान है? बता दें कि फेंगशुई हो या फिर वास्तु शास्त्र हर किसी जगह आपको समाधान जरूर मिल जाएंगे। फेंगशुई के हिसाब के अगर आपको सीढ़ियों से होने वाले दोष से बचना है तो एक छोटा सा काम करना होगा। ऐसी स्थिति में आप घर की चौखट को थोड़ा ऊपर की ओर उठा सकते हैं।
इतना ऊंचा हो चौखट
नियम के हिसाब से दहलीज को 2 इंच तक ऊपर उठाया जा सकता है। ऐसा करके दोष से आसानी से बचा जा सकता है। वैसे ऐसा भी कहा जाता है कि हर घर में चौखट का होना जरूरी होता है। आजकल के घरों में लोगों ने चौखट बनवाना बंद कर दिया है जोकि सही नहीं है। अगर घर के सामने सीढ़ी ना भी हो तो भी लोगों को चौखट जरूर बनवाना चाहिए। इससे घर में पॉजिटिविटी बनी रहती है।
डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए फेंगशुई विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)
लेखक के बारे में
Garima Singhशॉर्ट बायो:
गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, अंक शास्त्र, रत्न शास्त्र, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।
परिचय और अनुभव
गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। इस समय वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।
करियर
गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।
एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच
गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।
व्यक्तिगत रुचियां
काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।
विशेषज्ञता (Areas of Expertise)
वास्तु शास्त्र
अंक शास्त्र
रत्न शास्त्र
फेंगशुई
हस्तरेखा शास्त्र


