एकादशी व्रत पारण के बाद चाय-कॉफी पी सकते हैं या नहीं? जानें सही नियम यहां

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Ekadashi Vrat Parana: एकादशी व्रत का पारण विधि-विधान से करना शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पारण के तुरंत बाद चाय या कॉफी पीने पर कोई स्पष्ट रोक नहीं है, लेकिन पहले सात्विक भोजन करने की सलाह दी जाती है। जानें धर्म, परंपरा और सेहत के लिहाज से क्या माना जाता है।

ekadashi vrat

निर्जला एकादशी का व्रत द्वादशी तिथि में पारण करने के बाद पूरा होता है। व्रत खोलने को लेकर लोगों के मन में कई सवाल रहते हैं। इन्हीं में से एक सवाल है कि क्या पारण के तुरंत बाद चाय या कॉफी पीना सही माना जाता है? इस विषय पर अलग-अलग लोगों की अलग राय है। आइए जानते हैं कि धार्मिक मान्यताएं, परंपरा और ज्योतिषाचार्य इस बारे में क्या कहते हैं।

सबसे पहले करें विधि से पारण

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, एकादशी व्रत का पूरा फल तभी मिलता है, जब पारण सही समय पर और विधि-विधान से किया जाए। पारण से पहले भगवान विष्णु की पूजा करें, उन्हें भोग लगाएं और तुलसी अर्पित करें। इसके बाद ही व्रत खोलना शुभ माना जाता है।

पारण की शुरुआत किससे करनी चाहिए?

धार्मिक परंपरा के अनुसार, व्रत खोलते समय सबसे पहले पानी, तुलसी दल, फल, दूध या कोई हल्का सात्विक भोजन लेना अच्छा माना जाता है। कई घरों में केला, शरबत या खीर से भी पारण किया जाता है। मान्यता है कि लंबे उपवास के बाद शरीर को हल्का और सात्विक भोजन ही देना चाहिए।

क्या शास्त्रों में चाय-कॉफी पीने की मनाही है?

धर्मग्रंथों में ऐसा कोई स्पष्ट उल्लेख नहीं मिलता कि पारण के बाद चाय या कॉफी पीना पूरी तरह वर्जित है। हालांकि, धार्मिक विद्वानों का कहना है कि व्रत खोलते ही चाय या कॉफी पीने के बजाय पहले सात्विक भोजन करना बेहतर माना जाता है। कई वैष्णव परंपराएं भी यही सलाह देती हैं।

धार्मिक परंपरा क्या कहती है?

धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, व्रत का उद्देश्य सिर्फ भूखा रहना नहीं, बल्कि मन और शरीर दोनों को संयम में रखना होता है। इसलिए पारण भी सादगी और सात्विकता के साथ करने की सलाह दी जाती है। यही वजह है कि कई लोग पारण के तुरंत बाद चाय या कॉफी नहीं लेते और पहले हल्का भोजन करते हैं।

अगर चाय पीने की आदत हो तो क्या करें?

अगर आपकी रोज सुबह चाय पीने की आदत है तो घबराने की जरूरत नहीं है। पहले विधि से पारण करें। पानी पिएं, फल या हल्का सात्विक भोजन करें। इसके कुछ समय बाद चाहें तो चाय या कॉफी पी सकते हैं। इससे धार्मिक परंपरा का भी सम्मान होता है और शरीर को भी अचानक परेशानी नहीं होती।

सेहत के लिहाज से भी यही बेहतर माना जाता है

लंबे समय तक खाली पेट रहने के बाद सीधे चाय या कॉफी पीने से कुछ लोगों को गैस, एसिडिटी या घबराहट जैसी दिक्कत हो सकती है। इसलिए डॉक्टर भी पहले हल्का भोजन करने की सलाह देते हैं। इसके बाद चाय या कॉफी लेने से शरीर पर कम असर पड़ता है।

चाय या कॉफी पीने पर कोई स्पष्ट रोक नहीं

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पारण के बाद चाय या कॉफी पीने पर कोई स्पष्ट रोक नहीं है। लेकिन परंपरा यही कहती है कि पहले भगवान विष्णु का स्मरण करें, विधि-विधान से पारण करें और सात्विक भोजन ग्रहण करें। इसके बाद जरूरत हो तो कुछ देर बाद चाय या कॉफी पी सकते हैं। अगर आप किसी विशेष गुरु, संप्रदाय या मंदिर की परंपरा का पालन करते हैं तो उनके बताए नियमों का पालन करना ही सबसे उचित माना जाता है।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Yogesh Joshi

लेखक के बारे में

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योगेश जोशी डिजिटल पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। ज्योतिष और धार्मिक विषयों पर उनका लेखन पाठक-केंद्रित और व्यावहारिक दृष्टिकोण के लिए जाना जाता है। राशिफल, ग्रह-गोचर, दशा-महादशा, अंकज्योतिष, सामुद्रिक शास्त्र, वास्तु, फेंगशुई और पूजा-विधि जैसे विषय उनके काम का प्रमुख हिस्सा हैं।


परिचय और अनुभव


योगेश जोशी ने डिजिटल मीडिया में काम करते हुए खबर और कंटेंट के बदलते स्वरूप को नजदीक से समझा है। पत्रकारिता में 8 वर्षों के अनुभव के साथ वह फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर की भूमिका निभा रहे हैं।


न्यूज़ और फीचर कंटेंट से शुरू हुआ उनका सफर आज ज्योतिष और धार्मिक विषयों तक पहुंच चुका है, जहां वह पारंपरिक ज्ञान को मौजूदा समय और डिजिटल पाठक की जरूरतों के हिसाब से प्रस्तुत करते हैं। उनका फोकस हमेशा इस बात पर रहता है कि कंटेंट जानकारी दे, उलझाए नहीं।


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