एकादशी के दिन कौन सी चीजें नहीं खानी चाहिए?एकादशी के व्रत में कौन सी चीज वर्जित है

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एकादशी के दिन कौन-कौन सी चीजें नहीं खानी चाहिए? आपके मन में भी यह सवाल उठता होगा। तो यहां हम आपको बताएंगे कि एकादशी के दिन किन चीजों का खाना निषेध माना गया है, यह हम नहीं बता रहे हैं यह पुराणों में लिखा है। इसके साथ इस दिन कुछ कामों को भी करने की मनाही है। कहते हैं कि इससे व्रत का फल नहीं मिलता है। इसके साथ ही हम आपको यह भी बताएंगे कि इस व्रत में क्या खा सकते हैं।

कैसे करें व्रत शुरू

एकादशी के दिन व्रत का संकल्प लें कि ये श्रीहरि आज में हाथ में जल लेकर संकल्प करता हूं कि आपका व्रत सच्चे मन से करूंगा। दिन में श्रीहरि का ध्यान करें और रात्रि में जागरण करे, किसी गरीब कोदक्षिणा दें और प्रणाम करके उनसे अपनी गलती के लिए क्षमा मांगे। जैसी कृष्णपक्ष की एकादशी है, वैसी ही शुक्तपक्षकी भी है। इसी विधि से उसका भी ब्रत करना चाहिए। यह नियम सभी एकादशी में माने जाते हैं।

दशमी से कौन से नियम मानने चाहिए

कहते हैं कि एकादशी व्रत का फल हजारों गोदान करने से भी अधिक है। अगर आप दशमी के दिन रात को भोजन कर लेने पर उससे आधा पुण्य प्राप्त होता है तथा दिन में एक बार भोजन करने से व्रत का आधा फल मिलता है। जीव जबतक भगवान्‌ विष्णुके प्रिय दिवस एकादशीको उपवास नहीं करता, तभी तक तीर्थ, दान और नियम अपने महत्त्व की गर्जना करते हैं। व्रत का पालन करने वाला दशमी को सदा एकभुक्त रहे एक बार भोजन करें।रात को भोजन करना सही नहीं है। गृहस्थ के लिये तारों के दिखायी देने पर कुछ खाने का विधान है और संन्यासी के लिये दिन के आठवें भाग में रात में भोजनका निषेध है। दशमी की रात व्यतीत होने पर एकादशी को प्रातःकाल ब्रत करने वाला नियम ग्रहण करे ।

इस दिन क्या खाएं

एकादशी के दिन आप एक समय फलाहार कर सकते हैं, एक ही समय फलाहार या जो भी व्रत का खाना चाहते हैं खाएं, लेकिन चावल और अन्न न खाएं। सवेरे भगवान को पुष्प, धूप, नैवेद्य तथा फल से पूजा करें। इसके अलावा कुट्टू या सिंघाड़े का आटा, आलू, शकरकंदी, मेवे, दूध, और मौसमी फलों का सात्विक चीजें ले सकते हैं। फलाहारी रहे तो अच्छा है ,लेकिन अगर नहीं रहा जाए तो सेंधा नमक और मसालों में काली मिर्च का प्रयोग करना चाहिए। दूध, दही, पनीर, छाछ ले सकते हैं।

एकादशी के दिन क्या ना खाएं?

इस दिन व्रत कर रहे हैं तो एक दिन पहले से ही कांसे के बर्तन, उड़द, मसूर, चना, कोदो, साग, मधु, पराया अन्न, दो बार भोजन तथा मैथुन इन चीजों का त्याग करना होगा। इस दिन अन्न जैसे चावल, गेहूं, दालें, प्याज, लहसुन, और तामसिक भोजन खाना मना है। बैंगन, गोभी, गाजर, और कुछ विशेष फल (जैसे तरबूज, खरबूजा) भी नहीं खा सकते हैं। एकादशी और द्वादशी तीनों दिन ये नियम लागू होंगे। एकादशी व्रत केवल खाने के नियमों से ही नहीं आपके कर्म से भी जुड़ा है इसलिए इस दिन जूआ, निद्रा, पान, दांतुन, परायी निंदा, चुगली, चोरी, हिंसा, क्रोध ओर असत्यभाषण नहीं कहना चाहिए। दशमी से लेकर द्वादशी तक इन नियमों को मानना चाहिए। ये नियम किसी एक एकादशी पर नहीं बल्कि सभी एकादशी पर लागू होते हैं।

Anuradha Pandey

लेखक के बारे में

Anuradha Pandey

शार्ट बायो

अनुराधा पांडेय पिछले 16 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में एस्ट्रोलॉजी और करियर टीम का नेतृत्व कर रही हैं।


परिचय और अनुभव

अनुराधा पांडे पत्रकारिता जगत का एक अनुभवी चेहरा हैं, जिन्हें मीडिया में 16 वर्षों का व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में असिस्टेंट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और संस्थान के एस्ट्रोलॉजी और करियर सेक्शन की इंचार्ज हैं। अनुराधा पिछले 10 सालों से लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में लिख रही हैं। डिजिटल पत्रकारिता के दौर में उन्होंने धर्म जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपनी लेखनी से करोड़ों पाठकों का भरोसा जीता है। उनके पास खबरों को न केवल प्रस्तुत करने, बल्कि सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और विश्लेषणात्मक कंटेंट देने का लंबा अनुभव है। वह शिव महापुराण, नारद पुराण, पद्म पुराण और कई अन्य शास्त्रों के जटिल तथ्यों को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं।


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