Aja Ekadashi Aaj: एकादशी पर क्यों नहीं चढ़ाया जाता है तुलसी पर जल? जान लें ज्योतिषीय कारण
Ekadashi Tulsi puja rules: हिंदू धर्म में तुलसी का पौधा पूजनीय है। लेकिन एकादशी के दिन तुलसी पर जल चढ़ाने या अर्पित करने की मनाही है। क्या आप जानते हैं कि एकादशी पर क्यों तुलसी पर जल नहीं चढ़ाया जाता है।

Can we offer water to tulsi on ekadashi: आज भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष का अजा एकादशी व्रत है। एकादशी तिथि पर भगवान विष्णु की पूजा का विशेष महत्व है। इस दिन श्री हरि का अभिषेक करने के साथ ही विधि-विधान से पूजन किया जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि एकादशी के दिन तुलसी के पौधे पर जल देने की मनाही होती है। हिंदू धर्म में तुलसी का पौधा पूजनीय है। मान्यता है कि तुलसी पर जल चढ़ाने और दीपक जलाने से जीवन में सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है। लेकिन धर्म ग्रंथों में एकादशी के दिन तुलसी पर जल चढ़ाना पाप के समान माना गया है। आइए जानते हैं कि तुलसी पर एकादशी के दिन क्यों नहीं चढ़ाना चाहिए जल।
एकादशी के दिन तुलसी को जल क्यों नहीं देना चाहिए:
एकादशी के दिन अलावा रविवार को भी तुलसी पर जल नहीं चढ़ाना चाहिए। हिंदू धर्म में तुलसी माता को मां लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है। मान्यता है कि तुलसी माता भगवान विष्णु को समर्पित हर एक एकादशी व्रत निर्जला करती हैं। कथावचक देवकी नंदन ठाकुर के अनुसार, एकादशी के दिन जल चढ़ाने से तुलसी माता का व्रत भंग हो सकता है और व्रत टूटने करने का दोष लग सकता है। इसलिए एकादशी के दिन तुलसी के पौधे पर जल चढ़ाने की मनाही है। लेकिन एकादशी के दिन तुलसी के पौधे पर सुबह और शाम के समय घी का दीपक अवश्य जलाना चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और घर पर उनका स्थायी वास होता है।
तुलसी पत्र न तोड़ने का नियम:
एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते तोड़ना भी वर्जित माना गया है। जल अर्पित करने के दौरान अक्सर तुलसी के पत्ते स्पर्श होते हैं या टूट जाते हैं। माना जाता है कि इससे तुलसी माता के व्रत और ध्यान में बाधा पहुंचती है। इसलिए भी एकादशी के दिन तुलसी पर जल अर्पित करने की मनाही होती है।
विष्णु जी की पूजा में तुलसी दल का महत्व:
भगवान विष्णु की पूजा में तुलसी दल का विशेष महत्व है। इसलिए एकादशी से एक दिन पहले (दशमी की शाम को) ही पूजा के लिए तुलसी के पत्ते तोड़कर रख लिए जाते हैं।
तुलसी की पत्तियों को कब नहीं तोड़ना चाहिए:
तुलसी के पत्तों को द्वादशी, सूर्य संक्रांति, ग्रहण के दिन, दोनों संध्याएं, रात्रिकाल में, पूर्णिमा, अमावस्या और सोने के बाद बिना स्नान किए नहीं करना चाहिए। मान्यता है कि इन दिनों में तुलसी को तोड़ना या उनका छेदन करना भगवान विष्णु के मस्तक के छेदन करने के दोष के समान होता है।
तुलसी पर दीपक जलाने के फायदे:
एकादशी के दिन भले ही तुलसी पर जल चढ़ाने की मनाही है लेकिन सुबह और शाम के समय तुलसी पर दीपक जरूर जलाना चाहिए। मान्यता है कि प्रतिदिन तुलसी के पौधे के पास दीपक जलाने से घर में सुख-शांति आती है। घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और मां लक्ष्मी की कृपा हमेशा बनी रहती है।


