Papamochani ekadashi date 2026: पापमोचनी एकादशी का व्रत कब, इस बार खरमास में एकादशी व्रत, दान पुण्य का अधिक महत्व

Mar 13, 2026 08:50 am ISTAnuradha Pandey लाइव हिन्दुस्तान
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papamochani ekadashi kab ki hai:इस बार एकादशी व्रत खरमास में पड़ रहा है। खरमास का मतलब है, सूर्य मीन संक्रांति में हैं। जब सूर्य मीन राशि में प्रवेश करते हैं, तो इसे मीन संक्रांति कहते हैं। इस दिन से एक महीने के लिए खरमास लग जाता है। खरमास में शुभ कार्य नहीं होते हैं।

Papamochani ekadashi date 2026: पापमोचनी एकादशी का व्रत कब, इस बार खरमास में एकादशी व्रत, दान पुण्य का अधिक महत्व

इस बार पापमोचिनी एकादशी की तिथि को लेकर कंफ्यूजन बना हुआ है। इस बार पापमोचिनी एकादशी का पर्व 14 या 15 मार्च को मनाया जाएगा, इसको लेकर आप अगर आप भी परेशान है, तो यहां जानें कब मनाई जाएगी एकादशी और इस बार एकादशी पर खरमास और सूर्य का गोचर भी हो रहा है। चैत्र कृष्ण पक्ष की एकादशी है, को पापमोचनी एकादशी कहते है। ऐसा कहा जाता है कि जो भी इस दिन व्रत करता है, उसके सभी पाप दूर हो जाते हैं। वह कई गोदान का फल पा लेता है। अब आइए जानते हैं कि पापमोचिनी एकादशी पर ग्रहों का संयोग क्या बन रहा है, जो इस दिन दान पुण्य का बहुत अधिक महत्व है।

खरमास में एकादशी व्रत, क्या करें दान

आपको बता दें कि इस बार एकादशी व्रत खरमास में पड़ रहा है। खरमास का मतलब है, सूर्य मीन संक्रांति में हैं। जब सूर्य मीन राशि में प्रवेश करते हैं, तो इसे मीन संक्रांति कहते हैं। इस दिन से एक महीने के लिए खरमास लग जाता है। खरमास में शुभ कार्य नहीं होते हैं। एकादशी और संक्रांति के योग में भगवान विष्णु के साथ ही सूर्य देव की पूजा करने का शुभ योग बहुत उत्तम हैं।इस दौरान दान पु्ण्य और जप तप का बहुत अधिक फल मिलता है। आपको बता दें कि सूर्य 14 मार्च को मीन राशि में आ जाएगें। इसलिए इस दिन भोजन, वस्त्र, अनाज, जूते-चप्पल, धन का दान करना चाहिए। इस दौरान में विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, जनेऊ संस्कार जैसे शुभ काम नहीं किए जाते हैं। इस महीने में सूर्य पूजा, विष्णु पूजा, मंत्र जप, नदी स्नान और दान-पुण्य करना चाहिए। इस दिन चावल भी नहीं खाना चाहिए। एकादशी पर तुलसी के पत्ते तोड़ने से बचना चाहिए। 

पापमोचनी एकादशी 2026 तिथि और समय

पद्मपुराण में लिखा है कि एकादशी दशमी तिथि से युक्त हो वो नहीं रखनी चाहिए। इस बार एकादशी तिथि 14 मार्च 2026 सुबह 08:10 बजे से शरू हो रही है। ऐसे में आठ बजे से पहले दशमी तिथि लग रही है। इसलिए इस तिथि को एकादशी व्रत नहीं रखा जाएगा। अगले दिन 15 मार्च को एकादशी कम लेकिन द्वादशी भी मिल रही है। इसलिए यह दिन एकादशी व्रत के लिए उत्तम है। इसका पारण अगले दिन 1 मार्च को होगा जिसमें त्रयोदशी भी शामिल होगी। यह उत्तम रहेगा।

एकादशी तिथि 14 मार्च 2026 सुबह 08:10 बजे से श

एकादशी तिथि समाप्त – 15 मार्च 2026 सुबह 09:16 बजे

पारण समय – 16 मार्च 2026 सुबह 06:30 बजे से 08:54 बजे तक

पारण वाले दिन द्वादशी समाप्ति समय – सुबह 09:40 बजे

(डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी सिर्फ धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं पर आधारित है। मिंट हिंदी इस जानकारी की सटीकता या पुष्टि का दावा नहीं करता। किसी भी उपाय या मान्यता को अपनाने से पहले किसी योग्य विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।)

Anuradha Pandey

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शार्ट बायो

अनुराधा पांडेय पिछले 16 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में एस्ट्रोलॉजी और करियर टीम का नेतृत्व कर रही हैं।


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अनुराधा पांडे पत्रकारिता जगत का एक अनुभवी चेहरा हैं, जिन्हें मीडिया में 16 वर्षों का व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में असिस्टेंट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और संस्थान के एस्ट्रोलॉजी और करियर सेक्शन की इंचार्ज हैं। अनुराधा पिछले 10 सालों से लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में लिख रही हैं। डिजिटल पत्रकारिता के दौर में उन्होंने धर्म जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपनी लेखनी से करोड़ों पाठकों का भरोसा जीता है। उनके पास खबरों को न केवल प्रस्तुत करने, बल्कि सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और विश्लेषणात्मक कंटेंट देने का लंबा अनुभव है। वह शिव महापुराण, नारद पुराण, पद्म पुराण और कई अन्य शास्त्रों के जटिल तथ्यों को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं।


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