Amalaki Ekadashi niyam: आमलकी एकादशी 27 फरवरी को, क्या ना खाएं, किस बर्तन में ना खाएं, जानें किन नियमों का करें पालन

Feb 26, 2026 04:43 pm ISTAnuradha Pandey लाइव हिन्दुस्तान
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Amalaki Ekadashi niyam: इस फाल्गुन मास की आमलकी एकादशी इस साल 27 फरवरी को मनाई जाएगी। इस दिन आवंले की पूजा और इसका दान बहुत उत्तम हैं, इसलिए इसे आमलकी एकादशी कहते हैं।

Amalaki Ekadashi niyam: आमलकी एकादशी 27 फरवरी को, क्या ना खाएं, किस बर्तन में ना खाएं, जानें किन नियमों का करें पालन

Ekadashi Kab Hai, Amalaki Ekadashi niyam: इस फाल्गुन मास की आमलकी एकादशी इस साल 27 फरवरी को मनाई जाएगी। इस दिन आवंले की पूजा और इसका दान बहुत उत्तम हैं, इसलिए इसे आमलकी एकादशी कहते हैं। काशी में इस भगवान शिव और मां पार्वती से भक्त होली खेलते हैं, इसलिए इसे रंगभरी एकादशी कहते हैं। इसी दिन से होली का त्योहार शुरू हो जाता है। रंगभरी एकादशी के दिन श्रीकृष्ण मंदिरों में अबीर-गुलाल और फूलों की होली खेली जाती है। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु की पूजा के साथ आंवले के पेड़ की पूजा करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं। सांसारिक सुख और मोक्ष भी मिलता है। इस व्रत में कुछ नियमों का भी पालन किया जाता है। यहां हम बता रहें हैं आमलकी एकादशी पूजा नियम-

एकादशी में इन पात्रों में खाना नहीं खाते हैं और चावल का इस्तेमाल भी नहीं होता?

कांसे केपात्र में इस दिन खाना नहीं खाना चाहिए। ऐसा कहा जाता है कि एकादशी के दिन मसूर की दाल, बैंगन, मूली भी नहीं खानी चाहिए। इसके अलावा चावल खाना तो इस दिन वर्जित है। एकादशी के दिन भूलकर भी चावल नहीं खाने चाहिए। इस दिन सोना नहीं, चाहिए, किसी और का अन्न नहीं खाना चाहिए। दोबारा भोजन नहीं करना चाहिए, तैल, जुआं, क्रोझ, उड़द, तिल की खल, झूठ बोलना, लोभ, तांबूल इनचीजों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

एकादशी की रात्रि पर क्या करें

एकादशी के दिन जो आपने हाथ में जल लेकर संकल्प किया था कि मैं आपका व्रत करूंगा, वो करिए, रात को भगवान का जागरण करें, भगवान के लिए भजन कीर्तन गाएं, भगवान के लिएपूरी रात्रि जागरण में बीत जाए तो आपके लिए उत्तम है, क्योंकि धर्म ग्रंथों में एकादशी पर रात्रि जारगण का महत्व बताया गया है। रात को जमीन पर सोएं।

द्वादशी में कैसे करें व्रत का पारण

सुबह सवेरे, स्नान करके, भगवान को स्नान कराएं, पुष्पों से भगवान का मंडप सजाएं और पीले वस्त्र धारण कराएं। इस दिन भगवान को सुबह कईप्रकार के नैवेद्य चढ़ाएं और उनके लिए स्तोत्र गाएं और दंडवत उन्हें नमस्कार कर व्रत का पारण करना चाहिए। इस दिन सामर्थ्य अनुसार किसी को दान भी करें।

इस दिन क्या दान करें और कहां दीप जलाएं

भगवान विष्णु को पीला रंग बेहद पसंद है। इसलिए इस दिन पीले रंग के कपड़े पहनने से व्रत का पूरा फल मिलता है। इस एकादशी पर केला, केसर या हल्दी का दान करना उत्तम माना जाता है। साथ ही आंवले का दान भी करना चाहिए।

Anuradha Pandey

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शार्ट बायो

अनुराधा पांडेय पिछले 16 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में एस्ट्रोलॉजी और करियर टीम का नेतृत्व कर रही हैं।


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अनुराधा पांडे पत्रकारिता जगत का एक अनुभवी चेहरा हैं, जिन्हें मीडिया में 16 वर्षों का व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में असिस्टेंट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और संस्थान के एस्ट्रोलॉजी और करियर सेक्शन की इंचार्ज हैं। अनुराधा पिछले 10 सालों से लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में लिख रही हैं। डिजिटल पत्रकारिता के दौर में उन्होंने धर्म जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपनी लेखनी से करोड़ों पाठकों का भरोसा जीता है। उनके पास खबरों को न केवल प्रस्तुत करने, बल्कि सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और विश्लेषणात्मक कंटेंट देने का लंबा अनुभव है। वह शिव महापुराण, नारद पुराण, पद्म पुराण और कई अन्य शास्त्रों के जटिल तथ्यों को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं।


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