Eid-ul-Fitr 2026: भारत में कब मनाई जाएगी ईद? इस दिन दिख सकता है नया चांद

Mar 12, 2026 04:20 pm ISTGarima Singh लाइव हिन्दुस्तान
share

ईद की तारीख को लेकर हमेशा से ही कन्फ्यूजन होता है। इस बार भी सेम हाल है। दरअसल नया चांद देखकर ही ये फैसला लिया जाता है कि ईद किस दिन मनाई जाएगी। नीचे जानिए कि साल 2026 में ईद कब मनाई जाने की संभावना है?

Eid-ul-Fitr 2026: भारत में कब मनाई जाएगी ईद? इस दिन दिख सकता है नया चांद

Eid ul-Fitr 2026 Date: मुस्लिम कम्युनिटी के लिए रमजान का महीना बेहद ही खास होता है। इस वक्त रमजान का ही महीना चल रहा है। इस महीने में लोग अल्लाह की इबादद करते हैं और रोजा रखते हैं। अब रमजान खत्म होने वाला है और रमजान खत्म होने के साथ ही लोग ईद-उल-फितर मनाते हैं। ईद का त्योहार इस कम्युनिटी के लिए बहुत ही खास और पवित्र होता है। हर कोई इस त्योहार का इंतजार करता है। ईद की तैयारियां काफी पहले से ही शुरु हो जाती है और बाजार की रौनक भी इस दौरान देखने लायक होती है। इस खास दिन लोग मस्जिदों और ईदगाहों में खास नाम अदा करके आते हैं और इसके बाद लोगों से मिलते हैं।

भाईचारे का संदेश

ईद पर गले मिलने का रिवाज है क्योंकि कहा जाता है कि ये त्योहार भाईचारे को बढ़ावा देचता है। लोग एक-दूसरे के गले लगकर और सारे गिले-शिकवे भुलकर इस त्योहार को मनाते हैं। ईद का जश्न देखते ही बनता है हालांकि इसकी तारीख तय करने के लिए चांद को देखकर ही फैसला लिया जाता है। तो चलिए जानते हैं कि इस साल की ईद कब पड़ रही है और इस बार चांद किस दिन नजर आएगा।

चांद रात है खास

नया चांद देखने के बाद ही ईद-उल-फितर की तारीख तय की जाती है। सब कुछ चांद के दिखने पर ही होता है। दरअसल चांद रात रमजान की आखिरी रात को को कहा जाता है। इसी दिन नया चांद दिखाई देता है। नया चांद दिखने के अगले दिन ही ईद का जश्न मनाया जाता है। इसी के साथ शव्वाल का खास महीना भी शुरु हो जाता है।

कब दिख सकता है ईद का चांद?

माना जा रहा है कि भारत में ईद का जश्न 21 मार्च के दिन मनाया जा सकता है। दरअसल सऊदी अरब में सब कुछ एक दिन पहले होता है। साल 2026 में माना जा रहा है कि वहां पर ईद का चांद 19 तारीख को दिखेगा और इसके अगले दिन यानी 20 को वहां ईद होगी। इसी वजह से इसके अगले दिन ही भारत में ईद मनाई जाएगी।

ईद का दूसरा नाम

ईद को ईद उल-फितर कहा जाता है। शॉर्ट में इसे ईद कह दिया जाता है। वहीं इसका दूसरा नाम मीठी ईद भी है। ईद के मौके पर मुस्लिम कम्युनिटी के घरों में सेवइयां बनती हैं। सेवइयां के अलावा कई और मीठी डिशेज बनाई जाती हैं। इनमें से एक शीर खुरमा भी है, जिसे लोग काफी पसंद करते हैं।

डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)

Garima Singh

लेखक के बारे में

Garima Singh

शॉर्ट बायो


गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।


परिचय और अनुभव

गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। वह पिछले 8 महीनों से लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।


करियर

गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि

गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।


एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच

गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।


व्यक्तिगत रुचियां

काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।


विशेषज्ञता

वास्तु शास्त्र, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई, डेली और वीकली राशिफल

और पढ़ें
जानें लेटेस्ट Dharm News, Aaj ka Rashifal और सटीक Panchang की जानकारी। अपनी डेली पूजा के लिए यहाँ पढ़ें Shiv Chalisa, Hanuman Chalisa और Bajrang Baanहिंदू कैलेंडर 2026 की शुभ तिथियों के साथ अपने हर दिन को खास बनाएं!