Eid 2026: भारत में आज होगा ईद के चांद का इंतजार, पढ़ें कब और कैसे देखें

Dheeraj Pal लाइव हिन्दुस्तान
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Eid 2026:सउदी अरब में ईद 20 मार्च को मनाया जाएगा। ईद-उल-फितर की तारीख इस्लामी कैलेंडर के नए महीने शव्वाल के चांद पर निर्भर करती है। जैसे ही चांद दिखाई देता है, उसी के आधार पर ईद-उल-फितर का दिन तय होता है। लेकिन भारत में 19 मार्च की शाम को चांद दिखाई देने की संभावना है।

Eid 2026: भारत में आज होगा ईद के चांद का इंतजार, पढ़ें कब और कैसे देखें

इस साल ईद का चांद देखने के लिए सब बेकरार हैं। खासकर भारत में। क्योंकि भारत में ईद की शुरुआत सउदी अरब और खाड़ी देशों में चांद दिखने से हो जाती है। सउदी अरब ने आधिकारिक तौर पर ईद की तारीख का ऐलान कर दिया है। यहां ईद 20 मार्च को मनाया जाएगा। ईद-उल-फितर की तारीख इस्लामी कैलेंडर के नए महीने शव्वाल के चांद पर निर्भर करती है। जैसे ही चांद दिखाई देता है, उसी के आधार पर ईद-उल-फितर का दिन तय होता है। लेकिन भारत में 19 मार्च की शाम को चांद दिखाई देने की संभावना है। अगर यहां आज की शाम चांद का दीदार हो जाता है, तो भारत में ईद कल यानी 20 मार्च को मनाई जाएगी।

आज दिख सकता है चांद?

इंडिया टूडे में छपी एक रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत में चांद रात 19 मार्च की शाम को हो सकती है। बताया जा रहा है कि सूर्यास्त के बाद थोड़ी देर के लिएचांद दिखाई दे सकता है। दिल्ली, मुंबई और हैदराबाद जैसे शहरों में लोग शाम 6 से 7 बजे के बीच पश्चिम दिशा में चांद देखने की कोशिश करेंगे। ऐसे में आगर अगर ईद-उल-फितर का चांद दिख जाता है, तो ईद 20 मार्च को मनाई जाएगी। अगर चांद नहीं दिखा, तो ईद अगले दिन मनाई जा सकती है।

चांद को कैसे और कब देखें

भारत में ईद 2026 का चांद देखने के लिए साफ आसमान और सही समय बहुत जरूरी है। सूर्यास्त के तुरंत बाद यानी शाम को करीब 6 बजे से शाम 6 बजकर 30 मिनट के बीच पश्चिम दिशा में देख सकते हैं। क्योंकि चांद बहुत हल्का नजर आएगा और कुछ मिनटों के लिए ही दिखाई दे सकता है और जल्दी डूब जाएगा। ऐसे में अगर आप चांद देखना चाहते हैं, तो ऐसी जगह जाएं, जहां खुला मैदान हो और रोशनी कम हो।

चांद दिखने के बाद क्या होगा

ईद का अंतिम फैसला दिल्ली, मुंबई और हैदराबाद जैसे बड़े शहरों की स्थानीय चांद देखने वाली कमेटियों की पुष्टि पर निर्भर करता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईद मनाने के लिए 20 मार्च को चांद को आंखों से देखना जरूरी है। ऐसे में अगर 19 मार्च की शाम को चांद दिख जाता है, तो ईद अगले दिन यानी 20 मार्च को मनाई जाएगी। अगर चांद नहीं दिखा, तो एक दिन और रोजा रखा जाएगा और ईद 21 मार्च को होगी।

20 मार्च को किन देशों में मनाई जाएगी ईद?

कई देशों ने 20 मार्च को ईद मनाने का ऐलान किया है। इसमें सऊदी अरब, यूएई, बहरीन, कतर, कुवैत, कनाडा, तुर्की और ऑस्ट्रेलिया जैसे देश शामिल है।

ईद कैसे मनाते हैं

ईद-उल-फितर के मौके पर मुसलमान अपने परिवार, दोस्तों और रिश्तेदारों से मिलकर उन्हें गले लगाते हैं और शुभकामनाएं देते हैं। इस खुशी के दिन की शुरुआत सुबह जल्दी उठकर, स्नान करने, साफ-सुथरे कपड़े पहनने और नमाज अदा करने से होती है। इस दिन लोग जरूरतमंदों की मदद भी करते हैं, जैसे उन्हें खाना खिलाना, कपड़े या पैसे दान देना। वहीं, बच्चों के लिए यह दिन खास होता है, क्योंकि उन्हें बड़ों से तोहफे के रूप में ‘ईदी’ मिलती है।

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धीरज पाल एक डिटिजल पत्रकार है, जिन्हें इस क्षेत्र में 7 से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वो भारत की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान लाइव हिंदुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन का हिस्सा हैं। यहां वह ग्रह गोचर, वास्तु शास्त्र, न्यूमरोलॉजी, रत्न शास्त्र से जुड़ी खबरें लिखते हैं।

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धीरज पाल डिजिटल मीडिया में उभरता एक ऐसा नाम है, जो पाठक को धर्म से जुड़ी खबरों को प्रमाणिक तौर पर और आमबोल चाल की भाषा परोसते हैं। वो ग्रह नक्षत्रों, वास्तु शास्त्र, अंक ज्योतिष,रत्न शास्त्र जैसे विषयों पर लेख लिखकर पाठक को उसकी अहमियत के बारे में बताते हैं। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़े हैं और पिछले 4 सालों से काम कर रहे हैं। अपने करियर के दौरान धीरज ने समाचार, फीचर, और एक्सप्लेनर कंटेंट में काम करते हुए अब ज्योतिषीय विषयों को डिजिटल पाठकों तक पहुंचाने में विशेष पहचान बनाई है।

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धीरज ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए इन मीडिया स्टडीज और राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से जनसंचार एवं पत्रकारिता से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।

धीरज पाल ने अपने पत्रकारिता कर की शुरुआत एपीएन न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने लोकमत न्यूज हिंदी और एनडीटीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद वो लाइव हिंदुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा बने। अब इनका एकमात्र उद्देश्य ज्योतिषीय जानकारी को रुचिगत, सरल, प्रमाणिक रूप में प्रस्तुत करना है।

व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के निवासी धीरज पाल को पत्रकारिता और ज्योतिषीय अध्ययन के साथ-साथ घूमने, किताबें पढ़ने और क्रिकेट खेलने का शौक है।

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