Eid 2026: भारत में दिखा ईद का चांद, 21 मार्च को ईद मनाने का ऐलान

Garima Singh लाइव हिन्दुस्तान
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Eid 2026 Date: भारत में ईद-उल-फितर 2026 इस बार 21 मार्च को मनाई जाएगी। चांद दिखने के कारण रमजान का महीना 30 रोजों के साथ पूरा होगा और अगले दिन ईद का त्योहार मनाया जाएगा। यह दिन खुशी, भाईचारे और एक-दूसरे को गले लगाकर मुबारकबाद देने का होता है।

Eid 2026: भारत में दिखा ईद का चांद, 21 मार्च को ईद मनाने का ऐलान

Eid 2026 Date in India: भारत में ईद कब है? ये सवाल अब तक आपने भी कई बार सुन ही लिया होगा। अभी तक 20 और 21 मार्च के बीत जबरदस्त कन्फ्यूजन बना हुआ था। वहीं अब आधिकारिक तौर पर ऐलान कर दिया गया है कि अब ईद-उल-फितर का जश्न भारत में 21 मार्च को होगा। बता दें कि रमजान का महीना मुस्लिम समुदाय के लिए सबसे खास और पवित्र माना जाता है। इस महीने को पाक साफ इसलिए कहा जाता है क्योंकि इस महीने में लोग अल्लाह की इबादत करते हैं और उनकी नेमत पाने के लिए पूरे महीने रोजे रखते हैं।

इस महीने के लिए कुछ कायदे कानून होते हैं। लोग इस दौरान ना बुरा देखते है और ना ही सोचते हैं। रोजेदारों की एक ही ख्वाहिश होती है कि इस महीने वो जरुरतमंदों की जितनी सेवा कर पाए उतना कम है। फिलहाल तो जानते हैं कि आखिर भारत में ईद 21 मार्च को है, इसकी पुष्टि कैसे हुई?

हैदराबाद में दिखा ईद का चांद

हैदराबाद में ईद का चांद दिखा है। ऐसे में यहां पर ऐलान कर दिया गया है कि ईद 21 मार्च को मनाई जा रही है। डेक्कन मुस्लिम उलेमा काउंसिल सेंट्रल कमेटी अध्यक्ष रोहिल हिलाल की ओर से ऐलान कर दिया गया है कि भारत में ईद कब है? दरअसल हैदराबाद में आज नया चांद दिखाई दिया है। ऐसे में आधिकारिक तौर पर घोषणा कर दी गई है कि अब भारत में ईद-उल-फितर का जश्न 21 मार्च यानी शनिवार को मनाया जाएगा।

लखनऊ में दिखा आज ईद का चांद

हैदराबाद के बाद लखनऊ इस्लामिक सेंटर के चेयरमैन मौलाना खालिद रशीद ने घोषणा की है कि ईद अब 21 मार्च को मनाई जाएगी। बता दें कि ईद का चांद देखने के अगले दिन ही ईद-उल-फितर का जश्न मनाया जाता है। सऊदी अरब और बाकी खाड़ी देशों में ईद के जश्न के एक दिन बाद ही भारत में ईद-उल-फितर का जश्न मनाया जाता है। ऐसा भौगोलिक कारणों से होता है।

दिल्ली के जामा मस्जिद में भी हुआ ऐलान

जामा मस्जिद के नायब शाही इमान सैयद शब्बान बुखारी ने भी ऐलान कर दिया है कि अब भारत में ईद 21 मार्च को मनाई जाएगी। उन्होंने पीटीआई को बताया कि गुरुवार को शव्वाल का चांद नहीं दिखा है। ऐसे में अब ईद-उल-फितर का जश्न 21 मार्च को होगा। जामा मस्जिद में आज मार्कजी रुयत-ए-हिलाल की कमेटी में ये फैसला लिया गया है कि इस बार रमजान के कुल 30 रोजे रखे जाएंगे।

सऊदी अरब की ओर से घोषणा

सऊदी अरब में भी शव्वाल के चांद का इंतजार गुरुवार के दिन खूब हुआ। ऐसे में वहां पर पहले से ही घोषणा कर दी गई है कि ईद 20 मार्च को होगी। अब ईद 20 मार्च को मनाई गई और रोजेदारों के कुल 30 रोजे पूरे हो जाएंगे। इस कम्युनिटी में माना जाता है कि रमजान के 30 रोजे पूरे होने के बाद जो ईद मनाई जाती है उसे अल्लाह का शुकराना माना जाता है।

ईद-उल-फितर का दूसरा नाम

मुस्लिम समुदाय में ईद-उल-फितर को ईद और मीठी ईद भी कहा जाता है। मीठी ईद कहने का लॉजिक ये है कि इस त्योहार में शीर खुरमा, सेवइयां समेत कई मीठे पकवान बनाए जाने का रिवाज है। इसी वजह से ईद-उल-फितर को लोग मीठी ईद भी कहते हैं।

Garima Singh

लेखक के बारे में

Garima Singh

शॉर्ट बायो: गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, अंक शास्त्र, रत्न शास्त्र, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।

परिचय और अनुभव
गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। इस समय वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।

करियर
गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।

एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच
गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।

व्यक्तिगत रुचियां
काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।

विशेषज्ञता (Areas of Expertise)
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