दूर्वा गणेश चतुर्थी आज: सावन शुक्ल चतुर्थी पर जानें पूजा का शुभ मुहूर्त, राहुकाल और भद्रा का समय
16 अगस्त 2026 को सावन शुक्ल पक्ष की दूर्वा गणेश चतुर्थी है। पंचांग के अनुसार चतुर्थी तिथि 15 अगस्त शाम से शुरू होकर 16 अगस्त शाम तक रहेगी और उदया तिथि के आधार पर व्रत 16 अगस्त को रखा जाएगा। इस दिन भगवान गणेश को दूर्वा, सिंदूर और मोदक अर्पित कर पूजा करने की परंपरा है।

16 अगस्त, रविवार, शक संवत् : 25 श्रावण (सौर) 1948, पंजाब पंचांग : 32 श्रावण मास प्रविष्टे 2083, इस्लाम : 02 रबि-उल्लावल, 1448, विक्रमी संवत् : श्रावण शुक्ल चतुर्थी तिथि सायं 04.53 मिनट तक। चित्रा नक्षत्र, साध्य योग रात्रि 04.08 मिनट तक पश्चात शुभ योग, विष्टि (भद्रा) करण सायं 04.53 मिनट तक। चंद्रमा कन्या राशि में (दिन-रात)। सूर्य दक्षिणायन। सूर्य उत्तर गोल। वर्षा ऋतु। सायं 04.30 मिनट से सायं 06 बजे तक राहुकालम्। भद्रा सायं 04.53 मिनट तक। दूर्वा गणपति व्रत। वरद् चतुर्थी।
दूर्वा गणेश चतुर्थी
सावन शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को दूर्वा गणेश चतुर्थी कहा जाता है। इस दिन गणपति को दूर्वा अर्पित कर विधि-विधान से पूजा की जाती है। मान्यता है कि सच्चे मन से बप्पा की शरण में आने वाले के जीवन की विघ्न-बाधाएं दूर हो जाती हैं। द्रिक पंचांग के अनुसार, सावन शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि 15 अगस्त 2026 को शाम 5 बजकर 29 मिनट से शुरू होगी। यह तिथि 16 अगस्त को शाम 4 बजकर 52 मिनट पर समाप्त होगी। सनातन धर्म में उदया तिथि की मान्यता के कारण दूर्वा गणेश चतुर्थी का व्रत और पूजन 16 अगस्त 2026 को ही किया जाएगा।
सूर्योदय 06:45 ए एम
सूर्यास्त 09:04 पी एम
चन्द्रोदय 11:25 ए एम
चन्द्रास्त 10:12 पी एम
आज के शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त 05:27 ए एम से 06:06 ए एम
प्रातः सन्ध्या 05:47 ए एम से 06:45 ए एम
अभिजित मुहूर्त 01:26 पी एम से 02:23 पी एम
विजय मुहूर्त 04:18 पी एम से 05:15 पी एम
गोधूलि मुहूर्त 09:04 पी एम से 09:24 पी एम
सायाह्न सन्ध्या 09:04 पी एम से 10:02 पी एम
अमृत काल 06:14 पी एम से 07:52 पी एम
निशिता मुहूर्त 01:36 ए एम, अगस्त 17 से 02:15 ए एम, अगस्त 17
सर्वार्थ सिद्धि योग 06:45 ए एम से 12:20 ए एम, अगस्त 17
अमृत सिद्धि योग 06:45 ए एम से 12:20 ए एम, अगस्त 17
रवि योग 12:20 ए एम, अगस्त 17 से 04:34 ए एम, अगस्त 17
आज के अशुभ मुहूर्त
राहुकाल 07:17 पी एम से 09:04 पी एम
यमगण्ड 01:54 पी एम से 03:42 पी एम
गुलिक काल 05:29 पी एम से 07:17 पी एम
विडाल योग 12:20 ए एम, अगस्त 17 से 04:34 ए एम, अगस्त 17
वर्ज्य 08:28 ए एम से 10:06 ए एम
दुर्मुहूर्त 07:10 पी एम से 08:07 पी एम
मधुसर्पिष 01:22 पी एम से 12:20 ए एम, अगस्त 17
भद्रा 06:45 ए एम से 01:22 पी एम
बाण अग्नि - 04:34 ए एम, अगस्त 17 तक


