आज नवरात्र की सप्तमी तिथि, कोलाबोउ को पंडाल में प्रवेश कराया जाएगा, मां दुर्गा की प्रतिमा में होगी प्राण प्रतिष्ठा

Anuradha Pandey लाइव हिन्दुस्तान, धनबाद, वरीय संवाददाता।
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Durga Puja Navratri saptami:आज नवरात्र का आठवां दिन है, लेकिन आज नवरात्र की सप्तमी तिथि है। इस दिन कालरात्रि की पूजा की जाएगी। दरअसल इस बार नवरात्र 10 दिन के थे, चतुर्थी तिथि दो दिन होने के कारण आज सातवां नवरात्र मनाया जाएगा। दुर्गा पूजा की बात करें तो  

आज नवरात्र की सप्तमी तिथि, कोलाबोउ को पंडाल में प्रवेश कराया जाएगा, मां दुर्गा की प्रतिमा में होगी प्राण प्रतिष्ठा

आज नवरात्र का आठवां दिन है, लेकिन आज नवरात्र की सप्तमी तिथि है। इस दिन कालरात्रि की पूजा की जाएगी। दरअसल इस बार नवरात्र 10 दिन के थे, चतुर्थी तिथि दो दिन होने के कारण आज सातवां नवरात्र मनाया जाएगा। दुर्गा पूजा की बात करें तो महासप्तमी पर सोमवार को कोलाबोउ को गाजे-बाजे व ढोल-नगाड़े के साथ पूजा पंडालों में प्रवेश कराया जाएगा। बंगाली परंपरा के अनुसार सप्तमी की सुबह धूमधाम से नवपत्रिका लेकर आसपास के नदी तालाब व सरोवरों में जाएंगे। वापसी में कोलाबोउ को डोली में बैठाकर लाया जाएगा।

नवपत्रिका और कोलाबोउ को पंडाल में प्रवेश कराया जाएगा। विधि-विधान से पूजा होगी। इसके बाद मंत्रोच्चार के साथ पुजारी मां दुर्गा की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा करेंगे। इसके साथ ही देवी दुर्गा का गज (हाथी) पर आगमन हो जाएगा। बंगाली परंपरा के अनुसार कोलाबोउ की आराधना का विशेष महत्व है। शारदीय नवरात्र की षष्ठी पूजन पर माता दुर्गा अपने नौ स्वरूपों में जगत कल्याण के लिए पृथ्वी पर आती हैं। इस अवसर पर भगवान गणेश की पत्नी कोलाबोउ की पूजा कर मां दुर्गा की आराधना शुरू हो जाती है। विधि-विधान से कलश स्थापन की जाती है।

इसके बाद लाल कपड़ा में कोलाबोउ व केले के पेड़ को लपेटकर पूजा अर्चना की जाएगी। बांग्ला पंचांग के अनुसार 29 सितंबर सोमवार को सप्तमी तिथि दिन के 12:28 बजे तक है। इसके बाद अष्टमी तिथि का प्रवेश हो जाएगा। इसलिए सुबह 9:29 बजे तक नवपत्रिका प्रवेश व स्थापन का अनुष्ठान पूर्ण कर लेना होगा। गोधूलि बेला में हुआ बेलभरन का अनुष्ठान: इससे पूर्व रविवार को षष्ठी तिथि की गोधूलि बेला में श्रद्धालुओं ने नवपत्रिका का आह्वान कर बेलभरण कास अनुष्ठान हुआ। मंत्रोच्चार के साथ केला, कच्ची हल्दी, बेल, धान की बाली, अनार, अशोक, जौ और अरुम आदि पौधे को आमंत्रित किया। सभी को केले के पत्ते में बांधा गया। मान्यता है कि नौ पौधों में नवदुर्गा का वास होता है।

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अनुराधा पांडेय पिछले 16 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में एस्ट्रोलॉजी और करियर टीम का नेतृत्व कर रही हैं।


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