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दुर्गाष्टमी और महानवमी कब है? जानें डेट, मुहूर्त और उपाय

दुर्गाष्टमी और महानवमी कब है? जानें डेट, मुहूर्त और उपाय

संक्षेप:

नवरात्रि में अष्टमी और नवमी तिथि का बहुत अधिक महत्व होता है। इन तिथियों पर पूजा करने से मानसिक शांति, सुख-समृद्धि और देवी दुर्गा की कृपा प्राप्त होती है। नवरात्रि के इन विशेष दिनों में उपासना से जीवन में सकारात्मकता आती है।

Sun, 28 Sep 2025 06:39 PMYogesh Joshi लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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नवरात्रि के आठवें और नवें दिन दुर्गाष्टमी और महानवमी का विशेष महत्व है। वर्ष 2025 में ये तिथियां 29 सितंबर (सोमवार) और 30 सितंबर (मंगलवार) को पड़ रही हैं। दुर्गाष्टमी 30 सितंबर को हैं और महानवमी1 अक्टूबर को है। नवरात्रि में अष्टमी और नवमी तिथि का बहुत अधिक महत्व होता है। इन तिथियों पर पूजा करने से मानसिक शांति, सुख-समृद्धि और देवी दुर्गा की कृपा प्राप्त होती है। नवरात्रि के इन विशेष दिनों में उपासना से जीवन में सकारात्मकता आती है।

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दुर्गा अष्टमी मुहूर्त-

अष्टमी तिथि प्रारम्भ - सितम्बर 29, 2025 को 04:31 पी एम बजे

अष्टमी तिथि समाप्त - सितम्बर 30, 2025 को 06:06 पी एम बजे

महा नवमी मुहूर्त-

नवमी तिथि प्रारम्भ - सितम्बर 30, 2025 को 06:06 पी एम बजे

नवमी तिथि समाप्त - अक्टूबर 01, 2025 को 07:01 पी एम बजे

पूजा विधि

नवरात्रि में महाअष्टमी और नवमी पर विशेष पूजा और अनुष्ठान करने का महत्व है।

सुबह उठकर गंगा जल से स्नान करें।

पूजा के स्थान पर गंगाजल डालकर उसे शुद्ध करें।

मंदिर या पूजा स्थल में दीप जलाएं।

गंगाजल से देवी का अभिषेक करें।

अर्पण सामग्री: अक्षत, सिंदूर और लाल पुष्प देवी को अर्पित करें।

फल और मिठाई भोग में लगाएं।

धूप और दीपक जलाकर दुर्गा चालीसा का पाठ करें।

आरती: पाठ के बाद मां दुर्गा की आरती करें।

पूजा सामग्री लिस्ट-

लाल चुनरी

लाल वस्त्र

मौली

श्रृंगार का सामान

दीपक

घी/तेल

धूप

नारियल

साफ चावल

कुमकुम

फूल

देवी की प्रतिमा या फोटो

पान

सुपारी

लौंग

इलायची

बताशे या मिसरी

कपूर

फल और मिठाई

कलावा

उपाय

कन्या पूजन: अष्टमी और नवमी पर कन्याओं को भोजन कराना और उन्हें उपहार देना बहुत शुभ होता है। यह देवी दुर्गा की कृपा प्राप्त करने का श्रेष्ठ उपाय माना जाता है।

संधि पूजन: अष्टमी और नवमी के संधिकाल में पूजा करने से विशेष लाभ मिलता है।

नवमी होम: इस दिन हवन और मंत्र जाप करने से घर में सुख-शांति और समृद्धि आती है।

आयुध पूजन: यदि घर में शस्त्र या उपकरण हैं, तो उनकी पूजा नवमी को करने से सुरक्षा और विजय की प्राप्ति होती है।

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Yogesh Joshi

लेखक के बारे में

Yogesh Joshi
योगेश जोशी हिंदुस्तान डिजिटल में सीनियर कंटेंट प्रड्यूसर हैं। उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के मेहला गांव के रहने वाले हैं। पिछले छह सालों से पत्रकरिता कर रहे हैं। एनआरएआई स्कूल ऑफ मास कम्युनिकेश से जर्नलिज्म में स्नातक किया और उसके बाद 'अमर उजाला डिजिटल' से अपने करियर की शुरुआत की, जहां धर्म और अध्यात्म सेक्शन में काम किया।लाइव हिंदुस्तान में ज्योतिष और धर्म- अध्यात्म से जुड़ी हुई खबरें कवर करते हैं। पिछले तीन सालों से हिंदुस्तान डिजिटल में कार्यरत हैं। अध्यात्म के साथ ही प्रकृति में गहरी रुचि है जिस कारण भारत के विभिन्न मंदिरों का भ्रमण करते रहते हैं। और पढ़ें
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