कुंभकर्ण एवं रावण के पिछले जन्म का रहस्य पता है आपको

Feb 17, 2026 11:22 am ISTAnuradha Pandey लाइव हिन्दुस्तान
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सनक, सनंदन, सनातन तथा सनतकुमार भगवान विष्णु से मिलने वैकुंठ लोक गए। वहां उनके द्वारपाल जय-विजय ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया और उनका अपमान किया। 

कुंभकर्ण एवं रावण के पिछले जन्म का रहस्य पता है आपको

सनक, सनंदन, सनातन तथा सनतकुमार भगवान विष्णु से मिलने वैकुंठ लोक गए। वहां उनके द्वारपाल जय-विजय ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया और उनका अपमान किया। इससे क्रुद्ध होकर चारों मुनि कुमारों ने जय-विजय को पृथ्वी लोक पर असुर के रूप में जन्म लेने का शाप दे दिया।

ऋषि कुमारों द्वारा शाप मिलने पर दोनों द्वारपालों को अपनी गलती का अहसास हुआ। वे दोनों उनके चरणों पर गिरकर पश्चाताप करने लगे और अपने अपराध के लिए क्षमा मांगने लगे। उसी समय वहां देवी लक्ष्मी सहित विष्णु पधारे। चारों मुनि कुमारों ने उन्हें प्रणाम किया।

जय-विजय ने भगवान विष्णु को सास वृत्तांत सुनाया और प्रार्थना करते हुए कहा,‘प्रभु हम पर दया करें। हमें शाप मुक्त करें।’भगवान विष्णु ने कहा, ‘यह मेरे वश में नहीं है। ये चारों मुनि कुमार ही तुम्हें इस शाप से मुक्त कर सकते हैं।’

मुनि कुमारों को दोनों द्वारपालों पर दया आ गई। उन्होंने जय-विजय से पूछा, ‘आप सौ योनियों में जन्म लेकर भगवान विष्णु के भक्त बनकर जीने के बाद शाप मुक्त होना चाहेंगे या फिर तीन योनियों में भगवान के शत्रु बनकर जीने के बाद मुक्त होना चाहेंगे। दोनों ने कहा, ‘सौ जन्म भगवान से दूर रहने की बजाय हम तीन जन्मों का ही चयन करेंगे।’

जय और विजय ने असुरों के रूप में पहली योनि में हिरण्याक्ष तथा हिरण्यकशिपु, दूसरी योनि में कुंभकर्ण एवं रावण और तीसरी योनि में शिशुपाल तथा दंतवक्र के रूप में जन्म लिया। भगवान विष्णु ने नरसिंह, राम तथा कृष्ण का अवतार धारण कर उनका संहार कर शाप से मुक्ति दिलाई।

(साभार : ‘हिंदू पुराणों की नीति कथाएं’, तिरुमल तिरुपति देवस्थानम्, तिरुपति)

Anuradha Pandey

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अनुराधा पांडेय पिछले 16 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में एस्ट्रोलॉजी और करियर टीम का नेतृत्व कर रही हैं।


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अनुराधा पांडे पत्रकारिता जगत का एक अनुभवी चेहरा हैं, जिन्हें मीडिया में 16 वर्षों का व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में असिस्टेंट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और संस्थान के एस्ट्रोलॉजी और करियर सेक्शन की इंचार्ज हैं। अनुराधा पिछले 10 सालों से लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में लिख रही हैं। डिजिटल पत्रकारिता के दौर में उन्होंने धर्म जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपनी लेखनी से करोड़ों पाठकों का भरोसा जीता है। उनके पास खबरों को न केवल प्रस्तुत करने, बल्कि सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और विश्लेषणात्मक कंटेंट देने का लंबा अनुभव है। वह शिव महापुराण, नारद पुराण, पद्म पुराण और कई अन्य शास्त्रों के जटिल तथ्यों को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं।


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