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रोज शाम घर के बाहर जलाते हैं दीया? भूलकर भी ना करें गलतियां, जान लें सही तरीका औ समय

रोज शाम घर के बाहर जलाते हैं दीया? भूलकर भी ना करें गलतियां, जान लें सही तरीका औ समय

संक्षेप:

अगर आप रोज शाम को घर में दीया जलाते हैं तो कुछ बातों का विशेष ध्यान रखें। कई बार जाने-अनजाने में हमसे वो गलती हो जाती है जो नहीं होनी चाहिए। ऐसे में सही तरीका पता होना जरूरी है।

Feb 10, 2026 02:00 pm ISTGarima Singh लाइव हिन्दुस्तान
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हमारे सनातन धर्म में शाम के समय तुलसी के पास दीया जलाना बहुत ही शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे घर में सुख-शांति बनी रहती है। इसके अलावा कई लोग रोज शाम को घर की चौखट पर भी दीया जलाते हैं। दरअसल सूर्यास्त के बाद नियमित रूप से दीया जलाने से घर में पॉजिटिव एनर्जी आती है। ऐसा कहा जाता है कि ऐसा रोज करने से घर में मां लक्ष्मी का आगमन होता है। बात करें घर की चौखट पर दीया जलाने की तो इससे आर्थिक परेशानियों से राहत मिलती है। साथ ही इससे घर का माहौल पवित्र और शांत होता है। हालांकि, दीया जलाने की सही विधि जानना भी जरूरी होता है। दीये की सही दिशा, स्थान और साफ-सफाई जैसे कई नियम हैं, जिनके बारे में हमें पता होना चाहिए।

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दीया जलाते वक्त रखें इन नियमों का ध्यान

1. आप जिस जगह भी दीया जलाने वाले है, वहां की साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखें। इतना जान लें कि गंदी जगह पर दीया जलाना शुभ नहीं है। शाम में जब भी आप दीया जलाने जाए तो सबसे पहले उस जगह को साफ कर लें जहां पर आपको दीया रखना है। अगर गंदी जगह पर ही दीया जला दिया जाता है तो माना जाता है कि इससे घर में नेगेटिविटी आराम से आ सकती है।

2. सूर्यास्त के बाद दीया जलाना सही माना जाता है। बता दें कि सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल होता है और इसी समय दीया जलाने से घर में पॉजिटिविटी आती है लेकिन देर रात ऐसा नहीं करना चाहिए। कुछ विशेष दिनों को छोड़ रात में दीया जलाना सही नहीं माना जाता है।

3. दीया में तेल डालना है या फिर घी? इसे लेकर कई लोगों में कन्फ्यूजन बना रहता है। बता दें कि घर के मंदिर में घी का दीया जलाना शुभ होता है। वहीं घर के बाहर या फिर तुलसी मां के पास दीया जलाने के लिए सरसों के तेल या फिर तिल के तेल का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।

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4. सबसे जरूरी चीज जिसे लेकर अधिकतर लोग गलती करते हैं और वो है दीए की सही दिशा। बहुत से लोगों को नहीं पता होता है कि दीए को किस दिशा में जलाना सही होता है। बता दें कि वास्तु के हिसाब से दीए को हमेशा ईशान कोण की ओर ही जलाना शुभ होता है। हर एक पूजा के लिए दिशाएं अलग-अलग हो सकती हैं।

5. जब भी आप दीया जलाने जाए तो ये सुनिश्चित करें कि आपके हाथ साफ हो। कभी भी गंदे हाथ से दीए को ना जलाएं। ऐसा करने से घर में नेगेटिविटी ही आएगी। ऐसे में साफ-सुथरे हाथ के साथ ही दीया जलाएं। इसके अलावा कभी भी दीए को फूंक मारकर ना बुझाएं। साथ ही दीया जलाने के तुरंत बाद ही दरवाजा नहीं बंद कर लेना चाहिए।

डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)

Garima Singh

लेखक के बारे में

Garima Singh

शॉर्ट बायो


गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।


परिचय और अनुभव

गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। वह पिछले 8 महीनों से लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।


करियर

गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि

गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।


एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच

गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।


व्यक्तिगत रुचियां

काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।


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