पूरी तरह से जल जाए दीए की बाती तो क्या है इसका मतलब? जान लें कौन सा संकेत होता है सबसे अशुभ
क्या आपको पता है कि घर के मंदिर में जलने वाला दीया कई तरह के संकेत देता है। नीचे विस्तार से जानें कि इनके क्या-क्या मतलब है। साथ ही जानें कि कौन सा संकेत सबसे शुभ होता है।

हिंदू धर्म में पूजा-पाठ का विशेष महत्व होता है। लोग नियमित रूप से घर के मंदिर में सुबह और शाम दीया जरूर जलाते हैं। वहीं कुछ लोग घर की चौखट और तुलसी के पास भी रोज दीया जलाते हैं। मान्यता के अनुसार जिस घर में नियमित रूप से दीया जलाया जाता है तो वहां पर नेगेटिव एनर्जी कभी नहीं आती है। क्या आपने कभी ध्यान से देखा है कि दीए की स्थिति जलने के बाद कैसी है। बता दें कि घर के मंदिर में रखा हुआ दीया भी आपकी जिंदगी में आने वाले बदलाव का संकेत देता है। आम तौर पर ऐसा देखा जाता है कि कई बार दीए में तेल रहते हुए भी वो बीच में ही बुझ जाता है। तो कई बार दीए की बाती पूरी तरह से जल जाती है। इन चीजों से हमें कोई ना कोई संकेत जरूर मिलता है। आज बात करेंगे कि अगर बाती पूरी तरह से जल जाए तो इसके क्या मायने होते हैं?
जानें बाती और दिए से जुड़े कुछ संकेत
1. अगर दीए की बाती पूरी तरह से जल जाती है तो कई लोग इसे शुभ नहीं मानते हैं। लोग ये भ्रम पाल लेते हैं कि अगर बाती पूरी जल गई है तो ये अच्छा संकेत नहीं है। हालांकि ऐसा नहीं है। अगर आपने कोई दीया जलाया है और उसकी बाती पूरी तरह से जलकर राख बन गई है तो इसे शुभ माना जाता है। मान्यता के हिसाब से ऐसा दीया और बाती संकेत देता है कि भगवान ने आपकी पूजा को दिल से स्वीकार किया है और वो आप पर अपनी कृपा जरूर बरसाएंगे। इससे ये भी संकेत मिलता है कि भगवान का हाथ आपके सिर पर हमेशा है और आपके रास्ते में अब कोई भी बाधा नहीं आने वाली है।
2. अगर आपके दीए की बाती जलने के बाद फूल जैसी बन गई है तो क्या कभी आपने सोचा है कि इसका मतलब क्या है? बता दें कि ऐसी बाती संकेत देती है कि आपकी पूजा सफल हुई है और आपकी श्रद्धा और आराधना से भगवान प्रसन्न हुए हैं। तो अगली बार अगर आपके दीए की बाती में ऐसा निशान बनता है तो खुद को लकी मानिए।
3. अगर आप घर में रोजाना दीया जलाते हैं तो आपको कुछ चीजों पर जरूर गौर करना चाहिए। सबसे पहले तो आपको दीए को हमेशा सही दिशा की ओर ही रखने की कोशिश करनी चाहिए। नियम के अनुसार दिए का मुख हमेशा उत्तर-पूर्व दिशा यानी ईशान कोण की ओर होना चाहिए।
4. अगर पूजा के दौरान दीया बीच में ही बुझ जाए तो इसे अशुभ संकेत के तौर पर देखा जाता है। अगर दीया हवा या फिर किसी वस्तु के चलते बुझा है तो कोई दिक्कत नहीं है। अगर ये बिना वजह ही बुझ जाए तो तब इसे अशुभ माना जाएगा। हालांकि आपको ऐसी स्थिति में भी घबराने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है। अगर आपके साथ ऐसा होता है तो पूजा घर में एक बार गंगाजल छिड़क कर पूजा को दोबारा शुरू कर लें।
डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)





