
दिवाली के दिन सुबह क्या करना जरूरी, जानें स्कंदपुराण में क्या लिखा है, लक्ष्मी जी नहीं जाएंगी छोड़कर
Diwali upaay: कार्तिक मास की अमावस्या को दिवाली का पर्व मनाया जाता है। ऐसा कहा जाता है कि इस मां लक्ष्मीऔर गणेश जी की पूजा प्रदोष काल में होती है। लेकिन क्या आपको पता है कि दिवाली की अमावस्या बड़ी अमावस्या है। इस दिन सुबह भी कुछ कार्य किएजाते हैं।
कार्तिक मास की अमावस्या को दिवाली का पर्व मनाया जाता है। ऐसा कहा जाता है कि इस मां लक्ष्मीऔर गणेश जी की पूजा प्रदोष काल में होती है। लेकिन क्या आपको पता है कि दिवाली की अमावस्या बड़ी अमावस्या है। इस दिन सुबह भी कुछ कार्य किएजाते हैं। इसके अलावा लक्ष्मी पूजा के लिए भी खास उपाय किए जाते हैं, जिनका वर्णन स्कंदपुराण में किया गया है। कार्तिक अमावस्या के दिन सुबह स्नान करके देवताओं ओर पितरों की पूजा करें और उन्हें प्रणाम करे। यह बहुत जरूरी काम है जो दिवाली के दिन सबसे पहले करना चाहिए। इस दिन आप उनके नाम से दान भी कर सकते हैं, इससे पितरों का आशीर्वाद मिल जाता है। फिर दही, दूध और घी आदिसे पार्वण श्राद्ध करना बहुत उत्तम माना जाता है। हो सके तो इस दिन व्रत करें। इसके बाद शाम को प्रदोष काल में कल्याणमयी लक्ष्मीदेवी का पूजन करें। इस दिन लक्ष्मीजी से सुख समृद्धि की कामना की जाती है। लक्ष्मी जी को कमल के फूलों की शय्या बनाएं। स्कंदपुराणमें लिखा है कि जो ऐसा करता है उसके घर से लक्ष्मी कहीं नहीं जाती।

दिवाली 2025 शुभ मुहूर्त
इस वर्ष, कार्तिक मास की अमावस्या तिथि 20 अक्टूबर को दोपहर 3:44 बजे शुरू होगी और 21 अक्टूबर को शाम 5:54 बजे समाप्त होगी। पंचांग और ज्योतिषियों का मत है कि इस साल20 अक्टूबर दिवाली और लक्ष्मी पूजा होगी, क्योंकि इस समय अमावस्या और लक्ष्मी पूजा दोनों का समय मिल रहा है।
लक्ष्मी पूजा शुभ मुहूर्त
सोमवार, 20 अक्टूबर 2025 को लक्ष्मी पूजा
लक्ष्मी पूजा मुहूर्त - शाम 7:08 बजे से रात 8:18 बजे तक
अवधि: 1 घंटा 11 मिनट
प्रदोष काल - शाम 5:46 बजे से रात 8:18 बजे तक
वृषभ काल - शाम 7:08 बजे से रात 9:03 बजे तक
(इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए वास्तुशास्त्र विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)
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