Diwali 2025 Muhurat: 21 अक्टूबर को प्रदोष काल में अमावस्या सिर्फ 12 मिनट ही, जानें कब दिवाली मनाना शुभ

Diwali 2025 Muhurat: 21 अक्टूबर को प्रदोष काल में अमावस्या सिर्फ 12 मिनट ही, जानें कब दिवाली मनाना शुभ

संक्षेप:

Deepawali kab hai: वैदिक पंचांग के अनुसार दीपोत्सव का पंचदिवसीय पर्व इस बार 18 से 23 अक्टूबर तक रहेगा। हालांकि इस वर्ष दीपावली पूजा की तिथि को लेकर लोगों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है, जिसे मेरठ के ज्योतिषाचार्यों ने दूर कर दिया है।

Oct 16, 2025 10:34 am ISTAnuradha Pandey लाइव हिन्दुस्तान, मेरठ, वरिष्ठ संवाददाता
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वैदिक पंचांग के अनुसार कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष में मनाया जाने वाला दीपोत्सव का पंचदिवसीय पर्व इस बार 18 से 23 अक्टूबर तक रहेगा। हालांकि इस वर्ष दीपावली और गोवर्धन पूजा की तिथि को लेकर लोगों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है, जिसे मेरठ के ज्योतिषाचार्यों ने दूर कर दिया है। उनका कहना है कि इस वर्ष मुख्य दीपावली यानी महालक्ष्मी पूजा 20 अक्तूबर सोमवार को ही होगी, क्योंकि इस दिन अमावस्या प्रदोष और निशीथ काल में व्याप्त रहेगी।

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ज्योतिषाचार्य विभोर इंदूसुत के अनुसार दीपावली के पंचदिवसीय पर्व में इस बार एक रिक्त दिन भी उपस्थित रहेगा। यही कारण है कि कई लोग 20 या 21 अक्तूबर को लेकर असमंजस में हैं। उन्होंने बताया कि शास्त्रानुसार बड़ी दीपावली उसी दिन होती है, जब अमावस्या तिथि प्रदोषकाल और रात्रिकाल दोनों में हो। इस बार अमावस्या 20 अक्तूबर को दोपहर 3:44 बजे शुरू होकर 21 अक्टूबर को शाम 5:54 बजे तक रहेगी। प्रदोषकाल और रात्रिकाल दोनों में अमावस्या 20 को ही रहेगी, अतः महालक्ष्मी पूजा का श्रेष्ठ मुहूर्त इसी दिन है। इसके अलावा मुख्य रूप से प्रदोषकाल और रात्रिकाल में अमावस्या केवल 20 को ही रहेगी, इसलिए बड़ी दीपावली (महालक्ष्मी पूजा) 20 को करना ही श्रेष्ठ है। 21 अक्तूबर को देखें तो दिनभर तो अमावस्या रहेगी लेकिन संध्याकाल में अमावस्या समाप्त हो जाएगी। सूर्यास्त के बाद प्रदोषकाल में केवल लगभग 12 मिनट के लिए ही अमावस्या रहेगी और रात्रिकाल में तो अमावस्या है ही नहीं। बिना अमावस्या के बड़ी दीपावली पूजन श्रेष्ठ नहीं माना जाता।

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शुभ योग भी 20 अक्तूबर को है

ज्योतिषाचार्य रुचि कपूर के अनुसार दीपावली रात्रि का पर्व है और जब अमावस्या तिथि प्रदोष व निशीथ काल में हो तभी लक्ष्मी पूजन सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। इस वर्ष ऐसा शुभ योग 20 अक्तूबर को ही बन रहा है। दीपावली को प्रदोष काल और स्थिर लग्न का शुभ संयोग भी है, जोकि माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने के लिए बहुत उत्तम माना जाता है।

Anuradha Pandey

लेखक के बारे में

Anuradha Pandey
अनुराधा पांडे लाइव हिन्दुस्तान में एस्ट्रोलॉजी और करियर सेक्शन लीड कर रही हैं। इन्हें पत्रकारिता जगत में करीब डेढ़ दशक का अनुभव है। ज्योतिष और धर्म-अध्यात्म से जुड़े विषयों पर पिछले 10 सालों से लिख रही हैं। इन्होंने हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा भारतीय जनसंचार संस्थान, दिल्ली और ग्रैजुएशन दिल्ली विश्वविद्यालय से किया है। लाइव हिन्दुस्तान में करियर का लंबा हिस्सा बीता और काम करते-करते 9 साल हो गए हैं। एस्ट्रोलॉजी और करियर से जुड़ी खबरों के अलावा हेल्थ पर लिखने शौक है। इससे पहले तीन साल तक आज तक वेबसाइट में एजुकेशन सेक्शन में भी काम किया है। और पढ़ें
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