Vastu Tips: डाइनिंग टेबल पर क्या-क्या नहीं रखना चाहिए? जान लें किन चीजों से बढ़ती है नेगेटिविटी
वास्तु शास्त्र में बताया गया है कि डाइनिंग टेबल पर रखी हुई चीजों का संबंध सीधा हमारी सुख-शांति से जुड़ा होता है। ऐसे में यहां पर भूलकर भी ऐसी चीजें नहीं रखनी चाहिए जो नेगेटिविटी बढ़ाएं। नीचे जानें डाइनिंग टेबल से जुड़े कुछ नियम…

Vastu Tips for Dining Table: वास्तु शास्त्र एक ऐसी तकनीक है जिसमें हमारे आसपास की एनर्जी का बैलेंस करने की पावर होती है। घर के हर कमरे से लेकर वहां रखी हुई छोटी से छोटी चीज भी हमारी जिंदगी पर गहरा असर डालती है। बात जब डाइनिंग टेबल की आती है तो बता दें कि ये सिर्फ खाना खाने वाली जगह नहीं होती है बल्कि इसका सीधा-सीधा संबंध घर की सुख-शांति, परिवार के सदस्यों की हेल्थ और आपसी रिश्ते से होता है। आम तौर पर देखा जाता है कि कई लोग डाइनिंग टेबल पर बिना सोचे-समझे कोई भी सामान रख देते हैं। वास्तु शास्त्र के नियमों के अनुसार अगर डाइनिंग टेबल पर गलत चीजें रख दी जाएं तो इससे घर में नेगेटिव एनर्जी बढ़ने लगती है। ऐसे में इसका असर आर्थिक स्थिति पर पड़ता है। घर के सदस्यों के बीच तनाव बढ़ता है और वास्तु दोस्त जैसी चीजें होती हैं। ऐसे में ये जानना बेहद ही जरूरी है कि डाइनिंग टेबल पर किन चीजों को रखने से बचना चाहिए?
डाइनिंग टेबल पर ना रखें ये चीजें
वास्तु शास्त्र के हिसाब से डाइनिंग टेबल पर कभी भी दवाइयां नहीं रखनी चाहिए। टेबलेस्ट, कैप्शूल से लेकर कफ सिरप वगैरह भी यहां रखने से बचना चाहिए। अगर इस नियम का पालन ना किया जाए तो घर के सदस्यों को अक्सर कोई ना कोई बीमारी घेरे रहेगी। वहीं अक्सर लोग डाइनिंग टेबल पर नमकदानी रखते हैं। इसे भी यहां रखने से बचना चाहिए। अगर यहां पर नमक इत्यादि रखते हैं तो इससे आर्थिक तंगी जैसी स्थिति बनती है। वहीं जल्दबाजी में लोग अपने पर्स, बिल्स या फिर मोबाइल को भी यहां रख देते हैं। नियम के अनुसार ये भी गलत तरीका है। वास्तु शास्त्र के नियम के अनुसार डाइनिंग टेबल पर हमेशा पॉजिटिव एनर्जी ही होनी चाहिए।
रखें इस बातों का ध्यान
इस बात का जरूर ध्यान रखें कि कभी भी डाइनिंग टेबल के ऊपर बासी खाना ना रखें। इससे घर में नेगेटिविटी बढ़ने लगती है। वहीं डाइनिंग टेबल भी सही दिशा में रखा होना चाहिए। नियम के हिसाब से इसे हमेशा घर की पश्चिम या फिर दक्षिण पश्चिम दिशा में ही रखना चाहिए। इसके अलावा नियमित रूप से इसकी सफाई करना भी जरूरी है। इसके साथ ही अगर डाइनिंग टेबल लकड़ी का हो तो इसे सोने पर सुहागा कहा जाएगा। इसे शुभ माना जाता है। नियम के हिसाब से डाइनिंग टेबल पर कभी भी चटके हुए बर्तन नहीं रखने चाहिए।
डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए वास्तुशास्त्र विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)
लेखक के बारे में
Garima Singhशॉर्ट बायो
गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।
परिचय और अनुभव
गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। वह पिछले 8 महीनों से लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।
करियर
गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।
एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच
गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।
व्यक्तिगत रुचियां
काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।
विशेषज्ञता
वास्तु शास्त्र, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई, डेली और वीकली राशिफल
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