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देवउठनी एकादशी कब मनाना उत्तम, 2025-26 के शुभ विवाह मुहूर्त भी जान लें

देवउठनी एकादशी कब मनाना उत्तम, 2025-26 के शुभ विवाह मुहूर्त भी जान लें

संक्षेप:

कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष एकादशी को देवउठान एकादशी के रूप में मनाया जाता है। मान्यता है कि आषाढ़ शुक्ल एकादशी से भगवान विष्णु योग निद्रा में चले जाते हैं और चार माह बाद कार्तिक शुक्ल एकादशी को जागृत होते हैं। इस अवधि को चातुर्मास कहा जाता है

Fri, 31 Oct 2025 08:26 AMAnuradha Pandey लाइव हिन्दुस्तान, मेरठ, वरिष्ठ संवाददाता
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कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष एकादशी को देवउठान एकादशी के रूप में मनाया जाता है। मान्यता है कि आषाढ़ शुक्ल एकादशी से भगवान विष्णु योग निद्रा में चले जाते हैं और चार माह बाद कार्तिक शुक्ल एकादशी को जागृत होते हैं। इस अवधि को चातुर्मास कहा जाता है, जिसमें विवाह और मांगलिक कार्य वर्जित माने जाते हैं। देवउठान एकादशी पर श्रीहरि विष्णु के जागृत होने के बाद सभी शुभ कार्यों की पुनः शुरुआत हो जाती है। एकादशी तिथि दो दिन व्याप्त रहने से यह पर्व एक और दो नवंबर दोनों दिन मनाया जाएगा। ज्योतिषाचार्य विभोर इंदूसुत के अनुसार एकादशी तिथि एक नवंबर शनिवार सुबह 9:11 बजे से शुरू होकर 2 नवंबर रविवार सुबह 7:31 बजे तक रहेगी। एक नवंबर को पूरे दिन और रात्रि में एकादशी तिथि विद्यमान रहेगी, जबकि दो नवंबर को यह प्रातःकाल 7.31 बजे तक रहेगी। इस कारण देवउठान एकादशी व्रत और पूजन के लिए एक नवंबर का दिन श्रेष्ठ माना गया है। पुण्यकाल दोनों दिन रहेगा, अतः दान, स्नान, पूजा और तुलसी विवाह एक व दो नवंबर को किया जा सकते हैं।

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देव दीपावली : पांच नवंबर को गंगा स्नान, दीपदान और गुरु नानक जयंती का पावन संगम

ज्योतिषचार्य भारत ज्ञान भूषण के अनुसार इस वर्ष देव दीपावली, कार्तिक पूर्णिमा, गंगा स्नान और गुरु नानक जयंती का पावन पर्व 5 नवंबर बुधवार को मनाया जाएगा। इस दिन सिद्धि योग, विष्टि करण, अश्विनी और भरणी नक्षत्र का योग रहेगा। चंद्रमा मेष राशि में और गुरु अपनी उच्च कर्क राशि में होंगे, जिससे यह दिवस अत्यंत शुभ है। कार्तिक पूर्णिमा को देव दीपावली तब मनाई जाती है जब देवता श्रीहरि विष्णु के जागरण उपरांत पृथ्वी पर उतरकर जलाशयों में दीपोत्सव करते हैं। इसी कारण इसको देवताओं की दीपावली कहा जाता है। गंगा स्नान मुहूर्त प्रातः 6:35 से 12:04 तक रहेगा, जबकि दीपदान और पूजन के लिए प्रदोष काल 5:15 से 7:50 तक व लाभ मुहूर्त रात्रि 8:46 से 10:26 तक रहेगा।

शुभ विवाह मुहूर्त (नवंबर 2025 से जुलाई 2026)

नवंबर 18, 22, 23, 24, 25, 26, 27, 29, 30

दिसंबर 4, 10, 11

फरवरी 3, 4, 5, 10, 13, 15, 19, 20, 21

मार्च 6, 9, 10, 11, 12

अप्रैल 20, 21, 25, 26, 27, 29, 30

मई 5, 6, 7, 8, 9, 10, 14

जून 19 से 29 तक

जुलाई 1 से 12 तक

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य है और सटीक है। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Anuradha Pandey

लेखक के बारे में

Anuradha Pandey
अनुराधा पांडे लाइव हिन्दुस्तान में एस्ट्रोलॉजी और करियर सेक्शन लीड कर रही हैं। इन्हें पत्रकारिता जगत में करीब डेढ़ दशक का अनुभव है। ज्योतिष और धर्म-अध्यात्म से जुड़े विषयों पर पिछले 10 सालों से लिख रही हैं। इन्होंने हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा भारतीय जनसंचार संस्थान, दिल्ली और ग्रैजुएशन दिल्ली विश्वविद्यालय से किया है। लाइव हिन्दुस्तान में करियर का लंबा हिस्सा बीता और काम करते-करते 9 साल हो गए हैं। एस्ट्रोलॉजी और करियर से जुड़ी खबरों के अलावा हेल्थ पर लिखने शौक है। इससे पहले तीन साल तक आज तक वेबसाइट में एजुकेशन सेक्शन में भी काम किया है। और पढ़ें
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