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दे‌वउठनी एकादशी कब है, 1 या 2 नवंबर किस तारीख को व्रत रखें, कब करें तुलसी विवाह?

दे‌वउठनी एकादशी कब है, 1 या 2 नवंबर किस तारीख को व्रत रखें, कब करें तुलसी विवाह?

संक्षेप:

Devuthani ekadashi date and time in india : चार महीने की योग निंद्रा के बाद 1 नवंबर को भगवान श्री हरि जाग जाएंगे। इस साल छह जुलाई को देवशयनी एकादशी से भगवान चार महीने की योग निंद्रा में चले गए थे। 

Oct 30, 2025 10:33 am ISTAnuradha Pandey लाइव हिन्दुस्तान
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चार महीने की योग निंद्रा के बाद 1 नवंबर को भगवान श्री हरि जाग जाएंगे। इस साल छह जुलाई को देवशयनी एकादशी से भगवान चार महीने की योग निंद्रा में चले गए थे। उनकी नींद कार्तिक शुक्ल पक्ष एकादशी जिसे प्रबोधिनी, देवोत्थान या देवउठनी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है, को टूटती है। इस दिन भगवान को शाम के समय जगाया जाता है। उनके लिए रंगोली सजाई जाती है और मौसमी फल और सब्जियों को अर्पित कर उन्हें गायन करके जगाया जाता है। गन्ने, मौसमी फलों को सजाकर उनपर सूप ढ़क दें, फिर दीपक जलाएं और ऊठो देव जागो देव,गीत गाकर विष्णु जी को जगाएं। ऐसी मान्यता है कि भगवान को भक्त इस दिन गीत, वाद्य और आरती आदि से जगाते हैं। प्रबोधनी एकादशी के साथ ही सभी मांगलिक कार्य शुरू हो जाएंगे। इस दिन तुलसी विवाह भी किया जाता है, जो प्रदोष काल में होता है, तुलसी विवाह 1 नवंबर को किया जाएगा, क्योंकि इस दिन एकादशी का प्रदोष काल मिल रहा है।

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ज्योतिर्विद के अनुसार एकादशी किस दिन एकादशी व्रत
ज्योतिर्विद दिवाकर त्रिपाठी के अनुसार, काशी के महावीर पंचांग में कार्तिक शुक्ल पक्ष एकादशी तिथि का आरंभ 31 अक्टूबर दिन शुक्रवार को रात में 4:02 बजे से होगा, जो 1 नवंबर दिन शनिवार को रात में 2:57 बजे तक व्याप्त रहेगा। इस कारण से उदयकालिक स्थिति में एकादशी तिथि 1 नवंबर दिन शनिवार को प्राप्त हो रही है। प्रबोधिनी एकादशी व्रत का मान सबके लिए 1 नवंबर दिन शनिवार को होगा। 1 नवंबर एकादशी के दिन संपूर्ण विश्व के पालन करता श्री हरि विष्णु जी काव्य दिवस पूजन अर्चन करके योग्य निद्रा से जगाया जाएगा। पुराणों में एकादशी तिथि का बहुत अधिक महत्व बताया गया है। इस दिन आप अन्न ना खाएं और चावल का त्याग करें। ऐसा कहा जाता है कि जो इस दिन निराहार रहकर उपवास करता है, वो मोक्ष को पाता है। यह एकादशी बड़ी एकादशी में से एक मानी जाती है, इस दिन से आप एकादशी वरत शुरू कर सकते हैं और समाप्त भी कर सकते हैं।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। इन्हें अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Anuradha Pandey

लेखक के बारे में

Anuradha Pandey
अनुराधा पांडे लाइव हिन्दुस्तान में एस्ट्रोलॉजी और करियर सेक्शन लीड कर रही हैं। इन्हें पत्रकारिता जगत में करीब डेढ़ दशक का अनुभव है। ज्योतिष और धर्म-अध्यात्म से जुड़े विषयों पर पिछले 10 सालों से लिख रही हैं। इन्होंने हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा भारतीय जनसंचार संस्थान, दिल्ली और ग्रैजुएशन दिल्ली विश्वविद्यालय से किया है। लाइव हिन्दुस्तान में करियर का लंबा हिस्सा बीता और काम करते-करते 9 साल हो गए हैं। एस्ट्रोलॉजी और करियर से जुड़ी खबरों के अलावा हेल्थ पर लिखने शौक है। इससे पहले तीन साल तक आज तक वेबसाइट में एजुकेशन सेक्शन में भी काम किया है। और पढ़ें
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