Hindi Newsधर्म न्यूज़Devuthani ekadashi bhishm panchak start 5 days vrat snan and deepdan get katrik snan fal
देवउठनी एकादशी से 5 दिन तक भीष्म पंचक, स्नान, दीपदान और व्रत से मिलेगा पूरे कार्तिक का फल

देवउठनी एकादशी से 5 दिन तक भीष्म पंचक, स्नान, दीपदान और व्रत से मिलेगा पूरे कार्तिक का फल

संक्षेप:

कार्तिक माह के आखिर के पांच दिन बहुत पुण्यदायक माने जाते हैं, जो लोग पूरे महीने कार्तिक स्नान नहीं कर सकते हैं, वो इन पांच दिनों में व्रत और स्नान कर कार्तिक स्नान का फल पा लेते हैं। इस साल भीष्म पंचक देवउठनी एकादशी पर शनिवार से शुरू हो रहे हैं।

Fri, 31 Oct 2025 03:17 PMAnuradha Pandey लाइव हिन्दुस्तान
share Share
Follow Us on

कार्तिक माह के आखिर के पांच दिन बहुत पुण्यदायक माने जाते हैं, जो लोग पूरे महीने कार्तिक स्नान नहीं कर सकते हैं, वो इन पांच दिनों में व्रत और स्नान कर कार्तिक स्नान का फल पा लेते हैं। इस साल भीष्म पंचक देवउठनी एकादशी पर शनिवार से शुरू हो रहे हैं। इस दिन से देव दीपावली तक महिलाएं पांच दिन तक व्रत रखेंगी। मान्यता है कि इन पांच दिनों में तारों की छांव में स्नान करने और व्रत रखने से पूरे कार्तिक स्नान का पुण्य मिलता है। इन पांच दिनों में स्नान करना इसलिए उत्तम मानते हैं कि भगवान का स्नान करके उनकी पूजा करें और फिर दीपदान करें। इन पांच दिनों में मानसिक और शारीरिक शुद्धता के साथ भगवान का ध्यान करना चाहिए। ब्रह्यचर्य का पालन करें। ऐसा कहा जाता है कि जो इन व्रतों को करता है, उसके सभी पापों का नाश होता है। अतः मनुष्यों को इन पांच दिनों में जरूर व्रत करना चाहिए।

LiveHindustan को अपना पसंदीदा Google न्यूज़ सोर्स बनाएं – यहां क्लिक करें।
ये भी पढ़ें:देवउठनी एकादशी पर पढ़ा जाता है प्रबोधिनी एकादशी का महात्मय और कथा

इस व्रत में भीष्मजी के लिए भी जलदान ओर दीपदान किया जाता है। इस दिन श्रीहरि का पंचगव्य, चन्दन के जल, चन्दन, और कुमकुम से पूजन करें। भगवान को धूप, फल फूल अर्पत करें। इस बात का ध्यान रखें कि भगवान के आगे 5 दिन तक दीप जलाएं। शाम के समय को रोज कार्तिकशुक्ल एकादशी से कार्तिक पूर्णिमा तक भीष्म पंचक के दिन भगवान का कीर्तन करें। कार्तिक शुक्ल एकादशी को जहां देव उठेंगे वहीं शाम को मंदिरों में तुलसी और शालिगराम जी का विवाह होगा। तुलसी-शालिगरामजी के विवाह के बाद वैकुंठ चतुर्दशी और फिर देव दिवाली मनाई जाएगी। पूर्णिमा को कार्तिक स्नान पूर्ण होगा। इसके बाद किसी ब्राह्मण को भोजन कराकर कपड़े दान करें और दक्षिणा दें।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य है और सटीक है। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Anuradha Pandey

लेखक के बारे में

Anuradha Pandey
अनुराधा पांडे लाइव हिन्दुस्तान में एस्ट्रोलॉजी और करियर सेक्शन लीड कर रही हैं। इन्हें पत्रकारिता जगत में करीब डेढ़ दशक का अनुभव है। ज्योतिष और धर्म-अध्यात्म से जुड़े विषयों पर पिछले 10 सालों से लिख रही हैं। इन्होंने हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा भारतीय जनसंचार संस्थान, दिल्ली और ग्रैजुएशन दिल्ली विश्वविद्यालय से किया है। लाइव हिन्दुस्तान में करियर का लंबा हिस्सा बीता और काम करते-करते 9 साल हो गए हैं। एस्ट्रोलॉजी और करियर से जुड़ी खबरों के अलावा हेल्थ पर लिखने शौक है। इससे पहले तीन साल तक आज तक वेबसाइट में एजुकेशन सेक्शन में भी काम किया है। और पढ़ें
जानें धर्म न्यूज़ ,Choti Diwali Wishes , Rashifal, Panchang , Numerology से जुडी खबरें हिंदी में हिंदुस्तान पर| हिंदू कैलेंडर से जानें शुभ तिथियां और बनाएं हर दिन को खास!