देवशयनी एकादशी व्रत करने से होते हैं ये 5 बड़े फायदे, इस 1 नियम का जरूर करें पालन
Devshayani ekadashi 2026 vrat ka fal: हर महीने के कृष्ण और शुक्ल पक्ष में एकादशी व्रत रखा जाता है। लेकिन आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की देवशयनी एकादशी का खास महत्व है। जानें देवशयनी एकादशी व्रत रखने से क्या फल मिलता है।

Devshayani ekadashi 2026 vrat benefits:आषाढ़ शुक्ल एकादशी को देवशयनी एकादशी व्रत किया जाता है। इस दिन से ही चातुर्मास प्रारंभ होते हैं। हिंदू शास्त्रों के अनुसार, देवशयनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु योग निद्रा में चले जाते हैं और सृष्टि का संचालन भगवान शंकर करते हैं। देवशयनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु की कृपा पाने के लिए लोग विधि-विधान से पूजन और दान-पुण्य करते हैं। इस एकादशी के व्रत भी खास महत्व है। मान्यता है कि नियम-संयम के साथ देवशयनी एकादशी व्रत करने से भगवान श्री हरि का आशीर्वाद प्राप्त होता है और मां लक्ष्मी भी प्रसन्न होती हैं। आइए जानते हैं देववशयनी एकादशी व्रत करने से क्या फल मिलता है और किस नियम का पालन करना चाहिए।
देवशयनी एकादशी व्रत कब है:
हिंदू पंचांग के अनुसार, इस बार देवशयनी एकादशी व्रत 25 जुलाई 2026, शनिवार को रखा जाएगा और व्रत का पारण 26 जुलाई 2026 को किया जाएगा। एकादशी व्रत में भगवान विष्णु के साथ मां लक्ष्मी का विधि-विधान से पूजन किया जाता है।
देवशयनी एकादशी व्रत करने से क्या लाभ होता है:
1. पापों से मिलती है मुक्ति:
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, देवशयनी एकादशी व्रत करने से जाने-अनजाने में किए गए सभी पाप खत्म हो जाते हैं और भगवान विष्णु की कृपा से मनवांछित फल की प्राप्ति होती है।
2. मोक्ष प्राप्ति:
मान्यता है कि एकादशी व्रत करने से व्यक्ति सभी सुखों को भोगकर अंत में विष्णु लोक को जाता है। इस दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा करने से उनका आशीर्वाद मिलता है और सफलता प्राप्त होती है।
3. पुण्य लाभ:
पद्म पुराण के अनुसार, देवशयनी एकादशी का व्रत करने से मनुष्य को 88 हजार यज्ञों के बराबर पुण्य प्राप्त होता है। इस दिन स्नान और दान का भी खास महत्व है। मान्यता है कि स्नान और दान करने से व्यक्ति को अक्षय पुण्य मिलता है।
4. सुख-शांति की प्राप्ति:
हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार, देवशयनी एकादशी व्रत करने से घर में सुख-शांति और खुशहाली बनी रहती है। मनुष्य के विचार शुद्ध होते हैं और मानसिक शांति की प्राप्ति होती है।
5. मन पर काबू:
मान्यता है कि एकादशी व्रत करने से मनुष्य को इच्छाओं और मन पर काबू पाने की शक्ति प्राप्त होती है। व्रत के दौरान ध्यान, भजन करने से मन शांत होता है और एकाग्रता बढ़ती है।
एकादशी के दिन इस बात का रखें ध्यान:
एकादशी के दिन तुलसी के पौधे को स्पर्श नहीं करना चाहिए। हिंदू धर्म में तुलसी को मां लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन मां लक्ष्मी एकादशी व्रत रखती हैं और उन्हें स्पर्श करने से उनका व्रत खंडित हो जाता है।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।


