
देवउठनी एकादशी व्रत का पारण कब और कैसे किया जाएगा? जान लें मुहूर्त समेत 5 खास बातें
Dev Uthani Ekadashi Vrat Paran Time: चार महीने बाद देवउठनी एकादशी को भगवान विष्णु योग निद्रा से जागते हैं। इस दिन से ही चातुर्मास समाप्त होता है और शुभ व मांगलिक कार्य प्रारंभ होते हैं। जानें इस बार देवउठनी एकादशी किस दिन है और कब किया जाएगा व्रत पारण।
Dev uthani ekadashi Vrat Paran Timing: कार्तिक शुक्ल पक्ष की एकादशी को देवउठनी एकादशी व्रत किया जाता है। इसे देवोत्थान एकादशी या देव प्रबोधिनी एकादशी के नाम से जाना जाता है। देवउठनी एकादशी को भगवान विष्णु चार महीने बाद योग निद्रा से जागते हैं और सृष्टि का संचालन करते हैं। इस दिन ही विवाह, मुंडन व सगाई जैसे मांगलिक कार्य प्रारंभ होते हैं। देवउठनी एकादशी के दिन ही तुलसी विवाह कराया जाता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु के रूप भगवान शालिग्राम और माता तुलसी का विवाह कराने से कन्यादान के समान फल प्राप्त होता है। जानें इस बार देवउठनी एकादशी व्रत कब है और कब व्रत का पारण किया जाएगा।

1. देवउठनी एकादशी कब है 2025: हिंदू पंचांग के अनुसार, एकादशी तिथि 01 नवंबर को सुबह 09:11 बजे प्रारंभ होगी और समापन 02 नवंबर को सुबह 07:31 मिनट पर होगा। उदया तिथि में देवउठनी एकादशी 1 नवंबर 2025 को मनाई जाएगी।
2. देवउठनी एकादशी व्रत का पारण कब किया जाएगा: देवउठनी एकादशी व्रत का पारण अगले दिन सूर्योदय के बाद करने का विधान है। एकादशी व्रत समाप्त करने को व्रत पारण कहते हैं। देवउठनी एकादशी व्रत का पारण 2 नवंबर को किया जाएगा।
3. देवउठनी एकादशी व्रत पारण मुहूर्त 2025: 2 नवंबर को एकादशी व्रत पारण का शुभ मुहूर्त दोपहर 01 बजकर 11 मिनट से दोपहर 03 बजकर 23 मिनट तक रहेगा। पारण के दिन हरि वासर समाप्त होने का समय दोपहर 12 बजकर 55 मिनट है।
4. हरि वासर के समय न करें एकादशी व्रत पारण: शास्त्रों के अनुसार, अगर द्वादशी तिथि सूर्योदय से पहले समाप्त हो जाए, तो एकादशी व्रत का पारण सूर्योदय के बाद ही होता है। द्वादशी तिथि के भीतर एकादशी व्रत का पारण न करना पाप करने के समान माना जाता है। कहते है कि एकादशी व्रत का पारण हरि वासर के दौरान भी नहीं करना चाहिये। हरि वासर द्वादशी तिथि की पहली एक चौथाई अवधि है।
5. एकादशी व्रत पारण में क्या खाना चाहिए: एकादशी व्रत का पारण तुलसी दल या जल का सेवन करके करना चाहिए। इसके बाद भगवान विष्णु को भोग लगाकर स्वयं भोजन करना चाहिए।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। इन्हें अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।





